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राजीव गांधी फ़ाउंडेशन के ज़रिए ईसाई मिशनरियों को दिया जा रहा था पैसा

यूपीए सरकार के दौरान प्रधानमंत्री राहत कोष से लाखों रुपये राजीव गांधी फ़ाउंडेशन को देने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। यह सवाल उठ रहा था कि आख़िर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से लेकर तमाम सरकारी कंपनियों और सीधे सरकार के पैसे गांधी परिवार के एक निजी फ़ाउंडेशन में दिए तो जा रहे थे, लेकिन उस रक़म को खर्च कहां पर किया गया? बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसका खुलासा किया है। शनिवार (27 जून) को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जेपी नड्डा ने कहा कि “राजीव गांधी फ़ाउंडेशन ने डोनेशन में मिली रक़म को राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को ट्रांसफ़र कर दिया और वहाँ से बड़ी मात्रा में रक़म ईसाई धर्मांतरण संस्था वर्ल्ड विजन (World Vision) को दे दी गई।” वर्ल्ड विजन वैसे तो गरीबों की सहायता के नाम पर काम करती है, लेकिन उसका असली धंधा धर्मांतरण का है। यह भी पढ़ें: हमेशा से हिंदू विरोधी रही है कांग्रेस, 10 सबसे बड़े सबूत

‘ईसाई मिशनरियों को दिया गया पैसा’

राजीव गांधी फ़ाउंडेशन के गोरखधंधों के बारे में जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कुल 10 सवाल पूछे। इनमें से उनका सवाल नंबर-9 बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि “राजीव गांधी फ़ाउंडेशन ने पैसा तो लिया ही लिया, देने का भी काम किया। राजीव गांधी फ़ाउंडेशन से पैसे राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को दिए गए। इसका नियंत्रण भी गांधी परिवार के ही हाथ में है। यहाँ से पैसा क्रिश्चियन मिशनरी संस्था वर्ल्ड विजन तक पहुँचाया गया।” ये अपने आप में बहुत बड़ा खुलासा है क्योंकि कांग्रेस और सोनिया गांधी पर पहले से ही ईसाई मिशनरियों की मदद करने और बड़ी संख्या में हिंदुओं का धर्मांतरण कराने का आरोप है। यह भी पढ़ें: संतों की हत्या पर अर्णब गोस्वामी ने क्यों कहा, इटली रिपोर्ट भेजेंगी एंतोनिया माइनो

क्या काम करती है वर्ल्ड विजन संस्था?

वर्ल्ड विजन एक अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो भारत में एनजीओ की तरह काम करती है। संस्था का दावा है कि वो बच्चों के कल्याण के लिए काम करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि वो धर्मांतरण कराती है। यहाँ तक कि अभी कोरोना संकट में भी यह संस्था विवादों में है। कोरोना के नाम पर ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी एमेज़ॉन और न्यूज़ चैनल एनडीटीवी जो चंदा लोगों से बटोर रहे हैं वो भी वर्ल्ड विजन को ही देते हैं। जिससे वो सहायता के नाम पर धर्मांतरण कराता है। तमिलनाडु की पार्टी डीएमके ने भी हाल ही में इसे 6 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। कुछ समय पहले यूपी के फ़तेहपुर में भी इस संस्था पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगा था। यह भी पढ़ें: जब हिंदू बनने के चक्कर में रंगे हाथ पकड़ी गईं प्रियंका वाड्रा

वर्ल्ड विजन के पीछे कांग्रेस का समर्थन

वर्ल्ड विजन जो काम करती है वो एक लिहाज़ से बेहद ख़तरनाक भी है। ये लोगों से गरीब बच्चों की पढ़ाई स्पॉन्सर करने को कहती है। कई आम लोग इस झाँसे में पड़ जाते हैं। लेकिन जिन बच्चों को यह संस्था स्पॉन्सर करती है उनकी जब तक पढ़ाई पूरी होती है पूरा परिवार ईसाई बन चुका होता है। यह देखा गया है कि ये संस्था उन राज्यों में सबसे ज़्यादा सक्रिय होती है जहां पर कांग्रेस की सरकार होती है। कई बार ये सरकार के साथ मिलकर उसके तंत्र का भी अपने मक़सद के लिए इस्तेमाल करती है। वर्ल्ड विजन ने बीजेपी के भी कई नेताओं को निजी तौर पर रिश्वत खिलाकर उपकृत किया है। यही कारण था कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार के बावजूद वर्ल्ड विजन के कार्यक्रमों में कुछ मंत्री और विधायक जाया करते थे। यह भी पढ़ें: हिंदुओं को तोड़कर नया धर्म बनाना चाहती है कांग्रेस

नीचे आप बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का बयान सुन सकते हैं।

यह भी पढ़ें: हिंदू धर्म के ख़ात्मे के लिए सोनिया गांधी का गेमप्लान!

(न्यूज़लूज़ टीम)

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