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इन ‘हिंदूफोबिक’ महिलाओं पर इतनी मेहरबान क्यों है मोदी सरकार?

दायें से इरा त्रिवेदी, अनुष्का शर्मा, एकता कपूर और सबा नकवी।

अक्सर यह आरोप लगता है कि मोदी सरकार के अंदर आज भी कई लोग हैं जो कांग्रेस कल्चर के हिसाब से चलते हैं। यह सवाल तब और भी अहम हो जाता है जब हिंदुओं से खुलेआम घृणा जताने वालों को सरकार की तरफ़ से प्रमोट किया जाता है। पिछले दिनों में ऐसी तीन महिलाएँ खूब सुर्खियों में रही हैं, जिन्होंने अपनी ज़ुबान और अपने काम से हिंदू धर्म को नीचा दिखाने का ही काम किया है। लेकिन मोदी सरकार उन पर अज्ञात कारणों से मेहरबान है। ये तीनों हैं अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, फ़िल्म प्रोड्यूसर एकता कपूर और योग गुरु इरा त्रिवेदी। सबसे ताजा मामला इरा त्रिवेदी का है, जिन्हें योग दिवस पर भारत सरकार के पर्यटन विभाग के कार्यक्रमों का जिम्मा सौंपा गया है। जानते हैं उनकी करतूतों के बारे में:

1. इरा त्रिवेदी

पर्यटन विभाग के ट्विटर हैंडल इनक्रेडिबल इंडिया (@incredibleindia) ने एक वेबिनार की चीफ गेस्ट के तौर पर इरा त्रिवेदी की तस्वीर पोस्ट (देखें नीचे) की है। इसकी तस्वीर आप नीचे देख सकते हैं। ऐसे आयोजनों में सरकार अच्छा-खासा पैसा देती है। अब बताते हैं कि इरा त्रिवेदी कौन हैं। ये दरअसल छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी नेता विद्याचरण शुक्ल की नाती हैं। उनके पिता विश्वपति त्रिवेदी 1977 बैच के IAS हैं। नाना और पिता के रसूख के दम पर कांग्रेस के जमाने में इन्हें सरकार से खूब फायदे मिलते रहे। बीजेपी के आने के बाद इसमें थोड़ी रुकावट आ गई। लेकिन पिछले 2018 में उन्हें दूरदर्शन पर योग सिखाने का कार्यक्रम मिल गया। इसके बाद हंगामा मच गया, क्योंकि इरा त्रिवेदी पिछले कुछ समय से चैनलों और सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म को लेकर घटिया बातें कर रही थीं। एक ट्वीट में उन्होंने इस्लाम को प्रगतिशील और हिंदू धर्म को दकियानूसी बताया था। योग टीचर होने के बावजूद वो गोमांस खाने की वकालत करती हैं और कहती हैं कि इससे प्रोटीन मिलता है।

मोदी सरकार की मेहरबानियाँ: 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इरा त्रिवेदी ने नरेंद्र मोदी की पत्नी के बारे में लेख लिखा था और उनकी निजी जिंदगी पर बेहूदी बातें की थीं। ये टाइम्स ऑफ इंडिया के ब्लॉग पर पोस्ट भी हुआ था। बाद में भी वो टाइम्स ऑफ इंडिया में उनके खिलाफ बेहद ओछी बातें लिखती रहीं। लेकिन अक्टूबर 2014 में जब उन्हें अपनी किताब ‘India in Love’ लॉन्च करवानी थी तो तब के केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाईक पहुंच गए। कोई बीजेपी या संघ समर्थक अपनी किताब के लिए टाइम मांगता तो मंत्री कभी नहीं देते। खबर आई कि आयुष मंत्रालय ने उन्हें इस दौरान काफी कुछ सरकारी काम भी दिया। इरा त्रिवेदी मी टू (#Metoo) विवाद के समय भी चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने लेखक चेतन भगत पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। बाद में चेतन भगत ने उनको भेजे इरा त्रिवेदी के सारे ईमेल सार्वजनिक कर दिए थे, जिनमें इरा त्रिवेदी ही उनसे अश्लील बातें कर रही हैं।

नीचे आप वो पोस्टर देख सकते हैं, जिसे पर्यटन विभाग ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जारी किया।

नीचे आप इरा त्रिवेदी का वो ट्वीट देख सकते हैं, जिसमें उन्होंने क़ुरान को प्रगतिशील और हिंदू धर्म को ‘बहुत गहराई तक दक़ियानूसी’ बताया था। कई लोग बताते हैं कि वो योग गुरु के चोले में हैं, लेकिन वास्तव में इस्लाम क़बूल चुकी हैं और हिंदू नाम रखते हुए हिंदुओं को लेकर दुष्प्रचार कर रही हैं। अक्सर ऐसा करने पर इस्लामी संगठनों से मोटा फ़ायदा मिलता है।

2. अनुष्का शर्मा

अभी हाल में ही हिंदुओं के ख़िलाफ़ नफ़रत से भरी वेब सीरीज़ ‘पाताललोक’ को बनाने वाली अनुष्का शर्मा पर भी मोदी सरकार का आयुष मंत्रालय मेहरबान है। योग दिवस के लिए उन्होंने एक वीडियो बनाया जिसमें वो लोगों से घर पर रहकर योग करने के लिए कह रही हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर पहले से भारी हंगामा मचा हुआ है।

3. एकता कपूर

अब तक टीवी सीरियलों में हिंदू धर्म के प्रतीकों को बेहद हल्के रूप में दिखाने वाली एकता कपूर को इसी साल 26 जनवरी को पद्मश्री दिया गया। कहा जाता है कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से नज़दीकी का उन्हें फ़ायदा मिला। एकता ने अति तब कर दी जब उन्होंने एक वेबसीरीज में सेना के एक जवान की पत्नी के अवैध रिश्तों को दिखाया।

मोदी सरकार हिंदुओं के वोट से सत्ता में आई है, लेकिन अक्सर उसके मंत्री कुछ न कुछ ऐसा करते रहते हैं जिससे हिंदुओं के भरोसे को ठेस पहुँचती है। ऐसी ही एक लिस्ट आप नीचे देख सकते हैं:

  • सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जिहादी पत्रकार सबा नकवी की किताब लॉन्च की। जबकि वो बीजेपी समर्थक लेखकों और पत्रकारों को कभी समय नहीं देते।
  • लॉकडाउन शुरू होने के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सबा नकवी के एक ट्वीट पर ख़ुद उनके घर गैस सिलेंडर पहुंचवाया और इसकी जानकारी ट्वीट करके दी।
  • धर्मेंद्र प्रधान इससे पहले आजतक की एक महिला पत्रकार की तारीफ़ों में ट्वीट कर चुके हैं। जबकि वो बीजेपी के ख़िलाफ़ ज़हर उगलने में सबसे आगे रही है।
  • बेंगलुरु से युवा सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा चुनाव के बाद हिंदुओं को लेकर भद्दी-भद्दी बातें कहने वाले कुणाल कालरा नाम के मसखरे को इंटरव्यू दिया।
  • मोदी सरकार के गृह मंत्रालय के एक विभाग ने कांग्रेसी प्रोपोगेंडा वेबसाइट ऑल्टन्यूज को सही ख़बरें जानने के लिए प्रमाणित स्त्रोत का दर्जा दिया।
  • आज भी मोदी सरकार के कई मंत्री और नेता एनडीटीवी, आजतक और द प्रिंट जैसे घनघोर हिंदुत्व विरोधी मीडिया संस्थानों को सबसे पहले इंटरव्यू देते हैं।
  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल बड़े गर्व के साथ मीडिया के आगे कह चुके हैं कि वो पूजा करने से पहले कलमा पढ़ते हैं।
  • बीजेपी सांसद मनोज तिवारी निष्पक्ष पत्रकारों के बजाय कांग्रेसी प्रोपोगेंडा वेबसाइटों जैसे- न्यूज़लाउंड्री, लल्लनटॉप वग़ैरह को इंटरव्यू देना ज़्यादा पसंद करते हैं।

(न्यूज़लूज़ टीम)

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