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‘लद्दाख में चीन घुस गया’ का झूठ फैलाने वाले इन 3 चेहरों को पहचान लीजिए

चीन के साथ लद्दाख में सीमा विवाद के बीच भारत में कुछ ऐसी आवाज़ें भी लगातार सुनाई दे रही हैं, जो शक पैदा करती हैं। दरअसल राहुल गांधी और सेना के कुछ रिटायर्ड अधिकारी लगातार लद्दाख को लेकर ऐसी बयानबाजी कर रहे थे जिससे लोगों के बीच भ्रम फैला। हम जिन दो सैनिक अधिकारियों की बात कर रहे हैं वो हैं- लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एचएस पनाग और रिटायर्ड कर्नल अजय शुक्ला। यही वो लोग थे जो सेना के खंडन के बावजूद लगातार कह रहे थे कि चीन ने भारत की बड़ी जमीन पर कब्जा कर लिया है। सोमवार और मंगलवार की रात गलवान वैली में हुई झड़प के बाद यह बात पूरी तरह से साफ हो गया है कि ये तीनों झूठ बोल रहे थे। कौन हैं ये तीनों लोग आगे हम आपको बारी-बारी बताते हैं:

1. राहुल गांधी का ‘चीन प्रेम’

राहुल गांधी पिछले कुछ हफ़्तों से लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जिनसे वास्तव में देश के लिए उनकी निष्ठा पर ही शक पैदा होता है। पहले उन्होंने सरकार से सवाल पूछा। सरकार ने जवाब भी दिया कि दोनों सेनाएँ आपने-सामने हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि चीन हमारे इलाक़े में घुस आया हो। सेना ने भी आश्वासन दिया। लेकिन राहुल गांधी नहीं माने और कभी मीडिया रिपोर्ट्स तो कभी चीन के दुष्प्रचार के आधार पर बयानबाज़ी करते रहे। राहुल गांधी ने लगभग ऐसा ही बर्ताव डोकलाम विवाद के समय भी किया था और उस वक़्त भी वो ग़लत साबित हुए थे। राहुल के इशारे पर कांग्रेस नेताओं ने तो सारी मर्यादाएँ तोड़ दीं और सेना प्रमुख और सेना को लेकर भी अपमानजनक बातें कह डालीं। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने तो बाक़ायदा सेना प्रमुख एमएम नरवणे का मज़ाक़ तक उड़ाया। यह भी पढ़ें: क्या चीन के इशारे पर सेना से सबूत माँग रहे हैं राहुल गांधी?

2. ‘कांग्रेसी कर्नल’ अजय शुक्ला

अजय शुक्ला (ऊपर दायीं तस्वीर) सेना में कर्नल रहे हैं और रिटायरमेंट के बाद पत्रकारिता करने लगे। वो एनडीटीवी समेत कुछ मीडिया संस्थानों में रक्षा से जुड़ी रिपोर्टिंग करते रहे हैं। अजय शुक्ला के साथ समस्या यह है कि वो एक सैनिक और पत्रकार के तौर पर हमेशा से ही संदिग्ध रहे हैं। उन पर कांग्रेस के ज़माने में डिफ़ेंस सौदों में दिलचस्पी लेने आरोप लगते रहे हैं। अजय शुक्ला का एक परिचय यह भी है कि कांग्रेस की कोर टीम के सदस्य रहे सुमन दुबे उनके जीजा हैं। सुमन दुबे दून स्कूल में राजीव गांधी के साथ पढ़े हैं। यही कारण था कि वो कांग्रेस पार्टी और ख़ासतौर पर गांधी परिवार के बेहद क़रीब हो गए। 2013 में इनाम के तौर पर कांग्रेस ने उन्हें डीडी न्यूज़ का संपादक बना दिया था। 2014 के बाद से अजय शुक्ला ज़्यादातर ऐसी ख़बरें करते हैं जो वास्तव में चीन और पाकिस्तान का प्रोपोगेंडा होती हैं। राहुल गांधी ने उनके ऐसे ही एक लेख को रीट्वीट भी किया था। यह भी पढ़ें: वो अफ़सर जिन्होंने कांग्रेस से छिपाकर दौलतबेग ओल्डी हवाई पट्टी खोला था

3. एचएस पनाग का अजीब लेख

लेफ़्टिनेंट जनरल पनाग का सबसे बड़ा परिचय है कि 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वो आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। वो अभिनेत्री गुल पनाग के पिता भी हैं। सेना के अधिकारी के तौर पर वो सम्मानित माने जाते रहे हैं। लेकिन राजनीति में आने के बाद से उनकी बातें संदेह पैदा करने वाली हैं। भारत-चीन के सैनिक अधिकारियों की मुलाक़ात से ठीक पहले 4 जून को उन्होंने ‘द प्रिंट’ नाम के वेब पोर्टल में लेख लिखा था कि चीन ने भारत की बड़ी ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर लिया है और अच्छी-खासी संख्या में उसके सैनिक भारतीय इलाक़े में आ गए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यहाँ तक दावा कर दिया था कि बातचीत में चीन हावी होगा। माना जाता है कि यह पूरा लेख किसी विदेशी ताक़त के इशारे पर लिखा और छपवाया गया था।

राहुल गांधी, अजय शुक्ला और एचएस पनाग के भ्रामक दावों का कारण वही बेहतर बता सकते हैं, लेकिन सच ये है कि इससे पहले 2010 और 2013 में जब चीन ने भारत के बड़े इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया था तब इनमें से किसी ने भी मुँह नहीं खोला था। यह बात सामने आ चुकी है कि 2010 से 2013 के बीच चीन ने लद्दाख में भारत की क़रीब 700 वर्ग किलोमीटर ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर लिया। इसके अलावा 1962 की लड़ाई के समय जवाहरलाल नेहरू ने गिलगित बल्टिस्तान का बड़ा इलाक़ा और और पूरा अक्साई चिन चीन को दे दिया था। जबकि 2017 में डोकलाम विवाद के समय भारतीय सेना ने चीन को एक इंच भी आगे नहीं बढ़ने दिया था।

(न्यूज़लूज़ टीम)

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