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कोरोना का नाटक कर रहे हैं केजरीवाल?, जनता के शक के 5 कारण

ख़बर है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोरोना वायरस संक्रमण का शक है। उनको एक दिन पहले से ही हल्का बुख़ार और गले में ख़राश की शिकायत है। जिसके बाद से वो आइसोलेशन में चले गए हैं। मंगलवार यानी 9 जून को उनका कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। ध्यान देने वाली बात है कि केजरीवाल इस दौरान कहीं भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं गए। वो अपने घर और दफ़्तर तक ही सीमित थे। रविवार को जब केजरीवाल ने प्रेस वार्ता करके यह एलान किया था कि दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ़ दिल्ली के लोगों का ही इलाज होगा, बाहर के लोगों का नहीं तब भी वो कैमरे पर बिल्कुल स्वस्थ दिख रहे थे। यही कारण है कि कई लोग उनके संक्रमण के दावे पर संदेह जता रहे हैं। इसके जो कारण बताए जा रहे हैं वो इस प्रकार हैं:

कारण नंबर-1, ध्यान भटकाने की चाल

दिल्ली सरकार कोरोना के आगे बुरी तरह नाकाम साबित हुई है। एक के बाद एक मुख्यमंत्री के झूठ पकड़े गए हैं। अस्पतालों में बेड न होने के कारण लोगों की जान जा रही है। यह स्थिति तब है जब केजरीवाल दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को वर्ल्ड क्लास का बताया करते थे। सोशल मीडिया में कई लोगों ने लिखा है कि केजरीवाल ने ध्यान भटकाने की अपनी पुरानी स्टाइल को आज़माया है। ऐसा करके मीडिया का पूरा ध्यान उन्होंने आम लोगों की बजाय अपनी तरफ़ खींच लिया। ऐसे में अस्पतालों में हो रही तबाही पर किसी का ध्यान नहीं जाएगा। साथ ही दूसरे राज्यों के लोगों का इलाज न करने के फ़ैसले को लेकर उपजा ग़ुस्सा भी ठंडा पड़ जाएगा। यह भी पढ़ें: पिता के लिए मदद माँगती रही बेटी, महिला पत्रकार का हेयरकट कराते रहे केजरीवाल

कारण नंबर-2, हालात बिगड़ने वाले हैं

कई लोगों का मानना है कि केजरीवाल के बीमार पड़ने का ये सबसे सही समय है क्योंकि दिल्ली में आने वाले 10-15 दिनों में हालात और भी बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। यही कारण था कि पिछले 3-4 दिन से सरकार के आदेश पर नए मरीज़ों के टेस्ट का काम रोक दिया गया था ताकि आँकड़ों को कम दिखाया जा सके। लेकिन ऐसा करना ज़्यादा दिन तक संभव नहीं है। जब स्थितियाँ और भी ख़राब होंगी तब केजरीवाल एक्शन से दूर होंगे और वो आसानी से कोई नया बहाना बना सकेंगे। केजरीवाल को यह भी इंतज़ार है कि उनके कार्यक्षेत्र में किसी तरह से केंद्र सरकार दखल दे। यह भी पढ़ें: दिल्ली में वसूली रैकेट का सबसे काबिल चेहरा है केजरीवाल का ये विधायक

कारण नंबर-3, दिल्ली दंगों में बुरे फँसे

दिल्ली में पिछले साल दिसंबर से लेकर इस साल फ़रवरी के अंत में डोनल्ड ट्रंप की यात्रा तक हुई हिंसा की घटनाओं में भी अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी की भूमिका सीधे तौर पर सामने आई है। न्यायालय में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल करने का काम जारी है। अब तक केजरीवाल के करीबी ताहिर हुसैन का रोल खुलकर सामने आ चुका है। यह भी पता चला है कि वो ISI के इशारे पर काम कर रहा था। दंगों में खुद केजरीवाल और उनके सबसे विश्वस्त संजय सिंह की भी गर्दन फंसी हुई है। यह भी पढ़ें: दंगों से ठीक पहले बार-बार किससे फोन पर बात कर रहा था ताहिर हुसैन

कारण नंबर-4, छुट्टी मनाने का समय है

गर्मी का मौसम वैसे भी अरविंद केजरीवाल के लिए सपरिवार छुट्टियाँ मनाने का होता है। आम तौर पर फरवरी-मार्च महीने में वो बेंगलुरु के नेचुरोपैथी अस्पताल में इलाज के नाम पर मसाज के लिए जाते हैं। पहले वो खांसी के इलाज के नाम पर जाते थे जब खांसी ठीक हो गई तब भी हर साल वो हफ़्ते दस दिन सरकारी खर्चे पर छुट्टी मनाने के लिए ज़रूर जाते हैं। इस साल पहले दिल्ली दंगों और फिर कोरोना संक्रमण के कारण नहीं जा सके। ऐसे में उन्हें क्वारंटाइन का ये बहाना सूझा है ताकि आराम कर सकें। पढ़ें पूरी रिपोर्ट: केजरीवाल के मसाज पर जनता के 33 लाख रुपये स्वाहा

कारण नंबर-5, अपने प्रचार का मौक़ा

सोशल मीडिया पर कई लोग लिख रहे हैं कि केजरीवाल के लिए बीमारी का ये बहाना अपना प्रचार करने के लिए है। आम आदमी पार्टी आईटी सेल लगातार #GetWellSoonAK और #TakeCareAK ट्रेंड करा रहा है। यह जताने की कोशिश की जा रही है कि कोरोना से दिल्ली को बचाते-बचाते केजरीवाल खुद भी उसकी चपेट में आ गए। जबकि सच्चाई यह है कि वो घर से बाहर तक नहीं निकले।

यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत में कोरोनावायरस को लेकर केजरीवाल की भूमिका वही रही है, जो दुनिया में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की। निज़ामुद्दीन में तब्लीगी जमात के मामले में केजरीवाल का रोल किसी से छिपा नहीं है। बाद में भी वो गंभीरता से प्रयास करने के बजाय मीडिया की मदद से झूठ बोलते रहे। यही कारण है कि लोगों में उनके लिए कुछ ख़ास सहानुभूति नहीं है। बीमारी का दावा सच हो या झूठ, न्यूज़लूज़ उम्मीद करता है कि केजरीवाल जल्द स्वस्थ होकर उस काम के लिए लौटेंगे, जिसके लिए लोगों ने उन्हें वोट दिया था।

लोगों का ग़ुस्सा सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है। नीचे कुछ उदाहरण:

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