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वो 5 मौक़े जब भारत के लिए केजरीवाल की निष्ठा पर शक पैदा हुआ

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने एक विज्ञापन जारी किया है, जिसमें सिक्किम को अलग देश की तरह दिखाया गया है। लोग इस विज्ञापन को देखकर चौंके और विरोध दर्ज कराया। लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है कि विज्ञापन में यह चूक जानबूझकर की गई। क्योंकि चीन के ‘प्रोजेक्ट सिक्किम’ (इसी पेज पर सबसे नीचे) पर केजरीवाल काफ़ी समय से काम कर रहे हैं।  अभी नेपाल के साथ सीमा विवाद की ख़बरें चल रही हैं। चीन पर्दे के पीछे रहकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में दिल्ली सरकार का ये विज्ञापन चीन की उसी रणनीति का हिस्सा मालूम होता है। क्योंकि ये कोई ऐसी गलती नहीं है जो आम तौर पर होती रहती हो। ऐसे कई मामले हैं जब केजरीवाल या उनकी पार्टी ने कुछ ऐसा किया जिससे देश के लिए उनकी निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगता है। देखते हैं ऐसे 5 बड़े मामले।

1. चीन के एजेंडे पर काम

दिल्ली में जब निज़ामुद्दीन मरकज़ का खुलासा हुआ, तभी बड़ी चालाकी के साथ झुग्गी-बस्तियों में यह अफ़वाह फैलाई गई थी कि यूपी बॉर्डर पर बसों का इंतज़ाम है और जो लोग जाना चाहें वो यूपी और बिहार में अपने घरों के लिए जा सकते हैं। इसके लिए बाक़ायदा लाउडस्पीकरों का भी इस्तेमाल किया गया था। दिल्ली सरकार ने डीटीसी की बसों से लोगों को आनंद विहार बॉर्डर पर छोड़ना भी शुरू कर दिया। आरोप है कि यह षड्यंत्र किसी विदेशी एजेंसी के इशारे पर किया गया था, ताकि पूरे देश में कोरोना वायरस फैलाया जा सके। देश के ज़्यादातर राज्यों में कोरोना मरीज़ों की संख्या इसी कारण तेज़ी से बढ़ी। यह भी पढ़ें: क्या चाइनीज़ वायरस फैलाने की साज़िश का हिस्सा बन गए केजरीवाल

2. सेना का फ़र्ज़ी वीडियो

भारतीय सेना में जाति के आधार पर कथित भेदभाव का एक वीडियो केजरीवाल के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने ट्वीट किया। यह फर्जी वीडियो काफ़ी पुराना है और आईएसआई इसका इस्तेमाल भारतीय सेना के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार में करती रही है। जैसे ही यह ट्वीट सामने आया सेना ने औपचारिक बयान जारी करते हुए एक बार फिर से इसका खंडन किया। लेकिन साथ में सेना ने जो कुछ कहा वो ऐतिहासिक था। सेना ने कहा कि यह वीडियो फैलाने वाले दुश्मन देश के एजेंट हैं। समझना मुश्किल नहीं कि इशारा किसकी तरफ़ है। पढ़ें पूरी ख़बर: केजरीवाल के मंत्री ने फैलाया ISI का फर्जी वीडियो, सेना ने कहा- दुश्मन का एजेंट

3. आईबी अफ़सर की हत्या

दिल्ली दंगों में अरविंद केजरीवाल की पार्टी की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। लेकिन आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का मामला केजरीवाल की बड़ी भूमिका की तरफ़ इशारा करती है। यह शक तभी सामने आया था कि ख़ुफ़िया अधिकारी होने के नाते वो AAP पार्षद ताहिर हुसैन पर नजर रख रहे थे। पढ़ें रिपोर्ट: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की सुपारी पर हुई अंकित शर्मा की हत्या

4. सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल

जब भी पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई होती है केजरीवाल सबसे आगे होते हैं जो कुछ न कुछ ऐसा करते हैं जिसका फ़ायदा दुश्मन को हो। यह काम पहली बार उन्होंने हरी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक के समय किया था। बाद में उन्होंने बालाकोट एयरस्ट्राइक पर भी सवाल खड़े करने की कोशिश की। सर्जिकल स्ट्राइक के समय केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा था कि पाकिस्तान नहीं, बल्कि भारत दुनिया में अलग-थलग हो गया है। इस ट्वीट के बाद आम आदमी पार्टी को मिलने वाले चंदे में भारी उछाल आया था। यह भी पढ़ें: जानिए क्यों पाकिस्तान की बोली बोल रहे हैं केजरीवाल?

5. खालिस्तानियों को छिपा समर्थन

पंजाब विधानसभा चुनाव के समय अरविंद केजरीवाल और खालिस्तानी आतंकवादियों के रिश्ते खुलकर सामने आए थे। उस समय पूर्व डीजीपी केपीएस गिल ने भी कहा था कि AAP जीती तो पंजाब में आतंकवाद लौट आएगा। यह बात भी सामने आई थी कि ISI ने पंजाब से AAP को जिताने के लिए भारी रकम खर्च की थी। यह भी पढ़ें: पंजाब चुनाव के लिए केजरीवाल को कौन फंड कर रहा है?

क्या है ‘प्रोजेक्ट सिक्किम’?

सिक्किम के साथ लगी सीमा पर चीन की हमेशा से नज़र रही है। डोकलाम विवाद के समय से यह इलाक़ा चर्चा में रहा है। सूत्रों के मुताबिक़ यहाँ पर चलने वाले अपने ऑपरेशन को चीन “प्रोजेक्ट सिक्किम” कहता है। 2017 में आम आदमी पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर पड़ी इस फ़ोटो पर लोगों ने ध्यान दिया था कि इसमें न तो कश्मीर था, न कच्छ और न ही सिक्किम।

 

हम नहीं कह सकते कि यह सब मात्र संयोग है या कोई सोची-समझी साज़िश। लेकिन बार-बार एक जैसी हरकतें आम आदमी पार्टी और उसके सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को लेकर संदेह पैदा करती हैं।

आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्य कुमार विश्वास ने भी इसी तरफ़ इशारा किया है।

उधर, विज्ञापन छपने के पूरे 14 घंटे बाद केजरीवाल ने ट्वीट करके विज्ञापन वापस लेने की सूचना दी। हालाँकि केजरीवाल ने इसमें भी अपनी सरकार के किए के लिए खेद जताने की ज़रूरत नहीं समझी।

(न्यूज़लूज़ टीम)

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