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भारत के ‘डरे हुए मुसलमानों’ ने दुबई की राजकुमारी को ‘काफिर’ करार दिया

चेन्नई के मंदिर में पूजा करती हुई राजकुमारी अल कासिमी। दायीं तस्वीर में उन्हें सामने से देखा जा सकता है।

भारत में इस्लामोफोबिया के नाम पर पिछले दिनों चर्चा में रही संयुक्त अरब अमीरात की राजकुमारी हेंद अल कासिमी अब मुस्लिम कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई हैं। सोशल मीडिया पर उनके ऊपर गालियों की बौछार हो रही है और उन्हें काफिर तक करार दिया गया। दरअसल राजकुमारी ने एक वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया जिसमें वो चेन्‍नै के गोल्‍डेन टेंपल में दर्शन और पूजा करते देखी जा सकती हैं। हालाँकि ये वीडियो पुराना है। लेकिन इसके सामने आते ही भारतीय मुसलमानों ने उनके ख़िलाफ़ मानो मोर्चा ही खोल दिया। ये वही राजकुमारी हैं जो पिछले दिनों तब्लीगी जमात के बचाव में आगे आई थीं और कहा था कि भारत के हिंदुओं में सहिष्णुता की कमी है। इस ट्वीट से उन्हें भारत के मुसलमानों की सहिष्णुता का अंदाज़ा लग गया होगा। यह भी पढ़ें: दुबई की राजकुमारी के भारत विरोधी अभियान का कांग्रेस कनेक्शन

हिंदू धर्म के सम्मान पर भड़के कट्टरपंथी

प्रिसेंस हेंद अल कासिमी ने लिखा कि “मैंने मुस्लिम होने के बाद भी पूजा की और मुझे मंदिर के अंदर अद्भुत ऊर्जा का अनुभव हुआ। मैंने भारत में पुड्डुचेरी के पहाड़ों को देखा। मैं खेतों में गई। मैंने साड़ी और बिंदी भी खरीदे। मैंने गोल्‍डेन टेंपल की यात्रा की। केले के पत्‍ते पर खाना खाया।” राजकुमारी ने बताया कि “पूरा मंदिर सोने से बना हुआ था। मैं मुस्लिम हूं लेकिन लोगों के साथ प्रार्थना को साझा करने के लिए गई थी। मंदिर में मैंने लक्ष्‍मी, श‍िव, हनुमान के दर्शन किए। उन पर जल अर्पित किया। उन्‍होंने कहा कि लोगों को अविश्‍वसनीय भारत को जरूर देखना चाहिए।” यही बात भारत के कट्टरपंथियों को चुभ गई। ख़ास बात है कि कुछ समय पहले तक वो राजकुमारी को उनके हिंदू विरोधी ट्वीट के कारण हाथों-हाथ ले रहे थे। उन्हीं के चलते दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और अरविंद केजरीवाल के करीबी कट्टरपंथी ज़फ़र उल इस्लाम ने अरब देशों से भारत की शिकायत की बात कही थी।

‘काफिर’ और ‘हराम’ शब्दों की बौछार

राजकुमारी हेंद अल कासिमी के इस वीडियो पर बवाल मच गया। मुस्लिम कट्टरपंथियों ने मंदिर में पूजा करने को ‘हराम’ बताकर पर उन्‍हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस पर राजकुमारी थोड़ी ही देर में दबाव में भी आ गईं। उन्होंने लिखा कि “यह हराम तब होता जब मैंने अपने खुदा के अलावा किसी और ईश्‍वर की इबादत की होती। मैं अपने खुदा की इबादत करती हूं और वे अपने। मैं मंदिर के वास्‍तुकला से बेहद प्रभावित हुई और सोने के मंदिर के ढांचे ने मन को मोह लिया। मैंने नए दोस्‍तों से मुलाकात की और उनके साथ खाना खाया। उनसे संस्‍कृति और धर्म पर बात की। इसमें गलत क्‍या है?” यह भी पढ़ें: क्यों इस्लाम छोड़कर भाग रही हैं सऊदी अरब की लड़कियाँ

एक ट्वीट के जवाब में अल कासिमी ने लिखा कि “क्‍या आप जानते हैं कि अगर आप दूसरे मुस्लिम को काफिर बुलाते हैं तो यह पाप है? अज्ञानवश अगर आप नहीं जानते हैं तो मैं आपको बता देती हूं।” इससे पहले भारत में तब्लीगी जमात को भड़के ग़ुस्से के समय राजकुमारी ने यह कहना शुरू कर दिया था कि भारत में इस्लामोफोबिया फैला हुआ है। नीचे आप उनका वो ट्वीट और वीडियो देख सकते हैं।

शहज़ादी के कभी ‘भारत विरोधी’ और कभी ‘भारत प्रेमी’ बनने के पीछे क्या रहस्य है यह तो कोई नहीं जानता, लेकिन इस घटना ने भारत के ‘पीड़ित और दबे-कुचले’ और सेकुलर मुसलमानों का असली चेहरा एक बार फिर से सामने ला दिया है।

(न्यूज़लूज़ टीम)

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