Home » Loose Top » ममता के बंगाल में राम का मतलब ‘रोमिंग’, स्कूली किताब में हिंदूफोबिया
Loose Top

ममता के बंगाल में राम का मतलब ‘रोमिंग’, स्कूली किताब में हिंदूफोबिया

देश में सेकुलरिज्म के नाम पर क्या-क्या हो रहा है, इसकी एक चौंकाने वाली मिसाल पश्चिम बंगाल में देखने को मिली है। यहाँ पर स्कूली किताबों में भगवान राम के बारे में बच्चों को जो कुछ बताया जा रहा है उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। बंगाल के स्कूलों में छठी क्लास के बच्चों की किताब के अनुसार संस्कृत में राम शब्द का अर्थ होता है रोमिंग (Roaming)। यह अंग्रेजी से लिया गया शब्द है। इसका मतलब होता है घुमक्कड़। किताब के अनुसार भगवान राम घुमक्कड़ या खानाबदोश जाति से ताल्लुक रखते थे और उत्तर भारत में घूमा करते थे। इतिहास की यह किताब पिछले कुछ साल से पूरे राज्य के स्कूलों में पढ़ाई जा रही है। इस किताब को संपादित करने वाली का नाम शीरीन मसूद है, जो कि कलकत्ता विश्वविद्यालय की रिटायर्ड प्रोफेसर हैं।

स्कूल में हिंदुओं से घृणा की पढ़ाई

बंगाल के स्कूलों में सेकुलरिज्म के नाम पर जो कुछ पढ़ाया जा रहा है वो हिंदुओं के लिए घृणा की निशानी है। लेकिन इस किताब में तो मानो सारी हदें ही तोड़ दी गई हैं। इतिहास की इस किताब के चैप्टर-4 में रामायण को आर्यों के आक्रमण की थ्योरी (Aryan Invasion theory) से जोड़ा गया है। इसके अनुसार प्राचीन काल में मध्य एशिया से आर्यों ने भारत पर हमला किया और पूरे उपमहाद्वीप को अपने कब्जे में ले लिया। वो पहले उत्तर भारत में बसे फिर उन्होंने दक्षिण भारत में भी रहना शुरू कर दिया। किताब में राम को विदेशी बताने के लिए ‘राम’ और ‘रोमिंग’ के बीच का यह रिश्ता स्थापित किया गया है। किताब में रावण का महिमांडन किया गया है और उसे मूलनिवासी बताया गया है। इसके अनुसार “आर्य हमलावरों ने रावण को बुराई का प्रतीक कहना शुरू कर दिया और मूलनिवासियों को असुर और राक्षस जैसे नाम दे दिए।” यह सबकुछ तब पढ़ाया जा रहा है जब आर्यों के हमले की ये पूरी कहानी वैज्ञानिक तौर पर डीएनए अध्ययनों में फर्जी साबित हो चुकी है।

मज़हबी ज़हर फैला रही हैं ममता

बंगाल में पहले वामपंथी सरकारों और बाद में ममता बनर्जी ने स्कूली किताबों को अपने हिंदू विरोधी एजेंडे का औज़ार बना रखा है। ममता के राज में यह काम खुलेआम किया जा रहा है। कुछ समय पहले ही यह बात सामने आई थी कि स्कूली किताबों से उन शब्दों को हटाया जा रहा है जिनमें हिंदू धर्म का कोई प्रतीक झलकता है। उदाहरण के लिए इंद्रधनुष (Rainbow) को बांग्ला में ‘रामधेनु’ कहते हैं। किताबों में रामधेनु शब्द को बदलकर उनकी जगह ‘रंगधनु’ कर दिया गया। इसी तरह मां-पिता, मम्मी-पापा जैसे शब्दों को हटाकर ‘अम्मी-अब्बा’ कर दिया गया। अगर किसी कहानी में हिंदू बच्चा है तो वो भी अपनी मां को ‘अम्मी’ और पिता को ‘अब्बा’ बोलता है। इस बारे में हमने विस्तार से रिपोर्ट भी पोस्ट की थी, उसे पढ़ें: बंगाल से बाहर हुए राम, पापा बने अब्बा और मां बनीं अम्मी

लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर आपत्ति जताई है। नीचे आप किताब के पेज की तस्वीर देख सकते हैं।

हिंदुओं की धार्मिक आस्था के नाम पर यह खिलवाड़ काफ़ी समय से चल रहा है। लेकिन पिछले कुछ समय में इसमें तेज़ी आई है। हिंदू धर्म के कथावाचकों के अली मौला और अल्लाह-अल्लाह करने के पीछे भी कुछ ऐसा ही मामला दिखाई देता है। पढ़ें रिपोर्ट: रामकथा के नाम पर अली मौला क्यों जप रहे हैं कथावाचक

(आशीष कुमार की रिपोर्ट)

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें


कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!