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अयोध्या में धरती खोदते ही निकली भगवान राम की प्राचीन धरोहर

अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनाने का काम शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत के साथ ही जन्मभूमि पर भगवान राम की प्राचीन धरोहरों के मिलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मंदिर निर्माण के लिए 11 मई से जेसीबी मशीनों की मदद से भूमि समतल करने का काम चल रहा है। इस दौरान कई जगहों पर खुदाई भी की जा रही है। इसमें देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ-साथ ऐसे तमाम पुरावशेष मिल रहे हैं जो गवाही देते हैं कि कभी इस जगह पर बहुत बड़ा और भव्य मंदिर रहा होगा। फ़िलहाल इन अवशेषों को राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सहेज रहा है। यह भी पढ़ें: 27 साल 3 महीने 20 दिन… तिरपाल से निकलकर मंदिर में पहुँचे रामलला

प्राचीन मंदिर के ढेरों सबूत निकले

जो अवशेष पाए गए हैं उनमें मंदिर में लगने वाला आमलक, कलश, पाषाण के खंभे और चौखट शामिल हैं। इन पर बनीं कलाकृतियाँ बताती हैं कि ये मंदिर अपने आप में सुंदरता की एक मिसाल रहा होगा। पत्थरों पर बेहद बारीक क़िस्म की नक़्क़ाशी की गई है। एक ऐसा शिवलिंग भी पाया गया है जिसकी ऊँचाई क़रीब पाँच फ़ीट है। इस पर बहुत ही खूबसूरत नक़्क़ाशी का काम हुआ है। ज़्यादातर कलाकृतियाँ ब्लैक टंच स्टोन से बनी हुई हैं। खुदाई में यहाँ पर बना एक प्राचीन कुआँ भी पाया गया। इतना सब कुछ शुरुआती मिट्टी हटाने के काम में ही मिला है। फ़िलहाल वैज्ञानिक तरीक़े से यह पता लगाया जा रहा है कि ये किस काल के हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में राम जन्मभूमि की इस धरती के नीचे से काफ़ी कुछ बेशक़ीमती मिलने वाला है। यह भी पढ़ें: वेटिकन सिटी और मक्का से भी बड़ा और भव्य होगा राम मंदिर

लॉकडाउन के नियमों के तहत काम

कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के चलते अब तक काम शुरू नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब मिली छूट के बाद काम में तेज़ी आ गई है। ये पूरा इलाक़ा इतने सालों में किसी बीहड़ में बदल चुका है। सुरक्षा के लिए लगे ग्रिल और बैरियर वग़ैरह के कारण जगह-जगह काफ़ी कबाड़ पड़ा हुआ है। जिन्हें हटाना ही अपने आप में किसी चुनौती से कम नहीं है। फ़िलहाल तीन जेसीबी मशीनें, दो ट्रैक्टर, एक क्रेन और 10 मज़दूर लगाए गए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों नियमों को ध्यान में रखते हुए निर्माण का काम शुरू किया गया है। यह भी पढ़ें: केके मुहम्मद, वो शख़्स जिसने बाबरी ढाँचे के नीचे दबे राम मंदिर को ढूंढा

इस बीच केंद्र सरकार ने एलान किया है कि राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा देने वालों को इस रक़म पर 80जी के तहत आयकर में छूट मिलेगी। केंद्र सरकार ने 8 फरवरी को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। इसका खाता भी खोला गया है। इस खाते में 2 अप्रैल तक 5 करोड़ से अधिक की धनराशि दान के रूप में मिली है। इनमें 11 हजार से लेकर एक हजार एक रुपया तक दान के रूप में जमा हो रहा है। आयकर विभाग की छूट के बाद दान देने वाले अब दान की राशि भी बढ़ा देंगे। इससे ट्रस्ट को भी काफी लाभ मिलेगा।

इस बारे में श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय का बयान नीचे आप सुन सकते हैं।

नीचे आप 5 फ़ीट के शिवलिंग की तस्वीर को देख सकते हैं। इस पर खूबसूरत कलाकृतियाँ बनी हुई हैं। इसके भी काल का आकलन किया जा रहा है।

(न्यूज़लूज़ टीम)

 

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