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अब कांग्रेस का ‘बस घोटाला’, 1000 गाड़ियों की लिस्ट में स्कूटी, कार और ऑटोरिक्शा के भी नंबर

उत्तर प्रदेश में मज़दूरों को घर तक पहुँचाने के लिए एक हज़ार बसें खड़ी होने के प्रियंका गांधी वाड्रा के दावे की पोल खुल गई। उन्होंने दावा किया था कि यूपी की सीमा पर एक हज़ार बसें खड़ी हैं लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दे रही है। इस पर यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए फ़ौरन बसों का ब्यौरा भेजने को बोल दिया। इसके बाद देर रात प्रियंका वाड्रा के निजी सचिव ने कथित तौर पर 1000 बसों की एक लिस्ट उत्तर प्रदेश शासन को भेजी। जब इस लिस्ट की जाँच की गई तो पता चला कि इसमें से कई मोटरसाइकिल, स्कूटी, थ्रीव्हीलर, छोटी कार और कुछ दूसरी गाड़ियाँ हैं। इस लिस्ट में टाटा 407 जैसी गाड़ियाँ भी हैं जिनमें सवारी ढोना ग़ैरक़ानूनी है। कुछ ऐसी बसों के नंबर भी हैं जिनको ट्रैफ़िक नियमों के बार-बार उल्लंघन के जुर्म में ब्लैकलिस्ट किया गया है। इनमें से ज़्यादातर वाहन राजस्थान नंबरों के हैं, जो कहां पर खड़े हैं कोई नहीं जानता। क्योंकि इस लिस्ट के साथ प्रियंका वाड्रा के सचिव संदीप सिंह ने जो चिट्ठी भेजी है उसमें यह भी लिखा है कि इतनी खाली बसें भेजना संसाधनों की बर्बादी है। यह भी पढ़ें: मजदूरों के लिए 1000 बसों का ब्लफ मार रही थीं वाड्राइन, योगी ने बुरा फंसा दिया

बसों के नाम पर बुरी फँसी कांग्रेस

बताया जा रहा है कि बसों की जो लिस्ट सौंपी गई है उनमें से ज़्यादातर वो हैं जो राजस्थान सरकार की तरफ़ से दी गई हैं। कांग्रेस हाईकमान के कहने पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत कल देर शाम तक बसों की तलाश में जुटे रहे। पार्टी से जुड़े सभी बस सर्विस ऑपरेटरों को नंबर और ड्राइवर के नाम देने को कहा गया। बड़ी मेहनत के बाद भी मुश्किल से 100 बसें अरेंज हो पाईं। लिस्ट को भरने के लिए कुछ कारों, टेंपो और यहाँ तक कि छोटी माल ढुलाई की गाड़ियों के नंबर भी डाल दिए गए। एक नंबर RJ14TD1446 है, जब लोगों ने इस नंबर कि डिटेल निकाली तो पता चला कि ये शेवरले बीट कार का नंबर है। इसी तरह RJ14PB5171 नंबर की जो बस बताई गई है वो दरअसल सरकारी स्कीम NRHM की एंबुलेंस का नंबर है। लिस्ट में 12वें नंबर पर ही जो डिटेल दी गई है वो एक ऑटो की है। UP83T1006 नंबर का ऑटो यूपी के फिरोजाबाद में रजिस्टर है। इस तरह कुल मिलाकर लिस्ट में वाहनों की संख्या 200 से कुछ कम ही बैठती है। जबकि दावा था कि 1000 बसें बिल्कुल तैयार हालत में यूपी की सीमा पर खड़ी हैं और योगी सरकार उन्हें अंदर नहीं आने दे रही है।

राजस्थान की जनता देगी भाड़ा?

राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग पैदल बिहार और झारखंड की तरफ़ जा रहे हैं। वहाँ पर सरकार बसों का इंतज़ाम नहीं कर रही है, लेकिन वहाँ की बसें यूपी सरकार को ऑफ़र करना ही बताता है कि मामला क्या है। यह सवाल भी उठ रहा है कि जिन वाहनों के नंबर उत्तर प्रदेश सरकार को औपचारिक तौर पर भेजे गए हैं उनका खर्चा कौन उठाएगा। ज़ाहिर बात है कि कांग्रेस यह खर्च उठाने से रही, सारा पैसा राजस्थान सरकार के ख़ज़ाने से जाएगा। लिस्ट में जिन बस ऑपरेटरों के नाम हैं हमने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी औपचारिक तौर पर कोई जानकारी देने को तैयार नहीं हुआ। सभी ने या तो फ़ोन काट दिया या पता नहीं होने की बात कह दी। यह बात सामने आ रही है कि जिन बसों के नंबर भेजे गए हैं उनमें से कई ख़राब भी हो सकती हैं। क्योंकि कुछ राजस्थान के अलग-अलग इलाक़ों में गैराज में खड़ी हैं।

झूठ पकड़े जाने पर चिढ़ी कांग्रेस

प्रियंका वाड्रा ने साफ़ तौर पर लिखा था कि बसें ग़ाज़ियाबाद और नोएडा से लगी सीमाओं पर खड़ी हैं। उन्होंने कुछ तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए थे। एनडीटीवी चैनल में पत्रकार के तौर पर काम करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता उमाशंकर सिंह ने भी ऐसी एक तस्वीर शेयर की थी। बाद में ये सारी तस्वीरें और वीडियो या तो पुराने या फ़र्ज़ी निकले। इसकी खीझ प्रियंका वाड्रा के निजी सचिव की तरफ़ से भेजी गई चिट्ठी में दिखाई देती है, जिसमें उन्होंने आख़िरी पैरा में लिखा है कि इतनी बड़ी संख्या में बसें लखनऊ भेजना संसाधनों की बर्बादी है। जबकि लखनऊ भेजने की कोई बात ही नहीं है। जो भी बसें हैं उन्हें यूपी में एंट्री की अनुमति दी गई है। बशर्ते ऐसी कोई बस हो भी। यह समाचार लिखे जाने तक दिल्ली से लगी उत्तर प्रदेश की ग़ाज़ियाबाद और नोएडा दोनों सीमाओं पर कांग्रेस की तरफ़ से भेजी एक भी बस नहीं पहुँची थी। नीचे आप प्रियंका वाड्रा के निजी सचिव का पत्र देख सकते हैं।

यूपी सरकार ने प्रियंका वाड्रा को दोबारा याद भी दिलाया है कि वो कृपा करके 12 बजे तक ग़ाज़ियाबाद बॉर्डर पर अपनी बसें रवाना कर दें।

नीचे आप उस वाहन के नंबर का ब्यौरा देख सकते हैं जिसे बस बताया गया था, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन चेक करने पर स्कूटी निकला।

(न्यूजलूज़ टीम)

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