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मज़दूरों के लिए 1000 बसों का ब्लफ मार रही थीं वाड्राइन, योगी ने फँसा दिया

कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा को मज़दूरों के लिए 1000 बसों का ढोंग करना महँगा पड़ गया। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रियंका वाड्रा को चिट्ठी लिखकर ट्विटर पर उनकी पेशकश को स्वीकार कर लिया है और कहा है कि बिना किसी देरी के बसों का ब्यौरा और ड्राइवर कंडक्टर के नाम सरकार को दें ताकि मज़दूरों को उन बसों पर बिठाकर ले जाया जा सके। यह जानकारी सामने आई है कि एक दिन पहले प्रियंका वाड्रा ने एक वीडियो ट्वीट किया था जिसमें ढेर सारी बसें सड़क पर खड़ी दिखाई दे रही हैं, प्रियंका ने दावा किया कि ये वो बसें हैं जिनका किराया कांग्रेस ने दिया है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इन बसों को लेने को तैयार नहीं है। जबकि हज़ारों मज़दूरों को पैदल चलकर उनके घरों तक जाना पड़ रहा है। प्रियंका ने कल जब यह ट्वीट किया था तब मीडिया ने उसे बहुत ज़ोर-शोर से दिखाया था, लेकिन किसी ने यह नहीं बताया कि आख़िर वो बसें कहां पर खड़ी हैं, जिनकी बात प्रियंका कर रही हैं।

सीएम योगी का ताबड़तोड़ हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर प्रियंका वाड्रा को टैग करके पूछा है कि “अगर आपके पास 1000 बसें हैं तो अब तक आपने इनकी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध क्यों नहीं कराई? अब भी जल्दी से जल्दी इन बसों के नंबर ड्राइवर और कंडक्टर के ब्यौरे के साथ सरकार को जमा करें। ताकि मज़दूरों को इन बसों में बिठाकर पहुँचाया जा सके।” दरअसल प्रियंका झूठ बोल रही थीं और उनको भरोसा नहीं था कि यूपी सरकार इस तरह उनको फँसा देगी। योगी ने इस ट्वीट के साथ ही कांग्रेस के उस दावे पर भी सवाल खड़े कर दिए कि मज़दूर केंद्र या यूपी सरकार के कारण पैदल चल रहे हैं। उन्होंने पूछा कि आपकी सरकार वाले राज्य जैसे राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र मज़दूरों को ट्रकों में भरकर क्यों भेज रहे हैं? इसी कारण यूपी के औरैया में 23 मज़दूरों की हादसे में जान गई। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कांग्रेस शासित राज्य श्रमिक ट्रेनें क्यों नहीं ले रहे हैं?

रेल किराये पर भी बोला था झूठ

इसी तरह कुछ दिन पहले सोनिया गांधी ने दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी श्रमिक एक्सप्रेस गाड़ियों से ले जाए जा रहे मज़दूरों का सारा किराया उठाएगी। जबकि केंद्र सरकार पहले ही तय कर चुकी थी कि किराया केंद्र और राज्य सरकारें आपस में मिलकर बाँटेंगीं। चूँकि शुरू में इसका फ़ॉर्मूला तय नहीं हो पाया था इसलिए थोड़ा भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। लेकिन कांग्रेस ने इसके बाद भी कोशिश जारी रखी। कई जगह रेलवे स्टेशनों पर जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ट्रेन में बैठे लोगों को पर्चे बाँटे कि उनका किराया कांग्रेस पार्टी ने दिया है। ऐसा लग रहा है कि माँ के बोले उसी झूठ को प्रियंका ने यूपी में दोहराने की कोशिश की थी।

नीचे आप प्रियंका गांधी वाड्रा का ट्वीट देख सकते हैं:


प्रियंका के इस ट्वीट पर योगी आदित्यनाथ के कार्यालय की तरफ़ से यह जवाब दिया गया है।

मुख्यमंत्री के ट्वीट के फ़ौरन बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नोटिस जारी करके प्रियंका वाड्रा से अविलंब बसों का ब्यौरा देने को कह दिया।

समाचार लिखे जाने तक प्रियंका वाड्रा या कांग्रेस की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया है। जो कांग्रेस कल तक झूठ बोलकर ख़ुद को मज़दूरों का हितैषी साबित करने की कोशिश में थी वो फ़िलहाल किसी नई दलील की तलाश में दिख रही है।

(न्यूज़लूज़ टीम)

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