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केजरीवाल के मंत्री ने फैलाया ISI का वीडियो, सेना ने कहा “दुश्मन का एजेंट”

ऐसे समय में जब देश कोरोनावायरस के संकट से जूझ रहा है और एलओसी पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को लेकर गतिविधियां तेज़ हैं, आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ से एक बार फिर से कुछ संदिग्ध हरकतें शुरू हो गई हैं। इस बार खुद अरविंद केजरीवाल सामने नहीं आए, बल्कि उन्होंने अपने एक कैबिनेट मंत्री को आगे किया है। केजरीवाल के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें भारतीय सेना का एक जवान कथित तौर पर बोल रहा है कि उसके अधिकारी ने उस पर जातिसूचक टिप्पणी की। केजरीवाल के मंत्री ने इस ट्वीट के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भी टैग किया है। दरअसल ये वीडियो काफी पुराना है और सेना उस मामले की जांच करके नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी भी कर चुकी है। ऐसे में समझना मुश्किल नहीं है कि देश के लिए इस नाजुक मौके पर केजरीवाल के एक मंत्री ने यह पुराना वीडियो क्यों फैलाया। यह शंका इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर केजरीवाल और उनकी पार्टी की गतिविधियां अक्सर संदेह पैदा करने वाली होती हैं। यह भी पढ़ें: ये है केजरीवाल की जिहादी चौकड़ी, करतूत जानकर रह जाएंगे हैरान

वीडियो के खिलाफ सेना का कड़ा बयान

भारतीय सेना ने एक औपचारिक बयान जारी करके दिल्ली सरकार के मंत्री की हरकत की कड़ी निंदा की है। इस बयान में कहा गया है कि “दुश्मनों के एजेंटों ने एक बार फिर से उस वीडियो को बनाया और फैलाया है। बिना भारतीय सेना से पुष्टि किए सेना को बदनाम करने की नीयत से की गई यह हरकत खेदपूर्ण है। भारतीय सेना को गर्व है कि वो सभी भारतीय समाजों के वीरों को मिलाकर बनती है। हमारे लिए जाति, मत और मजहब जैसी बातों का कोई मतलब नहीं है।” स्पष्ट है कि अपने बयान में सेना ने इशारा कर दिया है कि केजरीवाल और उनके मंत्री कौन हैं और उनकी मंशा क्या है। क्योंकि जब 2017 में यह वीडियो पहली बार सामने आया था तभी उसकी जांच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका का पता चला था। यह बात भी स्पष्ट है कि रणनीतिक तौर पर इस बेहद अहम समय पर यह वीडियो सामने लाने का मकसद यही है कि भारतीय सेना को जातियों और संप्रदाय के आधार पर तोड़ा जा सके। क्योंकि राजेंद्र पाल गौतम ने जैसे ही यह वीडियो ट्वीट किया पाकिस्तान में ISI से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स ने इसे फैलाने का काम शुरू कर दिया। यह भी पढ़ें: पाकिस्तान के इशारे पर चुनाव आयोग पर केजरीवाल के हमले

केजरीवाल की गतिविधियां रही हैं संदिग्ध

अरविंद केजरीवाल हमेशा से पाकिस्तान को लेकर अपनी नीतियों के कारण शक के दायरे में रहे हैं। वो केजरीवाल ही थे जिन्होंने आतंकी अड्डों पर सर्जिकल ऑपरेशन का सबूत सेना से मांगा था। इसी तरह चुनावों से ठीक पहले केजरीवाल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर आरोप लगाने शुरू कर दिए थे। तब भी यह आरोप लगा था कि वो ऐसा जानबूझकर कर रहे हैं ताकि भारतीय लोकतंत्र की विश्वसनयीता को संदिग्ध बना सकें। चुनाव आयोग को लेकर केजरीवाल के बयानों को पाकिस्तानी मीडिया ने खूब तूल दिया था और कहा था कि केजरीवाल ने भारतीय लोकतंत्र की पोल खोल दी है। इसी तरह नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली में पिछले दिनों हुई हिंसा के पीछे भी आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगे हैं। उसमें रॉ के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या और हिंदुओं की दुकानों और मकानों पर हुए हमलों में आम आदमी पार्टी की भूमिका जांच के दायरे में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सर्दियों में भारत ऑपरेशन पीओके के लिए तैयार था, लेकिन ठीक उसी समय ये दंगे एक सोची-समझी साजिश का नतीजा थीं, ताकि सरकार को उसके अंदरूनी मामलों में ही उलझाया जा सके। अब जब एक बार फिर से पीओके को लेकर गतिविधियां तेज हुई हैं भारतीय सेना को लेकर आम आदमी पार्टी का यह षड़यंत्र उन्हीं आरोपों की एक बार फिर से पुष्टि कर रहा है।

नीचे आप सेना के बयान को लेकर एएनआई की खबर का ट्वीट देख सकते हैं। इसमें ही आप राजेंद्र पाल गौतम का के ट्वीट का स्क्रीनशॉट देख सकते हैं, जिसे उन्होंने अब डिलीट कर दिया है।

केजरीवाल के मंत्री ने बड़ी की अकड़ और धौंस के साथ अपना ट्वीट तो वापस ले लिया, लेकिन यह वीडियो आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया विंग से जुड़े लोग अब भी फैला रहे हैं। साथ ही अपने मंत्री की इस हरकत पर अब तक अरविंद केजरीवाल ने चुप्पी साध रखी है।

फिलहाल सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि सेना के खिलाफ इस दुष्प्रचार के लिए केजरीवाल और उनके मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। क्योंकि कोई आम व्यक्ति ऐसा करता तो उस पर भी कानूनन ऐसी कार्रवाई जरूर की गई होती।
(न्यूज़लूज़ टीम)

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