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‘मिशन मुज़फ़्फ़राबाद’ पर काम जारी, POK पर ये है मोदी का प्लान

पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले जम्मू कश्मीर के इलाक़ों को वापस लेने के लिए भारत ने प्लान तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक़ इसके पहले चरण पर काम लगभग पूरा भी हो चका है। दरअसल इसके बाद ही पाकिस्तान से औपचारिक तौर पर कहा गया है कि वो बँटवारे में भारत के हिस्से के इलाक़ों को सौंप दे। साथ ही मौसम विभाग से कहा गया है कि वो अब से पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले इलाक़ों के लिए भी मौसम का पूर्वानुमान जारी किया करे। इसी के तहत गूगल मैप से कहकर उसमें नियंत्रण रेखा का निशान हटवाया गया है। हालाँकि गूगल ने अभी ये लाइन सिर्फ़ भारत में गूगल मैप देखने वालों के लिए हटाई है। उच्चस्तरीय सूत्रों से मिली ख़बर के अनुसार पीएम मोदी ख़ुद इस ‘मिशन मुजफ्फराबाद’ की निगरानी कर रहे हैं। न्यूज़लूज़ पर हमने रिपोर्ट दी थी कि पीओके को लेकर भारत सरकार ने सर्दियों में ही ऑपरेशन की तैयारी की थी, लेकिन तब नागरिकता कानून पर विरोध प्रदर्शनों की आग भड़काकर पाकिस्तान के हितैषियों ने इसमें अड़ंगा डाल दिया था।

पीओके के लिए क्या है रणनीति?

दरअसल इन दिनों कोरोना वायरस के खिलाफ भारत पूरी दुनिया की मदद करने में जुटा हुआ है। किसी को दवाइयाँ भेजी जा रही हैं तो किसी को डॉक्टरों और मेडिकल उपकरणों की ज़रूरत है। कई देशों ने अपने नागरिकों को निकलवाने में भारत से मदद ली है। सहायता माँगने वाले दुनिया के ढेरों देश हैं, इनमें वो यूरोपीय और खाड़ी देश भी हैं, जो कभी-कभार पाकिस्तान की मदद कर दिया करते हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ऐसी सहायता बिना किसी क़ीमत के नहीं की जाती। हमारे सूत्रों के अनुसार भारत सरकार हर देश के आगे अपना पक्ष रख रही है कि धारा 370 हटाने के बाद अब हम बँटवारे के समय तय हुए अपने इलाक़े को वापस हासिल करना चाहते हैं। पिछले दिनों गुटनिरपेक्ष देशों (NAM) के वर्चुअल सम्मेलन में भी प्रधानमंत्री ने आतंकवाद का जिक्र किया था और पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग आतंक का जानलेवा वायरस, फर्जी खबरें और फर्जी वीडियो फैलाने में लगे हैं। पीएम का इशारा देश में इस्लामोफोबिया के नाम पर पाकिस्तान के प्रोपोगेंडा वॉर की तरफ था। यह भी पढ़ें: एक-दो नहीं, पाकिस्तान के कुल 4 टुकड़े होंगे

मोदी से घबराया हुआ है पाकिस्तान

कोरोना काल में भारत की ऐसी आक्रामक कार्रवाई की पाकिस्तान को जरा भी उम्मीद नहीं थी। इसी चक्कर में उसने पिछले कुछ दिनों में एलओसी पर गोलीबारी तेज़ कर दी है और हाल में हुए आतंकी हमलों के पीछे भी यही नीयत है। पाकिस्तान इन हमलों के ज़रिए दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। साथ ही पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने दुनिया के कई देशों के प्रमुखों से बात करके अपनी सफ़ाई पेश की है। पाकिस्तान की घबराहट का जो सबसे बड़ा कारण है वो है चीन, जोकि कोरोना वायरस के बाद अपनी ही मुश्किलों में फँसा हुआ है। ये ऐसा समय है जब चीन इस मामले से दूर रहना ही चाहेगा। क्योंकि भारत अगर पीओके पर अपना दावा ठोंक रहा है तो यह क़ानूनी तौर पर ग़लत भी नहीं है।

नीचे आप शंकराचार्य द्वारा स्थापित हिंदुओं के चार मठों में से एक शारदा पीठ की तस्वीर देख सकते हैं। ये पीओके की नीलम वैली में आज बेहद जर्जर हालत में है। उम्मीद है कि हिंदुओं का यह महत्वपूर्ण तीर्थ जल्द ही वापस मिल सकेगा।

चीन इससे पहले धारा 370 पर भी पाकिस्तान को गच्चा दे चुका है। हालाँकि चीन को दिक़्क़त सिर्फ़ तब होगी जब भारत अक्साई चिन वाले इलाक़े की भी बात करे। जम्मू कश्मीर राज्य का अक्साई चिन इलाक़ा चीन के क़ब्ज़े में है। ये इलाक़े उसे पाकिस्तान ने ही तोहफ़े में दिए हैं।
(न्यूज़लूज़ टीम)

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