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महाभारत युद्ध के समय क्या थी भीष्म पितामह की उम्र? जानने के लिए पढ़ें

महाभारत की कहानी में हम सभी देखते हैं कि भीष्म पितामह को इच्छामृत्यु का वरदान मिला हुआ था और वो तभी मरे जब उनकी मर्ज़ी हुई। लेकिन इस युद्ध के समय उनकी उम्र क्या थी? दरअसल प्राचीन काल गणना के नियमों से इस प्रश्न का उत्तर भी ढूंढा जा चुका है। इसके हिसाब से महाभारत के सभी चरित्रों की आयु 100 के आसपास थी, लेकिन भीष्म पितामह इन सबसे कहीं अधिक उम्रदराज थे। आयुर्वेद के अनुसार मनुष्य की आयु लगभग 120 साल होती है। लेकिन कोई चाहे तो अपने योगबल से इससे अधिक भी जी सकता है। यही कारण है कि कई साधु-संतों और योगियों के 300 से 500 साल तक जीने की कथाएं सुनने को मिलती हैं। एक नजर डालते हैं उस गणना पर जिससे आपको भीष्म पितामह और बाकी महारथियों की उम्र का अंदाजा लग पाएगा।

भीष्म पितामह के उम्र का हिसाब

भीष्म यानी देवव्रत हस्तिनापुर के राजा शांतनु की पहली पत्नी गंगा के आठवें पुत्र थे। महाभारत की गणना के अनुसार भीष्म ने जब आजीवन ब्रह्मचारी रहने का प्रण किया था तब उनकी उम्र 22 साल थी। उसी समय बूढ़े पिता शांतनु ने सत्यवती के साथ दूसरा विवाह किया था। शांतनु के निधन के बाद भीष्म ने सत्यवती के बेटे और रिश्ते में अपने छोटे भाई चित्रांगद को राजा बनवाया। राज्याभिषेक के समय चित्रांगद 20 साल के थे। यानी भीष्म तब 22+20 यानी 42 साल के हो चुके थे। लेकिन 8 साल बाद ही चित्रांगद की एक युद्ध में मौत हो गई। यानी तब भीष्म 50 साल के हो चुके थे। भीष्म अपनी प्रतिज्ञा के कारण ख़ुद राजा नहीं बन सकते थे, इसलिए उन्होंने चित्रांगद के छोटे भाई विचित्रवीर्य को राजा बनवाया। जो उस समय मात्र 16 साल के थे। पाँच साल बाद विचित्रवीर्य की काशी के राजा अंबिका और अंबालिका से शादी हुई। यानी इस समय तक भीष्म 50+5=55 वर्ष के हो चुके थे। विवाह के 8 साल बाद ही विचित्रवीर्य को क्षयरोग (ट्यूबरकुलोसिस) हो गया। जिससे उनकी मृत्यु हो गई। अब भीष्म 55+8=63 साल के हो चुके थे।

चित्रांगद और विचित्रवीर्य दोनों ही पुत्रहीन मरे थे, इसलिए संकट पैदा हो गया कि अब किसे राजगद्दी पर बिठाया जाए। भीष्म प्रतिज्ञा से बंधे थे वो न तो राजा बन सकते थे और न ही विवाह कर सकते थे। फिर तय हुआ कि अंबिका और अंबालिका ऋषि द्वैपायन व्यास के साथ नियोग (संतानोत्पत्ति की प्राचीन परंपरा) करेंगी ताकि भावी राजा का जन्म हो सके। इससे धृतराष्ट्र और पांडु का जन्म हुआ। जब धृतराष्ट्र और पांडु पैदा हुए तब तक 2 साल और बीत चुके थे। यानी भीष्म 63+2=65 साल के हो चुके थे। पांडु का राज्याभिषेक 18 साल की उम्र में हुआ था। उन्होंने लगभग 12 साल तक राज्य किया था। जिसके बाद एक शाप का शिकार होकर वो राजपाट छोड़कर हिमालय में रहने लगे। यानी अब तक भीष्म 65+18+12=95 साल के हो चुके थे। पांडु के बाद धृतराष्ट्र को गद्दी मिल गई। इसके बाद 4-5 साल में धृतराष्ट्र और पांडु की संतानों का जन्म हुआ। यानी भीष्म अब लगभग 100 साल के हो चुके थे। लाक्षागृह की घटना के समय दुर्योधन की उम्र 20 साल थी। इस हिसाब से भीष्म 120 साल के हो चुके थे। जिस समय पांडवों ने इंद्रप्रस्थ की स्थापना की थी तब युधिष्ठिर लगभग 32 साल के थे। यानी भीष्म अब 132 साल के हो चुके थे। नीचे जो चित्र है वो महाभारत युद्ध के समय भीष्म और भगवान कृष्ण का है। भीष्म ने इतना भयंकर युद्ध किया कि कृष्ण को अपनी प्रतिज्ञा तोड़कर उन्हें रोकने के लिए लपकना पड़ा था। तब अर्जुन ने उनके पाँव पकड़कर रोक लिया था।

इंद्रप्रस्थ में युधिष्ठिर का शासन लगभग 25 साल तक चला। इसके बाद उन्होंने राजसूय यज्ञ किया। यानी इस समय युधिष्ठिर 57 और भीष्म 157 साल के हो चुके थे। राजसूय यज्ञ के दौरान ही द्यूत क्रीड़ा का कार्यक्रम हुआ था, जिसमें पांडवों को अपना सारा राजपाट गंवाना पड़ा था। इसमें उन्हें 12 वर्ष का वनवास और 1 वर्ष का अज्ञातवास मिला। यानी ये सब पूरा करने के बाद युधिष्ठिर 57+13=70 साल के हो चुके थे और भीष्म की आयु 170 वर्ष् थी। कुछ महीने तक वादविवाद के बाद महाभारत का युद्ध हुआ। अगर इन चार-पांच महीनों को ज़्यादा महत्व न दें, तब भी युद्ध के समय भीष्म 170 साल के ऊपर ही थे। 18 दिन तक महाभारत की लड़ाई चली थी और इसका अंत होने पर भीष्म पितामह ने देहत्याग की थी।

क्या इतनी लंबी आयु संभव है?

महाभारत काल के ग्रंथों के अनुसार उस समय 200 वर्ष की उम्र होना सामान्य था। महाभारत के लगभग 2500 साल बाद भी भारत में लोगों की उम्र 150 साल तक हुआ करती थी। इसका बड़ा कारण शुद्ध वायु, वातावरण, योग और ध्यान था।

कब हुआ था महाभारत का युद्ध?

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार महाभारत का युद्ध 22 नवंबर 3067 ईसा पूर्व के दिन शुरू हुआ था। आर्यभट्‍ट के अनुसार महाभारत युद्ध 3137 ईसा पूर्व में हुआ था। ये अंतर गणनाओं के दो तरीक़ों के कारण है। इतना तय है कि दोनों में से कोई एक गणना अवश्य ही सही है। तब भगवान श्रीकृष्ण 55 या 56 वर्ष के थे। कुछ विद्वान मानते हैं कि उनकी उम्र 83 वर्ष की थी। महाभारत युद्ध के 36 वर्ष बाद उन्होंने देह त्याग दी थी। इसका मतलब 119 वर्ष की आयु में कृष्ण ने देहत्याग किया था। कलयुग का आरंभ श्रीकृष्ण के निधन के 36 वर्ष पश्चात हुआ।

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