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भारत ही नहीं, पाकिस्तान में भी महिला डॉक्टरों को नहीं बख्श रहे ‘जमाती’!

भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित तब्लीगी जमात के मरीज़ों की ख़बरें सुर्खियों में है। कई जगह अस्पताल की नर्सों ने शिकायत की है कि जमात के लोग वार्ड में बिना पैंट पहने घूमते हैं और नर्सों पर भद्दे कमेंट्स करते हैं। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ये समस्या सिर्फ भारत की नहीं है, पाकिस्तान में भी कोरोनावायरस के इलाज में लगी महिला डॉक्टर और नर्सें भी कुछ इन्हीं हालात का सामना कर रही हैं। ये वो डॉक्टर और नर्सें हैं जो अपनी और अपने परिवारों की सुरक्षा को जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा कर रही हैं। पाकिस्तान में एक महिला डॉक्टर ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर बयान की है। बिया अली ज़ायब (Biya Ali Zaib) नाम की इस महिला डॉक्टर ने ट्विटर पर बताया है कि कैसे उन्होंने एक वॉलेंटियर के तौर पर मरीजों को डॉक्टरी सलाह देने का काम शुरू किया था। इसके लिए उन्होंने अपना फोन नंबर और फेसबुक मैसेंजर पब्लिक किया, ताकि लोग अपने सवाल उन पर पूछ सकें। लेकिन बदले में उनके पास सेक्स और फ्रेंडशिप के प्रस्ताव आने लगे। परेशान होकर उन्होंने अपना काम बंद कर दिया।

कई डॉक्टरों ने सुनाई आपबीती

लाहौर की रहने वाली डॉक्टर बिया अली ने बताया है कि पिछले कुछ दिनों में मैं अश्लील फ़ोन मैसेज से परेशान हो चुकी हूँ। मैंने सोचा था कि मुसीबत के इस समय में मैं पाकिस्तान के अपने नागरिकों की कुछ सेवा करूँगी लेकिन लगता है कि लोगों की दिलचस्पी कुछ और ही है। शुरू में मैंने ऐसे नंबरों को ब्लॉक करना शुरू किया, लेकिन फिर पाया कि ये इतने अधिक हैं कि मेरा सारा समय इन्हें ब्लॉक करने में ही चला जा रहा है। इसके बाद दिमाग़ ऐसा नहीं रह जाता कि सुकून के साथ अपने काम पर ध्यान दे सकूँ।” इसी तरह डॉक्टर अंजा ने पाकिस्तानी अख़बार द डॉन से बातचीत में कहा है कि “महिला डॉक्टरों के लिए यह अनुभव नया नहीं है। यह तभी से शुरू हो जाता है जब आप मेडिकल कॉलेज में दाख़िला लेते हैं। प्रोफ़ाइल में डॉक्टर शब्द देखते ही सोशल मीडिया पर ढेरों लोग आपके पास तरह-तरह की बातें करने चले आते हैं।” अख़बार ने डॉक्टर फ़िज़ा का अनुभव भी बताया है जिन्होंने कोरोना वायरस के लिए वॉलेंटियर के तौर पर काम शुरू किया है। उन्होंने कहा है कि “अक्सर ऐसा होता रहता है कि पूरा दिन ख़राब हो जाता है।” टेलीमेडिसिन ऐप्स के ज़रिए दूरदराज़ के इलाक़ों में सेवा देने वाली ऐसी ढेरों महिला डॉक्टरों को आए दिन यह स्थिति झेलनी पड़ती है।

कौन हैं छेड़खानी करने वाले लोग?

दरअसल ये पाकिस्तान के आम लोग हैं। इनकी व्यक्तिगत तौर पर पहचान साबित नहीं। हो पाती है क्योंकि आज तक ऐसे किसी भी मामले में पाकिस्तानी पुलिस ने किसी के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई नहीं की। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट की जाँच की तो पता चला कि ज़्यादातर वो लोग हैं जो मदरसों या मज़हबी शिक्षा से जुड़े हुए हैं। महिला डॉक्टरों पर ऐसी अश्लील टिप्पणियाँ करने वालों में यूनिवर्सिटी और कॉलेज के छात्र लगभग न के बराबर हैं। बड़ी संख्या में 50 साल से ज़्यादा उम्र वाले अधेड़ लोगों को भी भद्दे कमेंट करते पाया गया है। इनमें से ज़्यादातर इतने जाहिल हैं कि उन्हें यह भी नहीं पता कि सोशल मीडिया अकाउंट से उनके घर का पता भी लगाया जा सकता है। ऐसे वक़्त में जब पाकिस्तान में कोरोना वायरस का संकट गहराता जा रहा है वहाँ के लोगों की ऐसी हरकतों के बावजूद पुलिस अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

(dawn.com के इनपुट्स के साथ न्यूज़लूज़ टीम)

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