Home » Loose Top » झंडेवालान मंदिर के भंडारे को बताया ‘केजरीवाल का किचन’, ‘आजतक’ की करतूत
Loose Top

झंडेवालान मंदिर के भंडारे को बताया ‘केजरीवाल का किचन’, ‘आजतक’ की करतूत

कोरोना वायरस के नाम पर दिल्ली सरकार के विज्ञापनों का असर दिखाई देने लगा है। विवादित न्यूज़ चैनल ‘आजतक’ ने अपनी वेबसाइट पर झंडेवालान मंदिर को केजरीवाल का किचन बता डाला। दरअसल दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में रोज़ क़रीब 10 हज़ार लोगों को खाना खिलाया जा रहा है। लॉकडाउन से बेरोज़गार हुए ग़रीबों और मजदूरों के लिए ये मंदिर बड़ा सहारा बनकर सामने आया है। क्योंकि यहाँ पर 22 मार्च को लगे जनता कर्फ़्यू के बाद से ही लोगों की सेवा का काम शुरू कर दिया गया था। आसपास के इलाक़ों के ढेरों लोग जिनमें सभी धर्मों के लोग शामिल हैं, इस मंदिर में रोज़ आकर खाना खा रहे हैं। दूसरी तरफ़ दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार दावा कर रही है कि वो रोज़ 4 लाख लोगों को खाना खिला रही है, लेकिन लगातार यह बात सामने आ रही है कि या तो खाने-पीने के कोई इंतज़ाम नहीं किए गए हैं या अगर किए गए हैं तो सिर्फ़ दिखावे के लिए। ऐसे में मंदिर के किचन को ‘केजरीवाल का किचन’ बताने को विज्ञापनों का असर माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें: महामारी के बीच केजरीवाल ने मीडिया को खरीदा और मीडिया बिक भी गया

पकड़े गए तो ख़बर एडिट कर दी

सोशल मीडिया पर पोल खुलने के बाद आजतक चैनल ने उस ख़बर को डिलीट करके माफ़ी माँगने के बजाय, उसे ही एडिट कर दिया। संपादकीय तौर पर ऐसा करना अनैतिक माना जाता है। नीचे आप पहले और बाद दोनों की ख़बर पढ़ सकते हैं। आजतक चैनल के सूत्रों के अनुसार, “यह जानबूझकर की गई गलती थी। दरअसल संपादकीय टीम पर दिल्ली सरकार की छवि सुधारने का भारी दबाव है।” दिल्ली से पिछले दिनों हुए यूपी बिहार के लोगों के पलायन के बाद जिस तरह से केजरीवाल सरकार की फ़ज़ीहत हुई है उसके बाद से मीडिया का एक वर्ग बड़ी सफ़ाई से उस दाग़ को धोने में जुटा है। ठीक यही स्थिति दिल्ली में हुए दंगों के समय भी सामने आई थी, जब आम आदमी पार्टी के विधायकों और पार्षदों का नाम आने के बावजूद चैनल ने बीज़ेपी नेताओं पर हमले शुरू कर दिए थे।

मीडिया को विज्ञापनों से ख़रीदा

कोरोना वायरस से मची दहशत के बाद दिल्ली से हुए पलायन में आम आदमी पार्टी की भूमिका साफ़ तौर पर सामने आ चुकी है, लेकिन मीडिया में इसकी ख़बरें आपको नहीं मिलेंगी। क्योंकि दिल्ली सरकार ने केजरीवाल के संदेश के तौर पर एक विज्ञापन जारी करके मीडिया का मुँह बंद कर दिया। नतीजा ये है कि आजतक जैसे चैनलों पर ख़ुद को केजरीवाल के लिए ज़्यादा वफ़ादार साबित करने का दबाव है। जिस रिपोर्टर ने झंडेवालान मंदिर की ख़बर दिखाई है वो भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता की तरह माना जाता है। चैनल के संपादक उसे उन्हीं जगहों पर भेजते हैं जहां पर उसे केजरीवाल के लिए प्रचार का काम करना हो। लेकिन इस बार चैनल की चोरी पकड़ी गई।

AAP का चैनल है ‘आजतक’!

2013 में दिल्ली चुनाव से ठीक पहले आजतक चैनल ही केजरीवाल चैनल के साथ सेटिंग करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। वो घटना आज भी ‘बहुत क्रांतिकारी कांड’ के नाम से मशहूर है। तब बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ऑन रिकॉर्ड आरोप लगाया था कि आजतक चैनल आम आदमी पार्टी के लिए काम करता है और अपनी ख़बरों के ज़रिए उसका प्रचार करता
है। दिल्ली विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए हिंदू विरोधी दंगों में भी आजतक चैनल की भूमिका बेहद संदिग्ध रही थी। दिल्ली चुनाव के दौरान इस चैनल ने केजरीवाल के समर्थन में फ़र्ज़ी ख़बरों की झड़ी लगा दी थी। ऐसे में झंडेवालान मंदिर का ताज़ा मामला उसी की एक कड़ी भर है। फ़र्क़ सिर्फ़ यह है कि इस बार चैनल की चोरी पकड़ी गई। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करके इस ख़बर पर आपत्ति भी दर्ज कराई है।

नीचे आप आजतक चैनल की चालाकी का नमूना देख सकते हैं, जिसने पहले केजरीवाल का किचन बताया और पोल खुलने पर फिर चुपके से ख़बर की हेडलाइन बदल दी, लेकिन ख़बर के अंदर अब भी लिखे रखा कि ये ‘केजरीवाल का किचन’ है।

झंडेवालान मंदिर ने ये कम्युनिटी किचन RSS की संस्था सेवा भारती के साथ मिलकर शुरू किया है। इसके तहत ज्यादातर लोगों को खाना उनके घर पर डिलीवर किया जा रहा है। ताकि मंदिर पर लोगों की भीड़ न जुटे।

(न्यूज़लूज़ टीम)

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...
Don`t copy text!