Home » Loose Top » ‘दिल्ली में घरों की बिजली काटी, बसों में भरकर हमें बॉर्डर पर छोड़ दिया’
Loose Top

‘दिल्ली में घरों की बिजली काटी, बसों में भरकर हमें बॉर्डर पर छोड़ दिया’

चाइनीज़ वायरस की दहशत से दिल्ली से बड़े पैमाने पर बिहार और यूपी के लोगों के पलायन पर अरविंद केजरीवाल सरकार बुरी तरह से फँस गई है। दिल्ली से यूपी पहुँचे लोगों ने बताया कि उनके घरों की बिजली-पानी काट दी गई। यह जानकारी भी सामने आ रही है कि यह अफवाह उड़ाई गई कि ये लॉकडाउन अब कम से कम तीन महीने तक चलने वाला है। ऐसे में कमाई का कोई रास्ता नहीं बचेगा और लोगों को घर ही जाना होगा। 24 तारीख को लॉकडाउन होने के बाद दिल्ली के तमाम इलाकों में लोगों तक खाने-पीने के सामान पहुंचाने की कोई कोशिश नहीं की गई। कई लोग 2-2 दिन से भूखे थे। कहा गया कि अगर कोई जाना चाहें तो डीटीसी की बस से यूपी बॉर्डर तक चले जाएं, आगे आपको घर तक जाने की बस मिल जाएगी। नतीजा ये हुआ कि 27 मार्च यानी शुक्रवार दोपहर से ही लोग बसों में भर-भरकर यूपी से सटे आनंद विहार तक पहुंचाए जाने लगे। कई लोग तो पैदल ही आनंद विहार के लिए चल दिए, क्योंकि उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि डीटीसी बसों के टिकट खरीद सकें। कई लोगों ने यह भी बताया कि डीटीसी बसों वाले हर यात्री से 100 रुपये तक टिकट के पैसे मांग रहे थे।

रात तक विस्फोटक हालात बने

दिल्ली से दोपहर बाद से शुरू हुए पलायन से रात होते-होते आनंद विहार से लगे यूपी के इलाक़ों में विस्फोटक हालात हो गए। लाखों की तादाद में लोग पहुँच गए, लेकिन वहाँ लॉकडाउन के कारण यूपी रोडवेज़ की बसें नहीं चल रही थीं। यूपी पुलिस ने पहले हालात सँभालने की कोशिश की, लेकिन जब मामला हल होता नहीं दिखा तो रात में ही बड़े अधिकारी और नेता पहुँचे। लोगों को समझाने-बुझाने का भी कोई फ़ायदा नहीं हुआ और पीछे से लगातार भीड़ आ रही थी, लिहाज़ा तय हुआ कि बसों में लोगों को आगे ले जाया जाएगा। यूपी सरकार ने रातोंरात 1000 बसों और उनके स्टाफ़ का बंदोबस्त किया और लोगों को बिठाकर रवाना किया जाने लगा। इस दौरान ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने ही लोगों को खाने के लिए फल और बिस्किट वग़ैरह बाँटे। कई सामाजिक संस्थाएँ भी इस काम के लिए आगे आईं। यूपी सरकार ने इस दौरान दिल्ली सरकार से मदद माँगी तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को दिन में एक बयान जारी करके लॉकडाउन के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा किए गए व्यवहार पर आपत्ति जताई गई है। इसमें कहा गया है कि लोग भूखे-प्यासे थे। उन्हें डीटीसी बसों पर बिठाकर बॉर्डर तक इस आश्वासन के साथ भेज दिया गया कि वहाँ उनके घर जाने का इंतजाम किया गया है।

मीडिया के दम पर झूठ फैलाया

जैसे ही यूपी बॉर्डर पर लाखों की भीड़ जमा हो गई, दिल्ली सरकार ने मीडिया की मदद से दुष्प्रचार का काम शुरू कर दिया। कई चैनलों ने यह कहना शुरू कर दिया कि यूपी सरकार लोगों की मदद करने में नाकाम हो गई है। पूरी दिन किसी ने भी केजरीवाल से यह जानने की कोशिश नहीं की कि लॉकडाउन के बावजूद लोगों को बसों में बिठाकर यूपी बॉर्डर पर क्यों छोड़ा जा रहा है। हद तब हो गई जब केजरीवाल के विधायक राघव चड्ढा ने ट्वीट किया कि आनंद विहार पर यूपी पुलिस लोगों पर लाठीचार्ज कर रही है और लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जा रहा है। जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। वहाँ पर मीडिया के कैमरे भी थे अगर ऐसा कुछ होता तो छिपता नहीं। इसके बजाय पुलिस लोगों को अलग-अलग घेरों में फैलाकर खड़ा करवा रही थी ताकि लोगों में दूरी बनी रहे। यूपी सरकार ने इस अफ़वाह का संज्ञान लिया है और कहा है कि दोषी विधायक राघव चड्ढा के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा ने इस हालात पर सरकार से कुछ तीखे जवाब पूछे:

दिन भर के हंगामे के बावजूद दिल्ली सरकार ने शनिवार देर रात तक डीटीसी की बसें बंद नहीं कीं और लोगों को यूपी बॉर्डर पर छोड़ने का काम जारी रखा। जिसके कारण वहां भीड़ जस की तस बनी हुई है।

पलायन शुरू होने के क़रीब 24 घंटे के बाद अरविंद केजरीवाल ने यह औपचारिक बयान जारी किया कि लोग न जाएं और उन्हें खाना पहुँचाया जाएगा। ऐसा ही बयान उन्होंने लॉकडाउन शुरू होने के बाद भी दिया था। लेकिन जो रिपोर्ट्स आ रही हैं, उनके मुताबिक़ वो सिर्फ़ बयान था और ज़मीन पर अगर कुछ किया गया होता तो इतनी बड़ी संख्या में लोग घर छोड़ने को
मजबूर नहीं हुए होते।

(न्यूज़लूज़ टीम)

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...
Don`t copy text!