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पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी की सुपारी पर हुई अंकित शर्मा की हत्या!

बायीं तस्वीर अंकित शर्मा की है, बायीं तरफ़ आप केजरीवाल और ताहिर हुसैन को देख सकते हैं।

दिल्ली के चांदबाग इलाके में आईबी के ऑफ़िसर अंकित शर्मा की हत्या में के पीछे बड़ी साज़िश का शक जताया जा रहा है। यह बात सामने आ रही है कि दंगे वाले दिन अंकित शर्मा को उनके घर से खींचकर निकाला गया था। 26 साल के अंकित की हाल ही में नौकरी लगी थी। उनके घर के ही कुछ दूर आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद मोहम्मद ताहिर हुसैन का घर है। अंकित की माँ ने आरोप लगाया है कि ताहिर हुसैन ने ही उनके बेटे की हत्या करवाई। सोमवार के बाद से वो लापता थे, मंगलवार को घर के पास ही एक नाले से उनका शव बरामद किया गया। लाश की हालत देखकर पता चलता है कि हत्या से पहले उन्हें बुरी तरह से टॉर्चर किया गया होगा। सुरक्षा मामलों से जुड़े कई जानकारों ने हत्या के इस तरीक़े को देखते हुए शक जताया है कि यह दंगे में हुई कोई आम मौत नहीं हो सकती। क्योंकि इंटेलिजेंस सर्विसेज़ में काम करने वाले लोग सिविलियन इलाकों में कभी अपनी पहचान जाहिर करके नहीं रहते। ये उनकी नौकरी के प्रोटोकॉल का हिस्सा होता है। ऐसी आशंका है कि ISI जैसी किसी दुश्मन एजेंसी को उनकी गतिविधियों का पता रहा हो और उसने अपने लोकल एजेंट के जरिए उनकी हत्या करवा दी हो। यह भी पढ़ें: CAA पर हिंसा करवा के पाकिस्तान ने फिलहाल POK को बचा लिया

शक के पीछे हैं कई पुख़्ता कारण

अंकित शर्मा के अलावा आसपास कई हिंदू परिवार रहते हैं। बताया जा रहा है कि वो ज़्यादा सोशल नहीं थे। लोगों से मिलते-जुलते भी कम थे। जबकि दंगों में अक्सर टार्गेट पर वो लोग होते हैं जो सामाजिक रूप से सक्रिय होते हैं। अंकित शर्मा को उनके घर के अंदर से खींचकर ले जाया गया। शव जिस हालत में मिला है वो भी बहुत कुछ बता रहा है। इस मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी पार्षद मोहम्मद ताहिर हुसैन ने एक वीडियो जारी करके ख़ुद को बेक़सूर बताया है और सफ़ाई दी है कि उसके घर पर दंगाइयों ने क़ब्ज़ा कर लिया था और उसे ख़ुद जान बचाकर कहीं और भागना पड़ा था। लेकिन लोकल लोगों का कहना है कि ताहिर हुसैन इलाक़े का गुंडा है यह बात कोई नहीं मान सकता कि उसके घर पर उसी के समुदाय के लोग क़ब्ज़ा कर लें और उसे कुछ पता ही न हो। जाने-माने वकील ईशकरण भंडारी ने टाइम्स नाऊ चैनल से बातचीत में यही सवाल उठाया है कि कहीं ISI ने अपने लोकल एजेंटों के जरिए ये हत्या तो नहीं कराई है। क्योंकि जिस तरह से AAP का पार्षद अपने बचाव में पहले से ही काफी कहानियां गढ़ के बैठा है उससे उसका हाथ होने का शक मजबूत होता है। इलाके के लोग भी यही कह रहे हैं कि पार्षद का इस हत्याकांड में हाथ है। यह भी पढ़ें: पुलिस अंडर में नहीं, तो पुलिस की मीटिंग में क्या करने गए केजरीवाल?

दिल्ली में है ISI का तगड़ा नेटवर्क

यह बात अक्सर सामने आती रही है कि दिल्ली में पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने अपने एजेंटों का जाल फैला रखा है। नागरिकता कानून को लेकर विरोध-प्रदर्शनों और हिंसा में भी ISI का हाथ होने की बात कई बार सामने आ चुकी है। पिछले पांच साल में यह नेटवर्क और भी मजबूत हुआ है। हालांकि इस दौरान कई पाकिस्तानी एजेंट पकड़े भी जा चुके हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन की पांचमंजिला इमारत में पहले से हथियार जमा कर के रखे गए थे और उसके ही गुंडों ने अंकित शर्मा को मारा है। कुछ ऐसे भी वीडियो सामने आए हैं, जिनमें ताहिर हुसैन हाथों में लाठी लिए और पत्थरबाजों को निर्देश देते देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उस बिल्डिंग के हर मंजिल से बम फेंके जा रहे थे और भारी संख्या में गुंडे जमा थे। ताहिर हुसैन ने अपनी सफाई में जो कुछ भी कहा है वो मनगढ़ंत है और सारी कहानी इस प्लानिंग के साथ रची गई है ताकि हत्या के बाद अपना बचाव किया जा सके। यह भी पढ़ें: जानिए कैसे बुरी तरह से जिहादियों के चंगुल में फंस चुकी है दिल्ली

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