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छेड़खानी के आरोपी विनोद दुआ की नई करतूत देखिए

पत्रकार बनने आई एक लड़की से छेड़खानी के आरोपी विनोद दुआ एक नए विवाद में फंस गए हैं। उन पर इंटरव्यू में काटछांट करके झूठी खबर परोसने का आरोप लगा है। कांग्रेस पार्टी के करीबी माने जाने वाले विनोद दुआ इन दिनों एक न्यूज़ पोर्टल के लिए काम कर रहे हैं। वहां पर उन्होंने अपने कार्यक्रम विनोद दुआ शो में नितिन गडकरी का इंटरव्यू दिखाया। इस इंटरव्यू में उन्होंने गडकरी की बातों को काट-छांटकर ऐसा हिस्सा तैयार किया जिसको सुनकर लगता है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे हैं। ये बातचीत देशभर में सड़क परियोजनाओं में फंसी रकम के बारे में हो रही थी। इंटरव्यू का ये हिस्सा सुनाने के बाद विनोद दुआ ने इसका विश्लेषण शुरू किया और बताया कि अभी तक यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा और अरुण शौरी जैसे नेता ही मोदी सरकार से नाराज थे, लेकिन अब आरएसएस के करीबी बीजेपी के नेता भी मोदी के खिलाफ नाराजगी खुलकर जता रहे हैं। लेकिन विनोद दुआ की इस करतूत की पोल खुलते देरी नहीं लगी। यह भी पढ़ें: किसके लिए इतनी बेशर्मी से झूठ बोलते हैं विनोद दुआ

क्या है पूरा मामला?

इस प्रोग्राम में गडकरी कह रहे हैं कि “जब मैंने मंत्रालय का जिम्मा संभाला था तो वहां पर 403 प्रोजेक्ट अटके हुए थे। कुछ रुके हुए प्रोजेक्ट्स में कुछ एनपीए में बदल गए थे जबकि कुछ एनपीए में बदलने वाले थे। स्थिति काफी गंभीर थी और हम लोगों ने ये फैसला किया कि उन फिर से शुरू किया जाए और मैं ये मानता हूं कि इसके लिए सरकार की जिम्मेदारी 75 फीसदी थी।” इसके आगे विनोद दुआ अपना संपादकीय कमेंट देते हैं और कहते हैं कि ये तय हो गया है कि भाजपा के भीतर असंतोष की आवाज उठनी शुरू हो गई हैं। अब तक यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा और अरूण शौरी के बाद अब कौन विद्रोही है। अब यहां तक कि आरएसएस से जुड़े नेता भी कह रहे हैं कि अगर आपको अगला आम चुनाव जीतना है, तो आप केवल प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी और उनकी रैलियों के बल पर नहीं जीत सकते। आपको नितिन गडकरी को सामने लाना होगा। यह संकेत गडकरी ने खुद मेरे सहयोगी अखिलेश भार्गव को दिया। इसी पेज पर नीचे आप इंटरव्यू का वो हिस्सा देख सकते हैं।

सड़क की बात गंगा में!

इंटरव्यू में नितिन गडकरी से उनके यानी सड़क परिवहन मंत्रालय के कामकाज के बारे में बात हो रही है, लेकिन विनोद दुआ ने काटछांट करके इसे ऐसे बताया है मानो वो गंगा सफाई मंत्रालय के बारे में बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उमा भारती के बाद इस मंत्रालय की जिम्मेदारी नितिन गडकरी को दी गई। इसके बाद ऐसे जताया मानो जिन बंद प्रोजेक्ट की बात हो रही है वो गंगा से जुड़े थे और इनकी नाकामी के पीछे मोदी सरकार जिम्मेदार है। यानी विषय सड़क मंत्रालय का काम था, लेकिन विनोद दुआ ने अपनी चालाकी से गंगा मंत्रालय का काम बना दिया। विनोद दुआ इस खेल के पुराने माहिर रहे हैं। इससे पहले वो दूरदर्शन पर अपने कार्यक्रम परख में भी यही किया करते थे। उसके बाद कांग्रेस के लिए काम करने वाले एनडीटीवी और द वायर में रहते हुए भी विनोद दुआ के कार्यक्रम में ज्यादातर खबरें इसी तरह तोड़ी-मरोड़ी हुई होती थीं। लेकिन वो सोशल मीडिया का दौर नहीं था, लिहाजा कोई उनकी चोरियों को पकड़ नहीं पाता था। देखें विनोद दुआ की चालाकी और इसी वीडियो के दूसरे हिस्से में वो पूरा जवाब है जिसे नितिन गडकरी ने अपने पास रखा हुआ था और अपने बचाव में जारी किया है।

पोल खुलने के बाद भी वेबसाइट या विनोद दुआ ने माफी मांगने के बजाय बेशर्मी के साथ अपना बचाव जारी रखा। उन्होंने एक ‘स्पष्टीकरण’ (माफीनामा नहीं) जारी करके माना कि गलती हुई है और वो इस वीडियो को अपनी वेबसाइट से हटा रहे हैं। विनोद दुआ ही नहीं, आजतक जैसे चैनल भी पिछले कुछ समय से नितिन गडकरी को लेकर ऐसी फर्जी खबरें फैलाने में जुटे हुए हैं। जिसके बाद उन्होंने ट्विटर पर बयान जारी करके अपनी नाराजगी जताई।

नितिन गडकरी ही निशाना क्यों?

इसके पीछे कांग्रेस पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति बताई जा रही है। दरअसल कांग्रेस को लग रहा है कि 2019 में बीजेपी बहुमत से कुछ पीछे छूट सकती है। ऐसे में मोदी की दावेदारी को कमजोर करने के लिए जरूरी है कि बीजेपी में पीएम पद के लिए एक और दावेदार का नाम बढ़ाया जाए। ताकि पार्टी में फूट पड़ जाए। कांग्रेस की खबरें देने वाले एक पत्रकार का दावा है कि ये रणनीति कैंब्रिज एनालिटिका की सलाह पर बनाई गई है। इसे आगे बढ़ाने का जिम्मा आजतक, एनडीटीवी जैसे कुछ न्यूज चैनलों और विनोद दुआ जैसे पत्रकारों को दी गई है। नितिन गडकरी से ये इंटरव्यू उसी सिलसिले की एक कड़ी भर था।

यौन शोषण के आरोपी विनोद दुआ

पिछले दिनों दो महिलाओं ने विनोद दुआ पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनके यौन शोषण की कोशिश की थी। ये दोनों मामले पुराने हैं जब विनोद दुआ बेहद रसूखदार पत्रकार हुआ करते थे। पहले फिल्मकार निष्ठा जैन और बाद में सुनीता ठाकुर ने विनोद दुआ पर आरोप लगाए थे। विनोद दुआ के साथ काम कर चुके लोग कहते हैं कि ये दोनों महिलाएं बहुत साहसी थीं जो बाहर आकर अपनी बात कह सकीं, उनके अलावा भी दर्जनों महिलाएं हैं जिनकी इज्जत के साथ विनोद दुआ ने खिलवाड़ किा होगा। लेकिन उनके दबदबे और ऊंचे रसूख का नतीजा है कि वो आज तक साहस नहीं जुटा सकी हैं। हैरानी है कि ऐसे दागी चरित्र वाले व्यक्ति जिसका सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए था उसे पिछली कांग्रेस सरकार ने पद्मश्री देकर सम्मानित किया था।

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