Home » Loose Top » किसके इशारे पर भारत में दिलचस्पी ले रही है केजीबी?
Loose Top

किसके इशारे पर भारत में दिलचस्पी ले रही है केजीबी?

रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी भारत में होने वाले चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक सोशल मीडिया एक्सपर्ट ने ये बड़ा खुलासा किया है। इंटरनेट स्टडीज के प्रोफेसर फिलिप एन हॉवर्ड ने अमेरिकी सीनेट की खुफिया मामलों की कमेटी के आगे यह बयान दिया है। हालांकि उन्होंने चुनावों को प्रभावित करने के तौर-तरीकों पर ज्यादा विस्तार से नहीं बताया है। इससे पहले रूसी खुफिया एजेंसियों पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के आरोप भी लग चुके हैं। भारत के अलावा ब्राजील के चुनावों में भी रूसी एजेंसियों की दिलचस्पी की बात सामने आई है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के रूसी खुफिया एजेंसी केजीबी के साथ रिश्ते होने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में शक जताया जा रहा है कि केजीबी भारत में कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले लाल बहादुर शास्त्री की मौत और उसके बाद इंदिरा गांधी की ताजपोशी के पीछे भी केजीबी का हाथ माना जाता है।

सोशल मीडिया के जरिए साजिश

हॉवर्ड ने अमेरिकी मीडिया को सलाह देते हुए कहा है कि भारतीय चुनावों से जुड़ी खबरों में वो अतिरिक्त सावधानी बरतें। न कि ट्विटर पर फैलाए जाने वाले प्रोपोगेंडा पर भरोसा कर लें। उनकी राय में भारत और ब्राजील जैसे लोकतांत्रिक देश अमेरिका के सबसे बड़े सहयोगी हैं। रूस उन्हें अपने असर में लेना चाहता है और चाहता है कि वहां पर उसकी पसंद की सरकारें सत्ता में रहें। पहले भी यह खबर आती रही है कि रूसी प्रशासन नरेंद्र मोदी के भारत का प्रधानमंत्री बनने को लेकर सहज नहीं था। उसकी राय में कांग्रेस जब सत्ता में होती है तो भारत अमेरिका के बजाय रूस से रिश्तों को ज्यादा महत्व देता है। यही कारण है कि केजीबी मोदी को सत्ता से हटाकर सोनिया को लाने की कोशिश कर रहा है।

सोनिया और केजीबी के गुप्त रिश्ते

बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी हमेशा से दावा करते रहे हैं कि सोनिया गांधी के रूसी एजेंसी केजीबी से रिश्ते हैं। वो बिना नाम लिए यहां तक दावा करते हैं कि सोनिया दरअसल रूसी जासूस हैं जिन्हें केजीबी ने देश के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार में बहू के तौर पर प्लांट कराया है। स्वामी के मुताबिक इंदिरा और राजीव गांधी की हत्याओं के पीछे भी केजीबी का ही हाथ था। यहां यह जानकारी देना अहम है कि सोनिया गांधी के पिता एंटोनियो माइनो रूसी एजेंसी केजीबी के जासूस रहे हैं। कुछ समय पहले सोनिया गांधी रूस की सीक्रेट यात्रा पर भी गई थीं। कहा गया था कि वो वहां इंदिरा गांधी पर एक फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगी, लेकिन स्वामी के सूत्रों के मुताबिक मॉस्को में सोनिया ने कई संदिग्ध लोगों के साथ बैठकें की थीं। तभी यह सवाल उठा था कि आखिर रूस यात्रा में ऐसा क्या था कि सोनिया ने उसकी जानकारी छिपाने की कोशिश की।

रूस के हाथों की कठपुतली सोनिया!

आईबी के ज्वाइंट डायरेक्टर रहे मलय कृष्ण धर और कांग्रेस के सीनियर नेता नटवर सिंह ने भी सोनिया गांधी के रूस से करीबी रिश्तों का जिक्र अपनी किताबों में किया है। मोदी सरकार बनने के बाद दिसंबर 2014 में रूसी राष्ट्रपति पुतिन जब भारत आए थे, उस वक्त भी उनकी सोनिया गांधी के साथ विशेष मुलाकात हुई थी। इसी तरह राहुल गांधी और चीन के दूतावास के अधिकारियों की गुपचुप मुलाकातें भी अक्सर सुर्खियों में आती रही हैं। 20 जुलाई 2018 को अविश्वास प्रस्ताव के दिन संसद के अंदर जिस तरह से राहुल गांधी ने भारत-फ्रांस के बीच राफेल समझौते को लेकर फ्रांसीसी राष्ट्रपति के नाम पर झूठ बोला उससे अंदाजा यही लगाया जा रहा है कि कांग्रेस के जरिए चीन और रूस की खुफिया एजेंसियां भारत के रक्षा सहयोगी देशों को टारगेट कर रही हैं।

नीचे आप सुब्रह्मण्यम स्वामी का ट्वीट देख सकते हैं। माना जाता है कि स्वामी सोनिया के लिए कोड नेम TDK इस्तेमाल करते हैं।

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें


कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!