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देखिए हिंदू धर्म को बदनाम करने का खेल कैसे होता है!

अक्सर यह आरोप लगता है कि मीडिया का एक बड़ा हिस्सा सोची-समझी साजिश के तहत हिंदू धर्म को बदनाम करने में जुटा है। इसके लिए सोशल मीडिया, अखबारों और चैनलों के जरिए झूठी खबरें फैलाई जाती हैं। कभी-कभार ये कोशिशें पकड़ी जाती हैं और ज्यादातर बार सच्चाई का पता नहीं चलने पाता। ट्विटर और फेसबुक के जरिए राजस्थान के नागौर का एक वीडियो फैलाया जा रहा है, जिसमें कुछ नकाबपोश बदमाश एक महिला को गालियां दे रहे हैं और उसे प्लास्टिक की पाइप से पीट रहे हैं। इस वीडियो में सुना जा सकता है कि महिला को पीटने वाले उससे पहले अल्लाह, फिर जय श्री राम और फिर जय हनुमान के नारे लगवा रहे हैं। लेकिन सेकुलर पत्रकारों के गिरोहों को इस वीडियो के बहाने हिंदू धर्म को बदनाम करने का सुनहरा मौका मिल गया। (नीचे देखें वीडियो)

फैलाई गई झूठी खबर

दिल्ली के कई जाने-माने पत्रकारों ने ट्विटर और फेसबुक के जरिए इस वीडियो को यह कहते हुए फैलाया कि “भगवा ब्रिगेड के गुंडे एक भिखारी औरत को जयश्रीराम कहने के लिए पीट रहे हैं।” शुरुआत की हिंदुस्तान टाइम्स अखबार के पत्रकार दीप मुखर्जी ने। उसने ट्वीट किया कि राजस्थान के नागौर जिले में जयश्रीराम बुलवाने के लिए गरीब महिला की बेरहमी से पिटाई की गई। लेकिन बड़ी चालाकी से वो ये छिपा गया कि दरअसल मामला कुछ और ही है। इसके बाद तो मानो सिलसिला ही शुरू हो गया। देखते ही देखते सागरिका घोष समेत पूरा गिरोह मैदान में कूद पड़ा और साबित कर दिया गया कि पीटने वाले ‘हिंदू आतंकवादी’ हैं और उन्हें बीजेपी सरकार का संरक्षण मिला हुआ है। एक ने तो यह कहानी भी गढ़ दी कि महिला गाय चरा रही थी और उसे बीफ खाने वाला बताकर पीटा गया।

पिटाई के पीछे का सच

लोकल मीडिया में इस मामले की सच्चाई पहले ही सामने आ चुकी है। ये घटना 13 जून की बताई जा रही है। पुलिस वीडियो में दिख रहे दो लड़कों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। इनके नाम श्रवण मेघवाल और प्रकाश मेघवाल हैं। ये दोनों लोकल गुंडे बताए जा रहे हैं। महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त है और यहां-वहां घूमकर खाना मांगकर काम चलाती थी। इन दोनों ने महिला को इलाके से भगाने के लिए उसकी पिटाई की और साथ-साथ में अल्ला और जय श्रीराम बुलवाया। पुलिस इस बात की पुष्टि कर चुकी है कि इनका किसी राजनीतिक या धार्मिक संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। अब सवाल ये है कि क्या राजस्थान पुलिस इस वीडियो क्लिपिंग का इस्तेमाल दंगे और धार्मिक नफरत का माहौल पैदा करने के लिए करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी? देखें ये वीडियो जिसे लेकर अफवाह फैलाने की कोशिश की गई:

एक नज़र मीडिया के कुछ दंगाइयों के ट्वीट्स पर जिन्होंने कुछ सिरफिरों की गुंडागर्दी को भगवा आतंकवाद का नाम देकर हिंदू धर्म के खिलाफ अपनी नफरत को एक बार फिर से जाहिर कर दिया।

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