Home » Loose Views » पाकिस्तान को छोड़िए भारत की रेस चीन के साथ है! » पृष्ठ 2
Loose Views

पाकिस्तान को छोड़िए भारत की रेस चीन के साथ है!

कम लोग जानते हैं कि 1950 के दशक में भारत विश्व की सातवीं बड़ी औद्योगिक शक्ति था जब चीन अपनी गरीबी से संघर्ष कर रहा था। लेकिन हम अपनी ताकत धीरे-धीरे खोते चले गये। हमने अपने कारखानों को पूजना बंद कर दिया। हमारे नेताओं की रुचि स्टील कारखानों और मिलों से हटकर, चिटफंड कंपनियों और भ्रष्ट बिल्डरों में बढ़ने लगी। हमारी अर्थव्यवस्था में जमशेदजी जैसों का महत्व जाता रहा। हमारी नई अर्थव्यवस्था के मानक झुनझुनवाला जैसे शेयर दलाल हो गये जो आईपीओ की बड़ी-बड़ी डील के कुबेर बने। जिस देश के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की सीईओ को ऑनलाइन ट्रेडिंग में कुछ दलालों को फायदा पहुंचाने का दोषी माना जाये उस देश के शेयर मार्किट का असली हाल क्या होगा, ये कोई अर्थशास्त्री सहजता से समझ सकता हैं। जिस देश में फैक्ट्रियों की जगह फर्जी कंपनियों के ज़रिये लाभ अर्जित करने की परंपरा हो वहां औद्योगिक उत्पादन के श्रम और संकल्प में किसको दिलचस्पी होगी।

बहरहाल वक़्त अभी गुजरा नहीं है। भारत को बड़े कारखाने, भारी उद्योग के नये प्रतीक चाहिए। हर प्रदेश को कोई जमशेदजी चाहिए। हर प्रदेश को विश्वकर्मा का अवतार चाहिए। लेकिन सच ये है कि आज हमारे प्रदेश सुब्रोतो रॉय, पोंटी चढ्ढा या आम्रपाली और सुपरटेक जैसे बिल्डर और चिटफंड मालिक खोज रहे हैं। शायद सत्ता को ज़रुरत धन संपन्नता की नहीं धन संचय करने वालों की है। यही वजह है कि देश के सबसे बड़े प्रदेश यूपी में उद्योग का बहुत बुरा हाल है। अगर नोएडा, ग्रेटर नोएडा छोड़ दें तो पूरे प्रदेश में 1989 के बाद से कोई भी बड़ी इंडस्ट्री नही आई। कानपुर से लेकर बनारस तक और आगरा से लेकर गोरखपुर तक भारी उद्योग के क्षेत्र में तीस वर्षों से अकाल है।

मित्रों, जिस समाज और सभ्यता में हज़ारों वर्षों से युक्ति और निर्माण की अवधारणा रही हो वहां की दुर्दशा देख आज मन विचलित होता है। इसलिए भगवान् विश्वकर्मा का आज आशीर्वाद चाहिए। हे युक्ति निर्माण और उपकरणों के देव विश्वकर्मा! हे शिल्प शास्त्री! हे उत्पादन और संपन्नता के जनक… अब आप ही अवतरित हो जाइये, वर्ना पाकिस्तान की आड़ में ये चीन हमें निगल जाएगा।

(वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा के फेसबुक पेज से साभार)

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...
Don`t copy text!