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रांची की शूटर तारा शाहदेव को आप भूले तो नहीं!

लव जिहाद में फंसी नेशनल लेवल की शूटर तारा शाहदेव का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में है। सीबीआई ने कोर्ट में इस केस की चार्जशीट दाखिल की है। सीबीआई की जांच में जो बातें सामने आई हैं वो इस बात का सबूत हैं कि लड़कियों को धोखे में डालकर उनको मुसलमान बनाने का बाकायदा अभियान चल रहा है। सीबीआई ने तारा शाहदेव से शादी करने वाले रकीबुल उर्फ रंजीत कुमार कोहली और उसकी मां कौशर के खिलाफ चार्जशीट जमा की है। इसके मुताबिक रकीबुल और उसकी मां तारा से जबरन इस्लाम धर्म कबूल करवाने पर अड़े थे। तारा की सास ने उसे धमकी देते हुए कहा था कि ‘इस्लाम कबूल कर लो, अगर नहीं किया तो तुम्हारा बिस्तर यही रहेगा लेकिन आदमी बदलता रहेगा।’ सीबीआई ने 2015 में इस केस की जांच शुरू की थी। मुख्य आरोपी रकीबुल हसन 27 अगस्त 2014 से जेल में है, जबकि उसकी मां जमानत पर बाहर है।

लव जिहाद का भयानक चेहरा

स्पेशल जज फहीम किरमानी की अदालत में दाखिल चार्जशीट में सीबीआई ने कई बातें बेहद चौंकाने वाली कही हैं। पीड़िता तारा ने शिकायत में बताया था कि उसके सिंदूर लगाने पर भी पाबंदी थी। रकीबुल और उसकी मां सिंदूर लगाने पर हाथ-पैर तोड़ने की धमकी देते थे। तारा ने बताया कि रंजीत उर्फ रकीबुल हसन शादी से पहले तरह-तरह के हथकंडे अपनाता था। वो अफसरों के साथ महंगी गाड़ियों में शूटिंग रेंज पर आता था। वो बहुत अच्छा इंसान होने का नाटक करता था और हर किसी की मदद करते हुए दिखता था। लेकिन मेल-जोल बढ़ने के बावजूद उसने हमेशा अपना नकली नाम ही बताया। तारा ने कहा कि शादी की पहली रात से ही उसका असली चेहरा मेरे सामने आ गया था।

दहेज के लिए भी हुई मारपीट

रंजीत उर्फ रकीबुल पर तारा शाहदेव को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का भी आरोप चार्जशीट में है। उसकी मां और झारखंड हाईकोर्ट के तत्कालीन रजिस्ट्रार (विजिलेंस) मुश्ताक अहमद पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को कोर्ट में मौजूद रहने के लिए समन जारी किया गया है। केस की अगली सुनवाई 1 जून को होगी। सीबीआई ने चार्जशीट के साथ वो तमाम सबूत और गवाहों के बयानों को भी पेश किया है, जिससे यह साबित होता है कि तारा शाहदेव को सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया और उसे झांसे में डालकर शादी की गई। इस सारे खेल का मकसद एक हिंदू लड़की को मुसलमान बनाना था।

धर्मांतरण के लिए कुत्ता छोड़ा

सीबीआई ने चार्जशीट में जिक्र किया है कि कैसे 9 जुलाई 2014 के दिन 25 मौलवियों को बुलाकर तारा पर दबाव बनाया गया और उसे धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया। जब वो नहीं तैयार हुई तो उसे बुरी तरह पीटा और कुत्ते से कटवाया गया। इस सबकी मेडिकल रिपोर्ट भी चार्जशीट के साथ जमा की गई है। इस सबके दौरान तारा के पास कोई फोन या मोबाइल नहीं था। रकीबुल और उसकी मां ने धमकी दे रखी थी कि अगर तुमने जुबान खोली तो भाई को मरवा देंगे। जब तारा शाहदेव का मामला सामने आया था तब कई लोगों ने इसे फर्जी केस करार दिया था, लेकिन सीबीआई जांच और चार्जशीट से यह बात पूरी तरह गलत साबित होती दिख रही है।

क्या है तारा शाहदेव का मामला

रांची की 23 साल की नेशनल शूटर तारा शाहदेव की रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल से 7 जुलाई 2014 को हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई थी। तारा उसे रंजीत कोहली के नाम से जानती थी और इसी नाम से शादी के कार्ड वगैरह भी छपे। लेकिन जब शादी हो गई तो तारा को पता चला कि ब्याहकर वो किसी हिंदू परिवार में नहीं, बल्कि एक मुसलमान के घर गई है। उसका पति रंजीत नहीं, बल्कि रकीबुल हसन है। पहली ही रात में रकीबुल और उसकी मां ने तारा से कह दिया कि अब तुम्हें अपना धर्मांतरण करके मुसलमान बनना होगा। जब वो नहीं मानी तो उस पर अमानवीय जुल्म किए गए। जबरन उसका धर्म परिवर्तन करा भी दिया गया।

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