Home » Loose Views » मीडियावालों जान लीजिए कि मोदी जी मिलते क्यों नहीं!
Loose Views

मीडियावालों जान लीजिए कि मोदी जी मिलते क्यों नहीं!

दरअसल दिल्ली दरबार में गठबंधन की सरकारों में सांसद से लेकर संपादकों तक की बड़ी पूछ रहती थी। वो चाहे अटलजी की सरकार हो या देवेगौड़ा की या फिर मनमोहन सिंह की। समर्थन से चलने वाली सरकार हमेशा सदन में कमज़ोर रहती हैं और इसलिए मीडिया से लेकर सत्ता के हर दलाल की वहां पूछ होती है। शायद इसीलिए गठबंधन की सरकारों में पीएम के साथ चाय पीना कभी मुश्किल नहीं रहा है। लेकिन जो पीएम ज़बरदस्त बहुमत के साथ सदन के भीतर और बाहर खड़ा हो उसे सचिव और काम करने वाले कुछ मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के अलावा किसकी ज़रुरत हो सकती है। और आज तो एक ऐसा पीएम है जो एक के बाद एक विधानसभा चुनाव जीतकर बीजेपी का मानचित्र बदलता जा रहा है। तो वो हर सांसद, हर संपादक को सलाम क्यों करेगा?

निसंदेह, मोदी जिस बहुमत के साथ आज दिल्ली में स्थापित हैं ऐसा बहुमत कभी राजीव गाँधी, मोरारजी देसाई या इंदिरा गाँधी को मिला था। राजीव गाँधी दूसरों पर ज़रूरत से ज्यादा विशवास करने के कारण बोफोर्स में फंस गए। मोराजी देसाई दर्जनभर दलों की खिचड़ी में खप गए और इंदिरा गाँधी को इमर्जेंसी की अंधेरगर्दी ले डूबी। लेकिन मोदी अपने शुरूआती तीन वर्षों में अभी तक किसी भंवर में नहीं उलझे हैं। जनता के बीच बेहतर परसेप्शन बनाने में वो कामयाब रहे हैं और राजयोग में उन्हें एक बेहद कमज़ोर विपक्ष भाग्य ने भेंट किया है।

आखिर फिर क्यों वो आपको चाय पर घर बुलाएं?

पीएमओ में की गई आपकी फोन काल क्यों रिटर्न करें?

आपको फिर भी अपने बारे में मुगालता है तो ये आपकी प्रॉब्लम है?

आपका चैनल अगर कर्ज़े में डूबा है तो इसमें मोदी क्या करें ?

आप एंकर है तो आज मोदी की प्रशंसा करने के लिए मोदी आपको क्यों ओब्लाइज करें… गुजरात के पुराने विवादों के वक़्त आपका क्या स्टैंड था?
अगर यूपी चुनाव के पहले आप अखिलेश यादव को जिता रहे थे तो 325 सीट जीतने के बाद मोदी अब आपके कॉन्क्लेव में क्यों शिरकत करें?

आकांक्षाजनक ऐसे कई प्रश्न हैं लेकिन सार बस इतना है कि “मान न मान मैं तेरा मेहमान” वाला फार्मूला प्रचंड बहुमत की सरकार में नहीं चलता है।

इसलिए मोदी अपवाद क्यों हो?

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें


कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!