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बंगाल में घर-घर मांस पहुंचाएंगी ममता

ममता बनर्जी ने खुद को मुसलमानों का सबसे बड़ा प्रेमी साबित करने के लिए नया पैंतरा चला है। उन्होंने बंगाल में मीट की होम डिलिवरी करने की स्कीम तैयार की है। इसके तहत बाकायदा ‘मीट ऑन व्हील्स’ योजना शुरू की गई है। इसके तहत फोन पर ऑर्डर देने वाले को सरकार उसके घर पर गोश्त पहुंचाएगी। जाहिर है बंगाल सरकार की ये प्लानिंग खास तौर पर उत्तर प्रदेश को ध्यान में रखकर बनी है। यूपी में अवैध बूचड़खानों पर पाबंदी के बाद बंगाल के मुसलमानों को खुश करने के लिए उन्होंने ये कदम उठाया है। इस समय नवरात्र चल रहा है और आम तौर पर हर जगह नॉनवेज की बिक्री कम हो जाती है। ममता ने खास तौर पर नवरात्र के मौके पर ही मांसाहार की इस स्कीम को लॉन्च करवाया है। दरअसल ममता यूपी में अवैध कत्लखानों के बंद होने के बाद मुसलमानों की असली हितैषी बनकर उभरना चाहती हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले बयान भी दिया था कि यूपी में जो हो रहा है, उसके कारण मुसलमान डरे हुए हैं।

पश्चिम बंगाल लाइवस्टॉक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिडेट के ब्रांड ‘हरिनघटा मीट’ की ओर से ये स्कीम शुरू की गई है। हरिनघटा वो ब्रांड है, जो क्वेल मछली, बत्तख, टरकी और ऐमू के मांसाहारी खाने की सप्लाई करता है। अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ‘मीट ऑन व्हील्ज’ को लेकर बंगाल सरकार काफी गंभीर है। हरिनघटा पके हुए नॉनवेज खाने के अलावा अब लोगों तक फ्रोजेन मांसाहारी व्यंजन भी पहुंचाएगा। मीट ऑन व्हील्ज को ममता के मंत्री स्वपन देबनाथ ने सोमवार को जारी किया। मीट को गाड़ियों में भरकर से कोलकाता में पहुंचाया जाएगा। बंगाल सरकार इस स्कीम के लिए जल्द ही नई गाड़ियां लेने पर भी विचार कर रही है।

ममता बनर्जी के इस रुख में हैरानी वाली कोई बात नहीं है। ममता के राज में बंगाल में जमकर इस्लामीकरण हो रहा है। बंगाल सरकार एक तरफ सरकारी पैसे से राज्य में मदरसे खुलवा रही है, वहीं दूसरी तरफ आरएसएस से जुड़े स्कूलों को बंद करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बंगाल बोर्ड के स्कूलों में भी हिंदू धर्म से जुड़े प्रतीकों को एक-एक करके हटाया जा रहा है। इसे लेकर पश्चिम बंगाल के हिंदुओं में भारी गुस्सा है।

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