Home » Loose Top » बीजेपी की जीत को सेकुलर बताने वालों से जरा बचके!
Loose Top

बीजेपी की जीत को सेकुलर बताने वालों से जरा बचके!

यूपी में भारतीय जनता पार्टी की बंपर जीत के बाद मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक कुछ लोगों ने इसे सेकुलरिज्म से जोड़ने की कोशिश शुरू कर दी है। एक नई थ्योरी दी जा रही है कि तीन तलाक के मुद्दे के कारण मुस्लिम महिलाओं ने बीजेपी को वोट दिया है। आंकड़ों की नजर से देखें तो ये बात सरासर गलत है। जहां भी मुस्लिम आबादी 45 से 50 फीसदी के ऊपर है, वहां पर बीजेपी हारी है। यह बात सही है कि शिया और अहमदी जैसे समुदाय के मुस्लिम बीजेपी को वोट देते हैं। कुछ इक्का-दुक्का उदारवादी मुसलमान भी बीजेपी को वोट देना पसंद करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि बाकी मुसलमानों ने भी भारी तादाद में बीजेपी को वोट दिया है। वास्तविकता यह है कि इस बार जाति से ऊपर उठकर हिंदुओं ने बीजेपी के उम्मीदवार को वोट दिया। अगड़े और ओबीसी ही नहीं, मायावती से निराश हो चुके दलितों ने भी मोदी के चेहरे पर भरोसा जताया और कमल के फूल को वोट दिया।

देवबंद में बीजेपी की जीत का सच

कई लोगों ने देवबंद सीट का उदाहरण देते हुए कहा है कि वहां पर 80 फीसदी मुस्लिम आबादी के बावजूद भाजपा का उम्मीदवार कैसे जीत गया? जबकि ये बात गलत है। देवबंद कस्बे में मुसलमान आबादी 72-73 फीसदी के आसपास है। लेकिन देवबंद विधानसभा क्षेत्र का दायरा बड़ा है। वहां पर मुसलमानों के मुकाबले हिंदुओं की आबादी कहीं अधिक है। यहां हिंदुओं में दलितों, राजपूतों, गुर्जर, त्यागी, सैनी और कश्यप जाति के लोगों की अच्छी खासी संख्या है। यहां शुरू से भाजपा की जीत के आसार ज्यादा थे, इसीलिए 20 लोगों ने पार्टी के टिकट का दावा किया था। आखिर में कुंवर ब्रजेश सिंह को उम्मीदवार बनाया गया। यहां पर मुसलमानों के वोट बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच बंट गए, जिसका फायदा हुआ और कुंवर ब्रजेश सिंह 102244 वोट से जीत गए। जबकि बीएसपी उम्मीदवार माजिद अली को 72844 वोट और एसपी उम्मीदवार माविया अली को 55385 वोट मिले। बीएसपी उम्मीदवार के वोटों में दलितों के वोट को हटा दें तो भी अगर सारे मुस्लिम वोट एक उम्मीदवार को पड़ गए होते तो बीजेपी की जीत मुश्किल होती। अभी बीजेपी के उम्मीदवार को जो वोट मिले हैं उनमें अगड़ी-पिछड़ी जातियों के अलावा कुछ संख्या में दलित वोट भी शामिल हैं। इलाके में मुस्लिमों की दादागीरी से परेशान दलित समुदाय के कुछ लोगों ने बीजेपी के उम्मीदवार को जिताना बेहतर माना।

मुस्लिम बहुल सीट के नाम पर झूठ

दरअसल मीडिया उन सीटों को मुस्लिम बहुल मान लेती है जहां उनकी आबादी 25 फीसदी या इससे ज्यादा हो। चूंकि मुसलमान एकतरफा वोट करते हैं लिहाजा ऐसी सीटों पर आम तौर पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नहीं जीत पाते। यूपी में ऐसी सीटों की संख्या 134 है, बीजेपी ने इसमें 104 सीटों पर जीत हासिल की है। जबकि 30 सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा है। जहां कहीं भी मुस्लिम आबादी 25 से 45 फीसदी तक है, वहां हिंदू वोट एकजुट हुए, जबकि मुस्लिम वोट बंट गए। इसका फायदा भारतीय जनता पार्टी को हुआ। जैसे कि शामली और बबीना। जबकि जहां मुसलमानों की आबादी 45 फीसदी से ज्यादा है, वहां बीजेपी नहीं जीत सकी। ऐसी सीटे हैं- मऊ, सहारनपुर, कैराना। जिन 30 सीटों पर बीजेपी हारी है, वो सभी वही हैं जहां मुस्लिम आबादी 45 फीसदी से अधिक है।

साफ मतलब यह है कि यूपी चुनाव में 2014 लोकसभा चुनाव की ही तरह हिंदू वोटर एकजुट हुए हैं। अब तक हिंदुओं को जातियों में बांटकर मुसलमानों की हितैषी पार्टियां राज करती रही हैं। लेकिन मोदी के जादू ने जातियों में बिखरे हुए हिंदू समाज को एकजुट कर दिया है। वैसे सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अनजाने में इस झूठ को सच समझ लिया कि बीजेपी को मुस्लिम वोट मिले।

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें


कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!