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रेप की धमकी देने वाले को बचा रही है गुरमेहर कौर?

शहीद की बेटी गुरमेहर कौर के मामले में नया मोड़ आ गया है। गुरमेहर ने अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया है। इस फेसबुक अकाउंट पर ही उसे कथित तौर पर रेप की धमकी दी गई थी। तो सवाल उठता है कि अगर गुरमेहर ने अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया तो धमकी देने वाला शख्स कैसे पकड़ा जाएगा? एक तरह से ये सबूत मिटाने का भी मामला हो सकता है। यह शक पहले ही जताया जा रहा है कि आरोपी को गुरमेहर पहले से जानती थी और धमकी का सारा खेल मीडिया में तमाशा खड़ा करने की नीयत से खेला गया। न्यूज़लूज पर हम पहले ही उस आरोपी का नाम बता चुके हैं, जिसका नाम धमकी देने के मामले में सामने आया है। गुरमेहर अब तक ये जताती रही है कि वो इस सारे विवाद से परेशान है। अगर उसने परेशान होकर फेसबुक अकाउंट डिलीट किया है तो उसे ट्विटर अकाउंट भी बंद कर देना चाहिए था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।

जांच में सहयोग नहीं कर रही गुरमेहर

विवाद शुरू होने के बाद से गुरमेहर जालंधर में अपने घर पर है। उसने रेप की शिकायत दिल्ली महिला आयोग में जाकर तो किया, लेकिन पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने को लेकर आनाकानी करती रही। आखिरकार उसी एबीवीपी के दबाव बनाने पर एफआईआर हुई, जिस पर गुरमेहर ने धमकी का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं, उसने एबीवीपी के खिलाफ #StudentsAgainstABVP नाम से सोशल मीडिया प मुहीम भी चला रखी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में गुरमेहर कुछ खास सहयोग नहीं कर रही है। पुलिस उससे फोन और ईमेल के जरिए संपर्क में है। गुरमेहर ने बिना पुलिस को बताए दो दिन पहले अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया। वैसे दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर दीपेंद्र पाठक ने औपचारिक तौर पर यही कहा है कि गुरमेहर जांच में सहयोग कर रही है और उसने कुछ काम की जानकारियां दी हैं।

फेसबुक अकाउंट ही क्यों डिलीट किया?

गुरमेहर फेसबुक पर ज्यादा एक्टिव नहीं रही है। उसकी ज्यादातर गतिविधियां ट्विटर पर रही हैं। भले ही उसे रेप की धमकी फेसबुक पर दी गई थी, लेकिन फेसबुक पर प्राइवेसी सेटिंग ठीक करके धमकी और गाली-गलौज करने वालों को दूर रखा जा सकता है। जबकि ट्विटर पर ऐसा करने वालों को रोकने का कोई इंतजाम नहीं है। गुरमेहर को कुछ लोगों ने ट्विटर पर भी बुरी बातें कही हैं। इसके बावजूद उसने सिर्फ फेसबुक अकाउंट ही डिलीट किया, ट्विटर नहीं.. इसके कारण शक पैदा हो रहा है। कई लोग ये आरोप लगाते रहे हैं कि गुरमेहर का पूरा विवाद मीडिया और कुछ राजनीतिक संगठनों का मिलाजुला खेल था। इसी के तहत पूरी प्लानिंग के साथ रेप की धमकियां दिलवाई गई थीं, ताकि इसके नाम पर विवाद खड़ा किया जा सके।

पुलिस ने कहा- आरोपी पकड़ा जाएगा

दिल्ली के मौरिसनगर थाने में इस केस की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में ही आरोपी देबोजित भट्टाचार्य का नाम सामने आया है। वो लेफ्ट के छात्र संगठन AISF का मेंबर बताया जा रहा है और अभी पकड़ से दूर है। पुलिस इस पर अभी औपचारिक तौर पर कुछ नहीं बोल रही है, क्योंकि ये शुरुआती नतीजे हैं और इनकी पुष्टि जरूरी है। पुलिस का कहना है कि “गुरमेहर ने भले ही अपना अकाउंट डिलीट कर दिया, लेकिन इससे जांच पर असर नहीं पड़ेगा। उसका फेसबुक और ट्विटर अकाउंट आपस में लिंक थे। इसलिए टेक्स्ट रिट्रीव करना आसान होगा।” गुरमेहर ने पुलिस को उस कमेंट का स्क्रीनशॉट भेजा है जिसमें धमकी दी गई है। इसके आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।

सर्विस प्रोवाइडर से मांगी गई जानकारी

दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने सर्विस प्रोवाइडर को एक औपचारिक चिट्ठी लिखकर दो फेसबुक यूजर्स के बारे में जानकारी मांगी है। फेसबुक से भी पूछा गया है कि ये दोनों फेसबुक अकाउंट कहां से और कब खोले गए हैं? इनके आईपी ऐड्रेस के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। पुलिस अब इस जवाब का  इंतजार कर रही है। ये जानकारी अगले हफ्ते तक पुलिस के पास पहुंच जाने की उम्मीद है। इसके बाद धमकी देने वाले दोनों फेसबुक अकाउंट के पीछे का असली चेहरा जाहिर हो जाएगा।

क्या कह रहे हैं वामपंथी छात्र संगठन

AISF के सदस्य देबोजित भट्टाचार्य का नाम सामने आने के बाद से लेफ्ट संगठन इसे लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। वो इस बात की न तो पुष्टि कर रहे हैं और न ही इस बात से इनकार कर रहे हैं कि जिस शख्स का नाम सामने आ रहा है वो उनका सदस्य है। यह भी नहीं पता चल रहा है कि देबोजित भट्टाचार्य नाम का ये शख्स कहां पर है। हैरानी की बात ये है कि कल तक गुरमेहर के हितैषी बने ये सारे संगठन अब आरोपी को पकड़ने की बात तक नहीं कर रहे। हमने जब इस बारे में कुछ पदाधिकारियों से बात की तो उन सभी ने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें कुछ नहीं मालूम। उधर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस मामले पर हमलावर है। संगठन ने ही कुछ दिन पहले अर्जी देकर दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और अब उसके ही नेता लगातार दिल्ली पुलिस पर दबाव बनाए हुए हैं कि वो तेज़ी से जांच को आगे बढ़ाए और असली का चेहरा सामने लाए।

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