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वैलेंटाइन डे से पहले फिर शुरू हुई वामपंथी गुंडागर्दी

जब भी वैलेंटाइन डे के विरोध की बात होती है तो मीडिया ऐसे दिखाता है मानो इसके लिए सिर्फ बजरंग दल और दूसरे हिंदू संगठन दोषी हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि केरल में वामपंथी पार्टियां वैलेंटाइन डे का विरोध कर रही हैं। वही वामपंथी पार्टियां जो जेएनयू में खुद को लिबरल और खुली सोच वाला बताती हैं। सीपीएम के छात्र संगठन एसएफआई ने तिरुवनंतपुरम के यूनिवर्सिटी कॉलेज कैंपस में कई लड़के-लड़कियों की इसलिए पिटाई कर दी क्योंकि वो एक साथ घूम रहे थे।

पीड़ित स्टूडेंट्स ने दर्ज कराई शिकायत

मारपीट की घटना के बाद दो लड़कियों और एक लड़के ने तिरुवनंतपुरम के कैंटोनमेंट थाने में जाकर एफआईआर भी दर्ज कराई है। इनके नाम हैं- अस्मिता कबीर, सूर्या गायत्री और टीएस जिजेश। शिकायत में बताया गया है कि जब वो थिएटर में नाटक देखने जा रहे थे तभी एसएफआई के हथियारबंद कार्यकर्ताओं ने धावा बोल दिया और उनके साथ मारपीट की। हमलावरों ने लड़कियों के साथ भद्दी हरकतें भी की। जिजेश नाम के जिस लड़के की पिटाई की गई है, वो मलायलम फिल्म इंडस्ट्री में भी काम करता है। तीनों ने पुलिस में शिकायत तो कर दी है, लेकिन उन्हें इंसाफ मिलने की उम्मीद नहीं है क्योंकि केरल में सीपीएम की ही सरकार है और उनकी शह पर ही एसएफआई के छात्र खुलेआम कैंपस में गुंडागर्दी करते हैं। जिस दौरान ये सारी घटना हुई, स्कूल के बाकी छात्र और वाइस प्रिंसिपल चुपचाप वहीं पर तमाशा देखते रहे।

मामला रफा-दफा करने में जुटी पुलिस

जैसी कि उम्मीद थी केरल पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हमलावरों की संख्या काफी ज्यादा थी, लेकिन सिर्फ 3 लड़कों के नाम एफआईआर में लिखे गए हैं। इतना ही नहीं पुलिस ने इस मामले में छेड़खानी की बात को ही हटा दिया है। क्योंकि उसकी धारा जुड़ने पर उसे हमलावरों पर फौरन कार्रवाई करनी पड़ती। इन छात्र-छात्राओं ने अब राज्य महिला अधिकार आयोग में भी शिकायत की बात कही है। अस्मिता, सूर्या और जिजेश नाम के ये तीनों छात्र-छात्राओं का किसी राजनीतिक संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। सूर्या कुछ वक्त पहले तक एसएफआई की समर्थक हुआ करती थी लेकिन छात्र राजनीति के नाम पर संगठन की गुंडागर्दी के चलते उसने इससे दूरी बना ली।

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