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शूटर हिना का इस्लामी कट्टरपंथ को करारा जवाब!

मशहूर भारतीय शूटर हिना सिद्धू ने इस्लामी कट्टरपंथियों को करारा जवाब दिया है। ईरान में होने वाले एशियाई एयर गन शूटिंग चैंपियनशिप में आयोजकों ने महिला शूटरों के लिए हिजाब पहनने की शर्त लगाई थी। हिना ने यह कहते हुए चैंपियनशिप में खेलने से ही इनकार कर दिया कि वो इस शर्त को मानने को तैयार नहीं हैं। हिना सिद्धू वर्ल्ड नंबर वन पिस्टर शूटर रह चुकी हैं और उन्हें अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है। हिना ने लंदन और रियो ओलंपिक में भी हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा है कि एक महिला होने के नाते हिजाब पहनने जैसी दकियानूसी सोच को वो स्वीकार नहीं कर सकतीं। उन्होंने बताया कि मुझसे कहा गया था कि प्रतियोगिता के लिए सिर, कान और मुंह को ढंकना जरूरी होगा। जबकि शूटिंग जैसे खेल में ऐसी शर्तों की कोई जगह नहीं हो सकती।

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खेलों में से इस्लामी शर्तें हटाने की मांग

हिना सिद्धू ने अपने बयान में कहा है कि मुझे बताया गया कि ईरान में इस्लामी नियमों के तहत मुझसे कहा गया कि वहां पहुंचते ही हिजाब पहनना जरूरी होगा और घुटने से नीचे तक का लंबा कोट पहनना होगा। मुझे लंबा कोट पहनने से कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन शूटिंग के दौरान हिजाब पहनने की शर्त को मैं स्वीकार नहीं कर सकती। खेलों के कंपटीशन में हिजाब पहनने के नियम पर स्पोर्ट्स एसोसिएशन आईएसएसएफ को ध्यान देना चाहिए। हिना सिद्धू अपने पति रौनक पंडित के साथ मुंबई में रहती हैं। उनके पति भी जाने-माने शूटर हैं।

खेलों में हिजाब के खिलाफ उठी आवाज

हिना सिद्धू के बायकॉट के बाद दुनिया भर में यह विवाद एक बार फिर गरमा गया है। दुनिया की कई और जानी-मानी खिलाड़ियों ने हिजाब पहनने की दकियानूसी शर्त को मानने से इनकार कर दिया है। अमेरिकी ग्रैंड मास्टर नाजी पाइकिड्जे ने अगले साल तेहरान में होने वाली वर्ल्ड महिला शतरंज प्रतियोगिता में यह कहते हुए खेलने से इनकार कर दिया कि “मैं ऐसी अपमानजनक शर्त को मंजूर नहीं कर सकतीं। जो देश मजहब के नाम पर औरतों के साथ ऐसा सलूक करता हो उसकी शर्तें मानने से मैं इनकार करती हूं।”

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रियो ओलंपिक पर जाने से पहले हिना सिद्धू ने पीएम मोदी के साथ यह तस्वीर खिंचवाई थी। इस तस्वीर को उन्होंने अपने फेसबुक और ट्विटर पेज पर शेयर किया था।
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