Home » Loose Top » मुलायम को जेल जाने से ऐसे बचाया था अमर सिंह ने!
Loose Top

मुलायम को जेल जाने से ऐसे बचाया था अमर सिंह ने!

Photo Courtesy: Indian Express

परिवार का झगड़ा सुलझाने के चक्कर में मुलायम सिंह यादव ने एक ऐसी बात कह दी है, जिसके बारे में हर कोई जानना चाहता है। सोमवार को हुई बैठक में मुलायम ने कहा था कि अमर सिंह ने मुझे बचाया था, वरना मैं 7 साल के लिए जेल चला गया होता। इसके बाद से लोग पूछ रहे हैं कि आखिर वो क्या गुनाह था जो उन्होंने किया था। गुनाह भी ऐसा जिसमें सजा 7 साल की होती। न्यूज़लूज़ की तहकीकात के मुताबिक मामले में गुनहगार सिर्फ मुलायम और अमर सिंह नहीं, बल्कि कांग्रेस भी है। नेताजी ने जोश में आकर वो राज खोल दिया, जिस पर काफी पहले मिट्टी पड़ चुकी थी।

मुलायम की ‘अवैध जायदाद’ का मामला!

2007 में सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुलायम सिंह के खिलाफ शुरुआती जांच पूरी की थी। इसकी रिपोर्ट में नेताजी ही नहीं, बल्कि बेटे अखिलेश यादव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। ये वही वक्त था जब भारत-अमेरिका न्यूक्लियर डील को लेकर संसद में विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी थी। अब तक न्यूक्लियर डील पर मनमोहन सिंह का विरोध करती दिख रहे मुलायम ने अचानक पलटी मार दी थी और सरकार के पक्ष में वोट दिया था। अब यह बात समझना बहुत मुश्किल नहीं है कि यूपीए सरकार ने धमकाया होगा कि अगर हमारे पक्ष में वोट नहीं दिया तो केस दर्ज होगा और जेल जाना होगा। इस रिपोर्ट के बावजूद तब की मनमोहन सरकार ने केस ठंडे बस्ते में दिया।

मुलायम-कांग्रेस के बीच बिचौलिया बने अमर

एसपी सुप्रीमो को बचाने और बदले में एटमी डील पर सरकार का साथ देने के इस फॉर्मूले का आइडिया अमर सिंह का था। मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस करने वाला कांग्रेस का ही एक नेता विश्वनाथ चतुर्वेदी था। 2006 में चतुर्वेदी की अर्जी पर ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। 41 पेज की इस शुरुआती रिपोर्ट में यादव परिवार के खिलाफ हर वो बात थी, जिसके आधार पर उनके खिलाफ पक्का केस बन रहा था। सीबीआई ने रिपोर्ट में 1993 से 2005 के बीच मुलायम परिवार की जायदाद का पूरा ब्योरा इस रिपोर्ट में शामिल किया था।

2013 में एक बार फिर ब्लैकमेल हुए मुलायम

2007 में मुलायम जेल जाने से तो बच गए, लेकिन सीबीआई में उनकी फाइल खुली रही। इसके बाद 2013 में कांग्रेस ने एक बार फिर उनकी बांह मरोड़ी। इस वक्त सोनिया गांधी ने फूड बिल पास कराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। समाजवादी पार्टी फूड बिल को किसान विरोधी बताती रही, लेकिन बिल पेश होने से पहले अचानक उन्होंने सुर बदल दिए। इस बार मुकदमा ठोंकने वाले कांग्रेस नेता विश्वनाथ चतुर्वेदी को उनकी ही पार्टी के सीनियर नेताओं ने बुलाकर धमकाया कि सरकार बचाने के लिए वो केस वापस ले लें। फूड बिल पर समर्थन के बदले में कांग्रेस ने सीबीआई से मुलायम को क्लीन चिट दिला दी। सुनिए विश्वनाथ चतुर्वेदी का वो बयान, जो उस वक्त सभी टीवी चैनलों पर चला था।

मुलायम की पर्सनल लाइफ का रिपोर्ट में जिक्र

रिपोर्ट में सीबीआई ने मुलायम की निजी जिंदगी के बारे में भी काफी अहम बातें दर्ज कीं। एक जगह बताया गया है कि वो अपनी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता से कैसे मिले और कैसे साधना गुप्ता का बेटा प्रतीक दरअसल किसी और का बेटा है। प्रतीक के स्कूल सर्टिफिकेट में पिता का नाम एमएस यादव लिखा है, जबकि वो साधना गुप्ता की पहली शादी से पैदा हुआ था। मुलायम के साधना को अपनी पत्नी घोषित करने के पहले ही प्रतीक के स्कूल में पिता की जगह एमएस यादव का नाम दर्ज हो चुका था।

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...
Don`t copy text!