Home » Loose Views » रिलायंस जियो के सिम पर ‘बहुत क्रांतिकारी’ विचार
Loose Views

रिलायंस जियो के सिम पर ‘बहुत क्रांतिकारी’ विचार

Anand Singh
आनंद सिंह

पुण्य प्रसून वाजपेयी आजतक न्यूज चैनल का पत्रकार उर्फ ‘क्रांतिकारी अंकल’ परसों बड़े बैचेन थे। मुकेश अंबानी की घोषणाओं के बाद। रिलायंस जियो के सदमे में हाथ मलते हुए मासूमियत से पूछ रहे थे ‘नेट सस्ता होने से, कॉलिंग फ्री होने से गरीबों की भूख मिट जाएगी क्या? भारत में 2 करोड़ लोग रोज भूखे सोते है। उनका पेट भर जाएगा क्या?

मतलब अभी तक जो वोडाफोन, आइडिया, एयरटेल और दूसरी कंपनियां कर रही थीं उससे भूख मिट रही थी? जिस टेलीविजन के जरिए वो खुद लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं उसके आने से 2 करोड़ लोगों का पेट भर गया क्या?

जो महंगे सूट पहन कर वो टीवी पर ज्ञान झाड़ते हैं वही बेचकर कुछ लोगों को खाना क्यूं नही खिला देते? अरविंद केजरीवाल की दलाली करने से कितने गरीबों का भला होता है? इसका रिकॉर्ड है इनके पास? साल में तीन बार ‘मीडिया समिट’ के नाम पर देशभर के हर क्षेत्र की बड़ी हस्तियों को चार्टर्ड एरोप्लेन से लाने-ले-जाने, महंगे होटलों में सबको रुकवाने, चार दिन का पूरा प्रोग्राम फाइवस्टार होटलों में आयोजित कर करोड़ों रुपये खर्च करने वाले ‘इंडिया टुडे’ ग्रुप का ये पत्रकार यही सवाल अपने मालिक अरुण पुरी से क्यों नहीं करता कि इन पैसों से लाखों गरीबों को खाना क्यूं नहीं खिलाते?

अय्याशियों के शौकीन ये फर्जी क्रांतिकारी जब ऐसी बातें करते हैं तो ये अपना मानसिक दिवालियापन ही नही दिखा रहे होते साथ-साथ अपनी रात की दारू और चिकन का भी इंतजाम कर रहे होते हैं। इनकी विश्वसनीयता अब उतनी ही रह गई है जितनी अरविंद केजरीवाल की।

रिलायंस जियो किसी कम्पनी के टैरिफ प्लान से किसी पत्रकार को दिक्कत हो रही है ये महत्वपूर्ण बात नहीं है। महत्वपूर्ण बात ये है कि ये लोग पूरी तरह से कुत्ते बन चुके है जो 24 घंटे अपनी वफादारी के नशे में रहते है।

(आनंद सिंह की फेसबुक वॉल से साभार)

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...
Don`t copy text!