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पाक से आए लाखों हिंदू और सिखों के लिए खुशखबरी

पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देशों से घर-बार छोड़कर आए हजारों परिवारों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने इन सभी को बैंक एकाउंट खोलने, रोजगार के लिए जमीन खरीदने, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने की छूट दे दी है। यह सुविधा हिंदू ही नहीं, बल्कि सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी परिवारों के लिए भी लागू होगी। इन परिवारों को औपचारिक तौर पर भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया अभी चल रही है। उससे पहले नरेंद्र मोदी सरकार का यह फैसला इन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

मोदी ने पूरा किया अपना चुनावी वादा

पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कहा था कि जो इस्लामी कट्टरता की वजह से जो गैर-मुस्लिम पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देश छोड़कर भारत आ रहे हैं उनकी नागरिकता का बंदोबस्त सरकार करेगी। क्योंकि इनके पास भारत के अलावा कोई दूसरा देश है भी नहीं। ज्यादातर ये वो लोग हैं जो बंटवारे के वक्त भारत नहीं आ सके थे। इन लोगों को नागरिकता देने के बारे में एक बिल संसद के शीतकालीन सत्र में आने की उम्मीद है। फिलहाल ऐसे तमाम परिवार भारत में लॉन्ग टर्म वीसा पर रह रहे हैं। अभी भारत में ऐसे शरणार्थियों की संख्या 2 लाख से कुछ अधिक है। इनमें से ज्यादातर हिंदू और सिख हैं। इनमें भी बड़ी संख्या हिंदू दलितों की है, जो पाकिस्तान में नर्क से भी बदतर जिंदगी छोड़कर आए हैं। भारत में दलितों के हितैषी बनने वाले मुसलमानों ने कभी इनकी हालत पर चिंता नहीं जताई। भारत में मानवाधिकार के नाम पर दुकान चलाने वाले तमाम संगठन कश्मीर के आतंकवादियों के लिए तो फिक्रमंद रहते हैं, लेकिन ऐसे किसी संगठन ने आजतक हिंदू शरणार्थियों के लिए एक भी धरना-प्रदर्शन नहीं किया है। लोकसभा चुनाव के वक्त नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर खुलकर अपना पक्ष रखा था।

बच्चों को भारत में पढ़ा सकेंगे शरणार्थी

अभी इन शरणार्थियों के बच्चे भारत के सरकारी शिक्षण संस्थानों में दाखिला नहीं ले सकते थे। लेकिन केंद्र सरकार ने इसकी इजाज़त भी दे दी है। फिलहाल उन्हें फॉरेनर कोटा के तहत एडमिशन मिलेगा, लेकिन इसके लिए उन्हें दूसरे विदेशियों की तरह सरकार से पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। इस तरह से ये लाखों हिंदू और सिख शरणार्थी लगभग पूरी तरह भारतीय नागरिक हो जाएंगे। अभी उन्हें सिर्फ वोटिंग का अधिकार नहीं होगा। संसद से नागरिकता कानून में संशोधन के बाद यह इकलौती बंदिश भी खत्म हो जाएगी।

पाकिस्तानी हिंदुओं की मदद को खुले हाथ

मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार पड़ोसी देशों से आए हिंदुओं और सिखों की समस्याओं पर ध्यान दिया गया है। कांग्रेस के शासन में इन पर तमाम तरह की बंदिशें हुआ करती थीं। पिछले ही दिनों जयपुर में रहने वाली एक हिंदू शरणार्थी लड़की मशल को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मेडिकल कॉलेज में दाखिला तक दिलवा दिया था।

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