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विरोध के बाद भी शराब ठेके खुलवा रहे हैं केजरीवाल

काफी हो-हंगामे और विरोध के बावजूद दिल्ली में शराब की नई दुकानें खुलना जारी है। हालत यह है कि इसमें और तेज़ी ला दी गई है। एक आरटीआई से मिले जवाब के मुताबिक सरकार ने शराब की दुकान के 72 नए लाइसेंस जारी कर दिए हैं। इसके अलावा 217 रेस्टोरेंट्स को बार के लाइसेंस दिए गए। कुल मिलाकर दिल्ली में पिछले डेढ़ साल में 289 नए मयखाने खुल गए। हैरत की बात यह है कि केजरीवाल सरकार पहले शराब की दुकानों का विरोध करती आई है और केजरीवाल यहां तक कहा करते थे कि अगर किसी इलाके में महिलाएं विरोध में हों तो वहां शराब की दुकान नहीं खुलेगी। अब हालत यह है कि महिलाओं की राय लेना तो दूर, उनके विरोध-प्रदर्शनों का भी कोई असर नहीं हो रहा है।

शराबखोरी से बढ़ रहे हैं अपराध

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक सड़कों पर आए दिन होने वाले हादसों, रोड रेज़, महिलाओं पर अत्याचार और दूसरे तमाम अपराधों में से ज्यादातर शराब के नशे में किए जाते हैं। इसके बावजूद दिल्ली सरकार जिस रफ्तार से शराब के नए लाइसेंस जारी कर रही है, वो चौंकाने वाला है। इतना ही नहीं कुछ दिन पहले खबर आई थी कि दिल्ली में शराब पीने की उम्र कम करने पर भी विचार चल रहा है। इस सबके बीच दिल्ली की आम महिलाओं की हालत खराब है। क्योंकि ज्यादातर शराब की दुकानों के आसपास लफंगों और असामाजिक तत्वों के मंडराने की वजह से महिलाओं का आना-जाना मुश्किल हो जाता है।

अपनी ही बात भूल गए केजरीवाल

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल शराब की दुकानों को लेकर क्या कहा करते थे वो आप इस 53 सेकेंड के वीडियो में सुन सकते हैं।

क्या केजरीवाल और शराब माफिया में साठगांठ है?

यह आरोप लगते रहे हैं कि आम आदमी पार्टी और शराब माफिया के बीच किसी तरह की साठगांठ है। उनकी दलील है कि चुनावों में आम आदमी पार्टी को शराब के कारोबार से जुड़े कुछ लोगों से करोड़ों रुपया चंदा मिला था। हैरत की बात है कि आम आदमी पार्टी पंजाब में तो नशाखोरी के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन दिल्ली में उसने शराब को कमाई का जरिया बना लिया है। नीचे आप आरटीआई के तहत मिले जवाबों को देख सकते हैं।

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