Home » Loose Views » कश्मीर के बहाने क्या चाहती है मीडिया की ये जमात?
Loose Views

कश्मीर के बहाने क्या चाहती है मीडिया की ये जमात?

दोनों तस्वीरें पुरानी हैं। बायीं तरफ की तस्वीर श्रीनगर के लाल चौक पर इस्लामिक स्टेट का झंडा दिखाए जाने की है, बायीं तस्वीर में आप देख सकते हैं कि अलगाववादी कैसे छोटे बच्चों को ढाल बना रहे हैं।

Dhirendra Pundirकश्मीर सिर्फ जिहाद के लिए नहीं, इस देश के लिए भी आखिरी किला है। कश्मीर के लिए एअर कंडीशंड रूम में आंसू बहाने वाले हकीकत से उतने ही दूर है जितना दूर चांद से हैं। चांद पर भी बस्तियां हो, बच्चों के खेलने के पार्क हो या नालियां किस तरह की बने… इस पर भी उतनी ही ताकत से बोल सकते है ये तमाम लोग।

पत्रकारों की एक जमात है जिसको बहुत चुभता है कश्मीर में सेना और पैरामिलिट्री का कोई फायर करना। 8 जुलाई से ऐसे कई वीडियो पब्लिक हुए जिनमें किस तरह से ये जिहादी लोग ( बच्चों को आगे करके) सिक्योरिटी फोर्सेज पर हमले कर रहे है। वापस लौटती सिक्योरिटी, गाड़ियों को बैक करते जवान और आखिर में भागते हुए पुलिसवालों के हाथों में हथियार है जिससे वो सामने से आने वाली एक गोली के बदले 100 गोलियों से जवाब देते है।

मैं एक बहुत घटियापन दिखाते हुए बोल रहा हूं कि ज्यादातर ऐसे पत्रकारों का ताल्लुक अंग्रेजी मीडिया से है। उनको लगता है कि इंसानियत का ठेका उनके पास है बाकी देश जंगलियों का है। कश्मीर की लड़ाई एक धारा से लड़ाई है, जिसने पाकिस्तान खड़ा किया। पाकिस्तान के बनने के पीछे कोई भौगोलिक कारण नहीं था और न ही कोई ऐतिहासिक कारण। सिर्फ जेहादी लोग और ये यकीन रखने वाले कि उन्होंने इस देश पर ( जिसे वो हिंदुओं का कहते है) 1000 साल तक शासन किया है और ये धर्मेत्तर लोग अधम और नीच हैं।

आज हर पोस्ट पर ऐसे बहुत से लोगो को देखता हूं जो फौरन अपनी सद्भावना दिखाने आ जाते हैं। उनके पीछे उद्देश्य साफ है। उनको यकीन है इस तरह झूठ लिखना भी कहीं जगह दिला देगा। कश्मीर में जूझ रहे जवानों और सिक्योरिटी फोर्स के लोगों को जिस तरह से बेइज्जत करने की कोशिश हो रही है उसके खिलाफ आवाज़ उठाना जरूरी है और यह बताना भी जरूरी है कि कश्मीर का सवाल सिर्फ जिहादियों के लिए नहीं एक देश के लिए भी है। 

(यह लेख वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र पुंडीर के फेसबुक पेज से साभार लिया गया है।)

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें


कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

अपनी लिखी पोस्ट या जानकारी साझा करें 

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!