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पीओके के बाद अब बलूचिस्तान की बारी है…

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर पहली बार दुनिया का ध्यान खींचने के बाद भारत सरकार अब खुलकर बलूचिस्तान की मांग का समर्थन करने की तैयारी में है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में बीते कई साल से आजादी की लड़ाई चल रही है। कश्मीर में पाकिस्तानी दखलंदाजी के बावजूद भारत सरकार ने अब तक कभी खुलकर बलूचिस्तान का समर्थन नहीं किया। अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक 4 अक्टूबर को बलूचिस्तान लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (बीएलओ) के नेताओं ने दिल्ली में एक बैठक भी की थी। इसमें बीएलओ के नेता बलाच परदिली ने भी शिरकत की। परदिली 2009 से दिल्ली में रह रहे हैं।

आंदोलन तेज़ करने की तैयारी

लंदन में रह रहे बलोच नेता नवाबज़ादा मारी जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान बलूचिस्तान की आजादी के आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा नवाबज़ादा मारी ने बयान जारी करके भारत सरकार से मदद मांगी है। उन्होंने ये मसला रेडक्रॉस तक पहुंचाने के लिए भी भारत से सहयोग मांगा है।

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दुनिया का ध्यान खींचने की कोशिश

पहली कोशिश यही होगी कि दुनिया का ध्यान बलूचिस्तान आंदोलन की तरफ जाए। उस इलाके में पाकिस्तानी सेना के अत्याचार की कहानियां अब तक दुनिया की नज़रों से छिपी रही हैं। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में नवाज़ शरीफ के भाषण के दौरान भी यूएन बिल्डिंग के बाहर बलूचिस्तानी आंदोलनकारी प्रदर्शन कर रहे थे।


क्या है भारत की स्ट्रैटेजी?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब यह तय है कि भारत सरकार द्विपक्षीय बातचीत और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के हनन का मसला उठाया करेगी। साथ ही दिल्ली में रह रहे बलोच एक्टिविस्ट इस मुद्दे पर ध्यान खींचने के लिए समय-समय पर बैठकें और प्रदर्शन करते रहेंगे। इसके लिए जगह और मौका वैसा

बलूचिस्तान की क्या है समस्या?

बलूचिस्तान पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान के बीच का इलाका है। यहां के लोग मानते हैं कि 27 मार्च 1948 को पाकिस्तानी सेना उनके देश में जबरन घुस आई और उन्हें बिना उनकी मर्जी के पाकिस्तान का हिस्सा बना दिया गया। पाकिस्तान में बलोच लोगों के खिलाफ 2004 से अबतक 5 बड़ी फौजी कार्रवाइयां हो चुकी हैं। जिनमें 19 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने का अनुमान है। बलूचिस्तान में हजारों लोग ऐसे हैं जो कहां लापता हो गए, इसका आज तक पता नहीं चल सका है। (न्यूज़लूज़)

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