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बीजेपी के 4 ‘बिगड़ैलों’ पर चलेगा डिसिप्लीन का डंडा

सत्ता में आने के बाद से बीजेपी अपने कुछ बिगड़ैल सीनियर नेताओं के बर्ताव से परेशान है। अब पहली बार इन पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है, ताकि आगे से पार्टी में अनुशासन के लिए एक सबक दिया जा सके। सूत्रों के मुताबिक पार्टी को कार्रवाई के लिए सही वक्त और मौके का इंतजार है और ये मौका बिहार चुनाव के बाद ही आएगा। ये नेता हैं-

1. यशवंत सिन्हा

बिगड़ैलों की लिस्ट में सबसे सीनियर यशवंत सिन्हा लोकसभा चुनाव के वक्त से समय-समय पर नरेंद्र मोदी और पार्टी की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। बेटे जयंत सिन्हा को मोदी कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद माना गया था कि वो अब चुप हो जाएंगे, लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है। कई बार उनके बयानों से पार्टी और सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। अभी हाल ही में उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत का विरोध किया था।

2. शत्रुघ्न सिन्हा

बिहारी बाबू हर वो बयान हर वो कोशिश कर चुके हैं, जिसके बाद कोई भी पार्टी अपने किसी नेता को बाहर का रास्ता दिखा देती है। शत्रुघ्न सिन्हा चाहते भी यही हैं, लेकिन बीजेपी उनके इस अरमान को पूरा नहीं कर रही है। इसकी दो वजहे हैं। एक तो बिहार चुनाव और दूसरा ये कि शत्रुघ्न सिन्हा पार्टी के सांसद हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने विरोधियों को फायदा पहुंचाने की ही नहीं, बल्कि एनडीए में फूट डालने तक कि कोशिशें की हैं। उन्होंने इसी महीने की 23 तारीख को कहा था कि सीएम पद के लिए राम विलास पासवास सबसे सही कैंडिडेट हैं। इसके अलावा वो समय-समय पर नीतीश कुमार से मिलकर उनकी तारीफें भी करते रहते हैं।

3. आरके सिंह

गृह सचिव पद से रिटायर होने के फौरन बाद लोकसभा चुनाव में आरके सिंह को बीजेपी से टिकट मिल गया और वो जीतकर लोकसभा पहुंच गए। लेकिन यहां वो ब्यूरोक्रेसी वाला अनुशासन नहीं रख पाए। पहले उन्होंने बयान दिया कि ललित मोदी भगोड़ा है और किसी को उसकी मदद नहीं करनी चाहिए। जबकि पार्टी की लाइन कुछ अलग ही थी। इसके बाद साबिर अली के बीजेपी में शामिल होने पर भी आरके सिंह ने खुलेआम ऐतराज जताया था और कहा था कि इससे पार्टी की इमेज खराब हुई हे।

4. कीर्ति आजाद

बिहार के बड़े ब्राह्मण नेता और सांसद कीर्ति आजाद सीधे बीजेपी से तो नहीं, लेकिन क्रिकेट की राजनीति के चलते अरुण जेटली से खुलकर पंगे लेते रहते हैं। ललित मोदी विवाद के वक्त उन्होंने सुषमा स्वराज के बचाव में कहा था कि ये कुछ आस्तीन के सांपों का काम है।

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