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क्या टाइम्स ऑफ इंडिया नरेंद्र मोदी और बीजेपी के खिलाफ अभियान चला रहा है?

amit-shah-68देश का सबसे बड़ा अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया एक बार फिर से विवादों में है। विवाद की वजह कुछ और नहीं बल्कि सोशल मीडिया में अखबार के खिलाफ भड़का गुस्सा है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक दिन पहले खबर छापी जिसके मुताबिक भोपाल में अमित शाह ने कहा है कि अच्छे दिन 25 साल बाद आएंगे। लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी। अमित शाह ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा था कि अगर हम पंचायत से लेकर संसद तक हर जगह बीजेपी की जीत पक्की करवा दें तो 25 साल में भारत विश्व गुरु बन सकता है। टाइम्स ऑफ इंडिया जैसा अखबार जो अपनी किसी खबर में किसी डॉक्टर या किसी दूसरे प्रोफेशन को quote भी पैसे लेकर करता है, ये बात गले नहीं उतरती कि इतनी बड़ी-बड़ी गलतियां बिना किसी से पैसे लेकर हो रही हैं। जाहिर है पहली नजर में ये पेड न्यूज का ही मामला लग रहा है।
देखिए अमित शाह के भाषण का वीडियो

टाइम्स ऑफ इंडिया की फर्जी खबर पर हंगामा हुआ तो आज के न्यूजपेपर में एक छोटी सी खबर (माफी या खेद नहीं) छाप दी कि अमित शाह ने इस बात पर सफाई दी है कि उन्होंने 25 साल में अच्छे दिन आने की बात नहीं, बल्कि कुछ और कहा था। मतलब गलती टाइम्स ऑफ इंडिया की और सफाई अमित शाह की।

2win

लेकिन ये पहला मामला नहीं है जब टाइम्स ग्रुप नरेंद्र मोदी या उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ गलत खबरें प्लांट करते रंगे हाथ पकड़ा गया हो। ललित मोदी का विवाद अभी बहुत पुराना नहीं है। तब टाइम्स ऑफ इंडिया के ऑफिशियल हैंडल से ट्वीट किया गया कि राजस्थान कैबिनेट ने वसुंधरा की मदद के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया है। जबकि एएनआई का ओरिजिनल ट्वीट कुछ और ही था।

ANI Tweet
TOI TWEET

इसी तरह पिछले दिनों लीड स्टोरी छपी कि कैसे IAS अधिकारी मोदी सरकार के साथ काम नहीं करना चाहते। IAS एसोसिएशन ने खबर के ट्वीट पर ही उसे गलत साबित कर दिया फिर भी टाइम्स ऑफ इंडिया ने न तो माफी मांगी और न ही भूल-सुधार किया।

IAS TOI

टाइम्स ऑफ इंडिया ही नहीं, टाइम्स ग्रुप के बाकी संस्थान जैसे कि टाइम्स नाउ और हिंदी अखबार नवभारत टाइम्स भी इसी अभियान में जुटा हुआ है। नवभारत टाइम्स में आए दिन आपको सूत्रों के हवाले से ऐसी-ऐसी खबरें मिल जाएंगी, जिनका न तो कोई सिर होता है और न पैर।

news paper collage

वैसे टाइम्स ऑफ इंडिया की इसी हरकत का नतीजा था कि लोगों में उसके लिए ट्विटर पर गुस्सा #ShameOnTOI हैशटैग के साथ उतरा।

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