Home » Archive » क्या केजरीवाल सरकार का पहला घोटाला शुरू हो चुका है?
Archive Loose Top

क्या केजरीवाल सरकार का पहला घोटाला शुरू हो चुका है?

aap

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने अपने विज्ञापन का बजट 2019 गुना बढ़ाकर 526 करोड़ रुपये कर दिया है। लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात ये पता चली है कि केजरीवाल सरकार ने 526 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए अपनी अलग एजेंसी बना ली है। इस एजेंसी का नाम है ‘शब्दार्थ’। वैसे तो ये एक सरकारी एजेंसी होगी, लेकिन इसका मुखिया एक प्राइवेट आदमी (मतलब आम आदमी पार्टी का कोई सदस्य) होगा। उसका चुनाव दिल्ली सरकार करेगी। वैसे दिल्ली में सरकार के कामकाज के प्रचार के लिए पहले से ही इन्फॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी डिपार्टमेंट है। लेकिन केजरीवाल सरकार को उस पर भरोसा नहीं है। नई एजेंसी में सरकारी अफसरों का कोई रोल नहीं होगा। सरकार और उसके चुने हुए लोगों के हाथ में सारी कमान होगी। मतलब ये कि 526 करोड़ रुपये के फंड की जिम्मेदारी ऐसे लोगों को दी जाएगी, जिनके चुनाव में पारदर्शिता की उम्मीद नहीं है।

सीधा मतलब ये कि यहां से नए घोटाले का जन्म हो सकता है। विपक्षी नेता अभी से इसे घोटाले का नाम देने लगे हैं। ‘शब्दार्थ’में सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट यानी ठेके पर नौकरियां दी जाएंगी। मतलब ये कि चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के पोस्टर-बैनर चिपकाने वाले कार्यकर्ताओं के ये नौकरी मिलने के चांस ज्यादा होंगे। वैसे मुख्यमंत्री बनने से पहले अरविंद केजरीवाल सरकारी नौकरियों में ठेका प्रथा के खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं। (न्यूज़लूज़ डेस्क)

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...
Don`t copy text!