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हो सकता है आपको भी कोरोना वायरस रहा हो और पता तक नहीं चला!

दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) का आतंक छाया हुआ है, हर रोज़ हज़ारों की संख्या में लोगों को कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण की ख़बरें आ रही हैं। बहुत सारे लोग मानते हैं कि यह पहली बार है जब यह वायरस फैला है। लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक़ ऐसा नहीं है। पिछले कुछ समय से यह वायरस सीमित तरीक़े से ही सही फैल चुका था और ज़्यादातर लोगों को इसके संक्रमण का पता तक नहीं था। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया के डॉक्टर ली रिले (Dr. Lee Riley) का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना है कि कई लोग पहले से कोविड-19 वायरस से संक्रमित हो चुके थे और चूँकि उनका कोई टेस्ट वग़ैरह नहीं हुआ इसलिए किसी को पता नहीं चला। उनके मुताबिक़ अगर हाल ही में आप बीमार पड़े थे, तो कुछ हद तक इस बात की संभावना है कि आपको कोविड-19 का ही इन्फेक्शन हुआ होगा। क्योंकि वैसे भी इसके टेस्ट का तरीका अभी हाल में ही निकला है। वेब मैगजीन एलिमेंटल में प्रकाशित एक लेख में दावा किया गया है कि बहुत सारे लोग ऐसे हो सकते हैं जो कोरोना वायरस से संक्रमित हों और उन्हें इसका पता भी न चला हो।

चीन से दुनिया भर में फैला वायरस

रिले के मुताबिक़ ज़रूरी नहीं कि कोविड-19 वायरस से संक्रमण में आने वाले व्यक्ति में भी वैसे ही लक्षण दिखाई दें। कई बार तो कोई भी लक्षण नहीं आते। चीन में भी यह देखा गया है कि बहुत सारे लोग कोविड-19 के संपर्क के बावजूद सामान्य रहे। अमेरिका की ही बोस्टन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के डॉक्टर सैंड्रो गेला (Dr. Sandro Galea) का कहना है कि बहुत सारे संक्रमित लोगों में ज्यादा लक्षण नहीं देखे जा रहे हैं। कम लक्षणों वाले ऐसे लोगों की संख्या 80 फीसदी तक है। हो सकता है कि उनको हल्का बुखार, खांसी वगैरह ही हो, जैसा कि अक्सर मौसमी वायरल फीवर में होता है। ऐसे बहुत सारे लोगों को तो पता भी नहीं चलता कि उन्हें कोरोनावायरस का संक्रमण था। हो सकता है कि आपमें से भी बहुत सारे लोगों को यह हाल फिलहाल में हुआ हो। चीन में जब यह बीमारी शुरू हुई थी तब भी बहुत सारे लोग वहां से भारत और दुनिया के दूसरे देशों में आ जा रहे थे।

कोविड-19 होने की आशंका कितनी?

यह पूछा जा सकता है कि कोविड-19 के ही संक्रमण की आशंका क्यों? सही है कि यह बात पक्के तौर पर नहीं कही जा सकती। डॉक्टर रिले का कहना है कि अमेरिका में अब तक जिन लोगों का कोरोनावायरस टेस्ट हुआ उनमें से सिर्फ़ 10 फ़ीसदी लोगों में ही ये बीमारी निकली। इसका मतलब बाक़ी जिन लोगों में मिलते-जुलते लक्षण दिखाई दे रहे थे उनका कारण कुछ दूसरे पैथोजन थे। लेकिन कोविड-19 संक्रमित लोगों में समस्या तब बढ़ती है, जब उन्हें पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी कोई और समस्या भी हो। ऐसे लोगों में फ़िलहाल ये पता करने का कोई तरीक़ा भी नहीं है कि क्या वो इस वायरस से संक्रमित हुए थे। ऐसा सिर्फ़ एंटीबॉडी टेस्ट से पता किया जा सकता है, लेकिन उसमें भी यह बात पक्के तौर पर नहीं पता चल सकता कि इनफ़ेक्शन कोविड-19 का था या कोरोनावायरस के ही किसी अन्य प्रकार का।

कोविड-19 से डर का असली कारण क्या?

इस लेख में कहा गया है कि अगर आपको इस समय भी बुख़ार और सर्दी-खांसी है तो आपको फ़ौरन कोविड-19 का टेस्ट नहीं कराना चाहिए। क्योंकि कई बार इस कोशिश में दूसरे इनफ़ेक्शन का शिकार होने का ख़तरा भी रहता है। इस स्थिति में भी अगर आप घर पर रहें और फ़ोन पर डॉक्टर की सलाह से दवाएँ लें तो इतना करना काफ़ी है। लेकिन अगर आप बाहर निकलते हैं तो आप दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं। हो सकता है कि दूसरे भी आपको संक्रमित कर दें। इस तरह से जो चेन बनती है उससे बीमारी बहुत सारे लोगों तक पहुँच जाती है। चूँकि अभी इसके गंभीर लक्षणों का कोई इलाज नहीं है लिहाज़ा नुक़सान बहुत अधिक होने की आशंका हर वक़्त बनी रहती है। यही कारण है कि दुनिया भर के डॉक्टर सभी से अपील कर रहे हैं कि वो घरों से बाहर न निकलें। फ़िलहाल इस समस्या से निपटने का यही सबसे कारगर तरीक़ा है।

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