Home » Loose Top » उद्धव सरकार के इस कदम से हजारों गाय-बैल कसाईखानों में कटेंगे!
Loose Top

उद्धव सरकार के इस कदम से हजारों गाय-बैल कसाईखानों में कटेंगे!

मुस्लिम आरक्षण के बाद महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने अब गायों की सुरक्षा से जुड़ी योजना को बंद करने की तैयारी कर ली है। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने राज्य में गोवंश सेवा केंद्र (GGSK) योजना शुरू की थी, ताकि ऐसी गायों और बैलों को रखने का इंतज़ाम हो सके, जिनको कसाईखानों में भेजे जाने का सबसे ज़्यादा ख़तरा होता है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में गोशालाएं खोली गई थीं, जिनमें बूढ़ी, बीमार और ऐसे गाय-बैलों को रखा जाता था जिनकी कोई उपयोगिता नहीं हो। इस योजना में गाय के गोबर, गोमूत्र वग़ैरह से खाद और दूसरे उपयोगी सामान बनाने और बेचना भी शामिल था। सूत्रों के मुताबिक़ यह स्कीम बंद करने पर महाराष्ट्र की अघाड़ी सरकार में सहमति बन गई है और सीएम उद्धव ठाकरे ने भी इसे मंज़ूरी दे दी है। अगर ऐसा हुआ तो एक साथ हजारों गाय और बैलों को कसाईखानों में भेजने का रास्ता साफ़ हो जाएगा। ये वो योजना है जिसके दम पर पिछली देवेंद्र फडणवीस सरकार ने महाराष्ट्र में गोहत्या काफी हद तक बंद करा दी थी। यह भी पढ़ें: बिहार चुनाव से पहले इन दो राज्यों में सरकार बना सकती है बीजेपी

बूचड़खानों के दबाव में है सरकार

दरअसल महाराष्ट्र देश के उन राज्यों में है जहां पर बूचड़ इंडस्ट्री सबसे मज़बूत स्थिति में है। गोहत्या पर पाबंदी पर सख़्ती से अमल के कारण कसाईखानों को भारी दिक़्क़त हो रही थी। ये पूरा उद्योग एक ख़ास मज़हब के हाथों में है, जो कांग्रेस का मज़बूत वोट बैंक माना जाता है। तुष्टीकरण की अपनी नीति के तहत कांग्रेस ने सबसे पहले गायों की सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को बंद करने पर फ़ोकस बढ़ाया है। यही कारण है कि उद्धव सरकार में मंत्रालयों के बँटवारे के समय डेयरी और पशुपालन विभाग कांग्रेस ने अपने हाथ में रखा। इस विभाग के मंत्री सुनील केदार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकार गोवंश सेवा केंद्र स्कीम की समीक्षा कर रही है। हालाँकि उनका कहना था कि अभी कोई आख़िरी फ़ैसला नहीं हुआ है। सरकार ने रिपोर्ट मंगाई है जिसमें इस योजना को अब तक दिए गए फंड और इसके प्रभाव के बारे में ब्यौरा माँगा गया है। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार दरअसल ये सारी औपचारिकता स्कीम को बंद करने की नीयत से पूरी की जा रही है। यह भी पढ़ें: जानिए राज ठाकरे के हिदुत्ववादी अवतार के पीछे क्या है रहस्य?

गोहत्या पर शिवसेना ने घुटने टेके

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ GGSK स्कीम के तहत जारी होने वाले फंड को फिलहाल रोक दिया गया है। क्योंकि महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) सरकार के दो घटक एनसीपी और कांग्रेस इसके समर्थन में नहीं हैं। लिहाजा शिवसेना ने भी इस पर सहमति जता दी है। कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं की दलील है कि इस योजना के तहत जिन गोशालाओं को फंड दिए गए उनमें से ज्यादातर हिंदू संगठनों से जुड़ी हैं। महाराष्ट्र बीजेपी के एक नेता ने हमसे बातचीत में कहा कि हिंदू संगठनों को फंड दिए जाने की यह दलील पूरी तरह गलत है क्योंकि गोरक्षा का काम आम तौर पर हिंदू संगठन ही करते हैं, अगर कोई मुस्लिम संगठन भी यह काम करता हो तो उसे फंड देने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। फिलहाल हिंदुत्व के अपने कोर इश्यू पर उद्धव ठाकरे सरकार लगातार घुटने टेकती जा रही है। इसी के तहत मुस्लिम आरक्षण का कानून लाने की तैयारी चल रही है। अब गोहत्या को बढ़ावा देने की यह नीति उसी की अगली कड़ी मालूम होती है। यह भी पढ़ें: क्या उद्धव सरकार के अंत का कारण बनेगा मुस्लिम आरक्षण?

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें


कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!