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प्रोफ़ेसर मटुकनाथ और जूली की लवस्टोरी का ये ‘द एंड’ सुनकर आप दहल जाएंगे

कुछ साल पहले देश और दुनिया भर में मशहूर हुई बिहार के प्रोफ़ेसर मटुकनाथ और जूली की लवस्टोरी से जुड़ी एक ऐसी जानकारी सामने आई है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएँगे। कुछ साल पहले हिंदी के प्रोफ़ेसर मटुकनाथ ने अपनी ही छात्रा जूली से शादी की थी, तब ये मामला काफ़ी दिनों तक मीडिया की सुर्खियों में रहा था। उन्हें ‘लवगुरु’ की उपाधि दे दी गई थी। मटुकनाथ और जूली की उम्र में काफ़ी अंदर था। बाद में यह भी ख़बर आई कि मटुकनाथ और जूली के रिश्ते ख़राब हो गए हैं और दोनों अब अलग-अलग रहते हैं। 2018 में जानकारी सामने आई थी कि जूली मटुकनाथ को छोड़कर कहीं चली गई हैं। 14 फ़रवरी को वैलेंटाइन डे के दिन पता चला है कि जूली इन दिनों कैरेबियन देश ट्रिनिडाड टोबैगो में हैं और उनकी तबीयत इन दिनों काफ़ी ख़राब है। ये जानकारी वहाँ की मशहूर भोजपुरी गायिका देवी के हवाले से आई है। देवी ने बताया है कि उन्होंने मटुकनाथ से संपर्क किया था कि वो जूली की मदद करें और उसे भारत ले जाकर उसका इलाज कराएं। लेकिन कभी मोहब्बत की क़समें खाने वाले प्रोफ़ेसर साहब अब इसके लिए तैयार नहीं हैं। जूली की ताज़ा तस्वीर देवी के ही हवाले से सोशल मीडिया पर सामने आई है।

जूली ने सरकार से माँगी है मदद

भोजपुरी गायिका देवी ने बताया कि जूली ने अब केंद्र और बिहार सरकार से मदद माँगी है कि वो उसे भारत लाकर इलाज करवाने का इंतज़ाम करें। देवी ने बताया कि जूली ने उनसे क़रीब छह महीने पहले संपर्क किया था और मदद मांगी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जूली ने ट्रिनिडाड में बसे कई भारतीयों से मदद माँगी, लेकिन जब किसी ने उनकी कोई सहायता नहीं की तो उन्होंने भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया। देवी ने प्रोफेसर मटुकनाथ पर सवाल उठाते हुए कहा कि “जिस आदमी ने समाज से लड़कर खुलेआम प्यार किया और आज जब उसे इसकी जरूरत है तो कोई कैसे कह सकता है कि उसके पास पैसे नहीं हैं”। देवी का कहना है कि अब वो अपनी सहेली जूली को भारत लेकर जाएंगी और किसी अच्छे अस्पताल में उसका इलाज कराएंगी। उन्होंने इस बारे में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी भी लिखी है।

‘मटुकनाथ ने जूली से धोखा किया’

देवी का कहना है कि मटुकनाथ का प्रेम झूठा था वो ढोंगी हैं और प्रेम का दिखावा कर रहे थे। इसी कारण 2018 में जूली उन्हें छोड़कर चली गई थी। देवी का दावा है कि मटुकनाथ के धोखे के बाद जूली बुरी तरह से टूट गई थी। फ़िलहाल वो मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार है। मीडिया ने जब मटुकनाथ से इस बारे में बात की तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि मैंने किसी के लिए दरवाज़ा बंद नहीं किया है। हालाँकि जूली को वापस लाकर इलाज कराने को लेकर भी उन्होंने कोई भरोसा नहीं दिया। बिहार सरकार और विदेश मंत्रालय ने अभी तक जूली के मामले में क्या कार्रवाई की है इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

2006 में चर्चा में आया था मामला

पटना विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर मटुकनाथ ने 2006 में 30 साल उम्र में छोटी अपनी छात्रा जूली के साथ प्रेम को लेकर चर्चा में आए थे। जूली मटुकनाथ के साथ 2007 से 2014 तक लिव इन रिलेशनशिप में भी रही, लेकिन इसके बाद वह पटना से चली गई। मटुकनाथ ने जूली के साथ रहने के लिए अपने बसे-बसाए परिवार का साथ छोड़ दिया था। उधर जूली के परिवार वालों ने भी उससे रिश्ते तोड़ लिए थे। इस प्रेम संबंध का काफी विरोध हुआ था। यहां तक कि कुछ लोगों ने मटुकनाथ के मुंह पर कालिख भी पोत डाली थी। विवाद बढ़ने पर पटना विश्वविद्यालय ने मटुकनाथ को निलंबित कर दिया था।

बताया जाता है कि मटुकनाथ से अलग होने के बाद जूली कुछ समय तक पटना में फुटपाथ पर भी रही बाद में उनकी एक सहेली उसे त्रिनिडाड के एक आध्यात्मिक गुरु के आश्रम में लेकर चली गई। वहां जूली को डिप्रेशन और कई मानसिक बीमारियां हो गई, अंत में आश्रम वालों ने जूली को त्रिनिडाड के एक सरकारी मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया। जूली अब अपनों से एकदम अकेले सात समुंदर पार एक सरकारी मेंटल हॉस्पिटल में जीवन और मौत से जूझ रही है। जूली की कहानी दूसरी सभी लड़कियों के लिए एक सबक है जो दुनियादारी को समझे बिना गलत कदम उठा लेती हैं।

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