Home » Loose Top » दिल्ली में चुनाव जीतते ही जाग उठा केजरीवाल का ‘पुराना सपना’
Loose Top

दिल्ली में चुनाव जीतते ही जाग उठा केजरीवाल का ‘पुराना सपना’

दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने के साथ ही अरविंद केजरीवाल का वो पुराना सपना फिर से जाग उठा है, जिसके लिए उन्होंने 6 साल पहले अपनी पार्टी को दांव पर लगा दिया था। ये सपना है प्रधानमंत्री बनने का। हालाँकि इसके लिए उन्होंने इस बार रणनीति बदली है। ऐसी ख़बरें हैं कि आम आदमी पार्टी ने पूरे देश में स्थानीय निकाय के चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हर जगह वो मुफ़्त बिजली-पानी जैसे मुद्दे लेकर जाएँगे। अब तक मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति पर खुलकर चलने वाली आम आदमी पार्टी अब ख़ुद को ‘राष्ट्रवादी’ बताएगी। सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी फिलहाल बिहार, पंजाब समेत कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ने पर भी विचार कर रही है। इस रणनीति पर विचार के लिए रविवार को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। यह भी पढ़ें: दिवालिया दिल्ली में मुफ्त की खैरात कैसे बंटेगी केजरीवाल जी?

बाक़ी विपक्ष से दूरी की रणनीति

हमारे सूत्रों के मुताबिक़ अरविंद केजरीवाल को लग रहा है कि इस जीत के बाद वो विपक्ष के सबसे नेता बन चुके हैं। इसलिए उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर फ़िलहाल किसी दल के साथ खड़े होने से बचना चाहिए। इसी रणनीति के तहत शपथ ग्रहण में उन्होंने न तो किसी विपक्षी मुख्यमंत्री को बुलाया है और न ही विपक्ष के किसी बड़े नेता को ही आमंत्रित किया है। यहाँ तक कि ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू को भी नहीं, जिनके साथ वो अक्सर दिखाई देते रहे हैं। आम आदमी पार्टी के रणनीतिकारों को लग रहा है कि अब देश में अरविंद केजरीवाल का ही क़द इतना बड़ा हो चुका है कि वो पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती देते दिखाई देते हैं। अगर ममता या कांग्रेस जैसे दलों के साथ करीबी दिखाई तो इससे केजरीवाल की निजी छवि विपक्षी नेताओं की भीड़ में से एक चेहरे तक की रह जाएगी। वैसे भी विपक्ष के नेताओं के बीच कभी न कभी सत्ता मिलने पर आपसी लड़ाई का डर रहता है। यह भी पढ़ें: कुमार विश्वास के घर AAP नेताओं की हुड़दंग, पटाखे फोड़े, गालियां दीं

बिहार चुनाव लड़ना चाहती है आप!

राजनीतिक गलियारों में ऐसी ख़बरें हैं कि रामविलास पासवान के बेटे चिराग़ पासवान बिहार की राजनीति में अपना स्पेस ढूँढने में जुटे हैं। चिराग़ इन दिनों अरविंद केजरीवाल के संपर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक़ यह बातचीत चल रही है कि चिराग़ पासवान को बिहार के मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर आगे किया जाए और आम आदमी पार्टी और पासवान की पार्टी आपस में गठबंधन करके बिहार में तीसरे मोर्चे के तौर पर चुनाव मैदान में उतरें। हालाँकि इस फ़ॉर्मूले पर कहां तक बात बढ़ी है इस पर अभी स्थिति साफ़ नहीं है। चिराग़ पासवान और केजरीवाल के बीच संपर्क सूत्र के तौर पर प्रशांत किशोर से सक्रिय होने की ख़बरें हैं। प्रशांत किशोर को लग रहा है कि बिहार चुनाव में सिर्फ़ आरजेडी या तेजस्वी पर दांव लगाने से फ़ायदा नहीं है, बीजेपी-जेडीयू के वोट बैंक में सेंध लगाकर ही जीत हासिल की जा सकती है। यह भी पढ़ें: केजरीवाल नहीं, दिल्ली में मुस्लिम तुष्टीकरण की जीत हुई है

बीजेपी की तर्ज़ पर कार्यकर्ता अभियान

केजरीवाल ने बीजेपी की तरह आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भर्ती का अभियान भी शुरू किया है। इसके लिए एक मोबाइल नंबर जारी किया गया है जिस पर मिस्ड कॉल करके पार्टी का वॉलेंटियर बना जा सकता है। आम आदमी पार्टी का अंदाज़ा है कि मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान जैसे कई राज्यों में उसके लिए स्पेस है। ये वो राज्य हैं जहां पर वो दिल्ली की तर्ज़ पर फ़्री सुविधाओं का वादा करके चुनावी कामयाबी हासिल कर सकती है। इसी नज़रिए से उसने अपने कार्यकर्ताओं का नेटवर्क खड़ा करने की शुरुआत की है।

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

 Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!