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दिल्ली में चुनाव के लिए हथियारों का ज़ख़ीरा ज़ब्त, मोहम्मद वसीम गिरफ्तार

दिल्ली में चुनाव से पहले हथियारों की बड़ी खेप पकड़ी गई है। बीती शाम उत्तरी दिल्ली में मोहम्मद वसीम नाम के एक शख़्स को पकड़ा। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोलियाँ बरामद हुई हैं। इस शख़्स से पूछताछ जारी है और पता लगाया जा रहा है कि दिल्ली में हथियार लाने के पीछे उसका मक़सद क्या था। हालाँकि बताया जा रहा है कि इसका ताल्लुक़ दिल्ली में चल रहे चुनावों से है। वो चुनावों के लिए ही किसी को सप्लाई करने के लिए ये हथियार लेकर आया था। पिछले दिनों दिल्ली के जामिया और शाहीन बाग़ इलाक़ों में फ़ायरिंग की घटनाओं ने इस शक को भी मज़बूत किया है कि इसके पीछे कहीं क़ानून व्यवस्था बिगाड़ने की नीयत तो नहीं छिपी हुई है। कुछ दिन पहले ही शाहीन बाग़ इलाक़े में मोहम्मद लुकमान नाम के एक शख़्स को पिस्तौल लहराने के बाद पकड़ा गया था। इसके अलावा दो अन्य व्यक्ति गोपाल और कपिल भी ऐसे ही आरोपों में पकड़े जा चुके हैं। इन दोनों को लेकर भी दावा किया जा रहा है कि उनको वहाँ पर भेजने के पीछे कोई सियासी खेल हो सकता है।

पुलिस ने जाल बिछाकर पकड़ा

ऐसी ख़बर है कि पुलिस को अपने खबरियों से इस कन्साइनमेंट का पता पहले से ही चल गया था। यह जानकारी मिली थी कि पश्चिमी यूपी के कुछ हथियार सप्लायर एक खेप के साथ दिल्ली पहुँच रहे हैं। वहाँ पर वो अपने हैंडलर को माल सौंपेंगे। उसके बाद इसे उन लोगों तक पहुँचाया जाएगा, जिन्होंने इसे मंगाया है। पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी मोहम्मद वसीम को धर-दबोचा। उसके पास से 9 पिस्टल, 1 देसी कट्टा, 9 मैगजीन और 128 राउंड गोलियाँ बरामद की गई हैं। एक कार भी पकड़ी गई है जिसमें ये सारा सामान छिपाकर रखा गया था। वसीम ख़ुद को मेरठ का रहने वाला बता रहा है। सूत्रों के मुताबिक़ उसने पूछताछ में यह क़बूला है कि ये सप्लाई चुनावों और नागरिकता क़ानून को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में है। पुलिस उन लोगों के नाम उगलवा रही है जिन तक ये हथिायार पहुँचाए जाने थे। अभी तय यह भी साफ़ नहीं है कि क्या किसी उम्मीदवार ने इन्हें मंगाया था या किसी राजनीतिक दल के इशारे पर ये हथियार आया है। यूपी के शामली में एक अवैध शस्त्र कारखाने का भी भंडाफोड़ किया गया है।

हिंसा की बड़ी साज़िश का शक

दिल्ली में चुनाव से पहले जिस तरह से नागरिकता क़ानून को लेकर विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला चल रहा है, उसे देखते हुए यह आशंका लगातार उठाई जा रही है कि वोटिंग के दिन हिंसा भी हो सकती है। दिल्ली चुनाव में कांटे का मुक़ाबला है और हर राजनीतिक दल सब कुछ दांव पर लगा रहा है। पिछले दिनों में शाहीन बाग़ में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान “जिन्ना वाली आजादी”, “भारत को बर्बाद करने” और “असम को भारत से अलग कर देने” जैसी बातें बोली गई हैं। जो यह शक पैदा करती हैं कि इस सारे सियासी ड्रामे के पीछे असली खेल ज़्यादा ख़तरनाक हो सकता है। कुछ समय पहले ही ख़ुफ़िया अलर्ट भी सामने आया था कि पड़ोसी देश के इशारे पर दिल्ली और देश के कई इलाकों में दंगे भड़काने की साज़िश रची जा रही है। फ़िलहाल दिल्ली में हुई ताज़ा बरामदगी को लोग देश में बढ़ रहे इस्लामी कट्टरपंथ और आतंकवाद से जोड़ रहे हैं। कई लोगों ने इस बारे में ट्विटर और फ़ेसबुक पर खुलकर लिखा है।

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