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उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती ‘बंद’ कराना चाहती है कांग्रेस!

मध्य प्रदेश में हिंदुओं के ख़िलाफ़ सरकारी अत्याचार का ताज़ा मामला सामने आया है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में रोज़ सुबह होने वाली भस्म आरती के समय स्पीकर पर पाबंदी का आदेश दिया गया है। मंदिर के एक पुजारी का बयान सामने आया है जिसमें वो प्रशासन के एक अधिकारी से मिले मौखिक आदेश की जानकारी दे रहे हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद से हिंदुओं के ख़िलाफ़ अत्याचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही नागरिकता क़ानून का शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन कर रहे लोगों को सरकारी अधिकारियों ने हमला कर दिया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। उज्जैन के महाकाल मंदिर में दुनिया भर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और यहाँ हर सुबह होने वाली भस्म आरती का बहुत महत्व है। यह पहली बार हुआ है कि किसी सरकार ने इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की परंपरा में इस तरह से दख़लंदाज़ी की कोशिश की है। यह भी पढ़ें: हमेशा से हिंदू विरोधी रही है कांग्रेस, 10 सबसे बड़े सबूत

‘भस्म आरती की आवाज़ से दिक़्क़त’

मंदिर के पुजारी ने बताया कि उज्जैन प्रशासन की एक महिला अधिकारी ने उन्हें बुलाकर कहा है कि “मंदिर में जो स्पीकर बजता है उसकी आवाज़ बहुत तेज़ है। आप उसे बंद कीजिए और बिना आवाज़ के आरती कीजिए। क्योंकि उससे लोगों को परेशानी हो रही है।” यह जानकारी सामने आ रही है कि उज्जैन में महाकाल मंदिर के आसपास बसाई गई मुस्लिम बस्तियों के लोगों ने इसके ख़िलाफ़ शिकायत की थी, जिसके आधार पर कमलनाथ सरकार ने ये कार्रवाई की है। मंदिर में बरसों पुरानी परंपरा रही है जिसके मुताबिक़ सुबह साढ़े चार बजे स्पीकर बजाया जाता है। सुबह 5 बजे से भस्मारती शुरू होती है, जो कि पूरे एक घंटे यानी सुबह 6 बजे तक चलती है। इसके बाद शाम की आरती के समय एक बार फिर से स्पीकर बजाया जाता है। स्पीकर बजाने के पीछे मक़सद ये है कि भक्तों की भीड़ मंदिर के गर्भगृह के बाहर अहाते तक फैली होती है। स्पीकर इसलिए बजाया जाता है ताकि उन तक भी आरती की आवाज़ पहुँच सके। लेकिन कांग्रेस सरकार आते ही इस परंपरा पर रोक की कोशिश शुरू हो गई है। यह भी पढ़ें: जो अकबर नहीं कर सका कांग्रेस ने कर दिखाया, कुंभलगढ़ क़िले में नमाज़

कमलनाथ ने पहले ही दी थी चेतावनी

यहां ध्यान देने वाली बात है कि मध्य प्रदेश सरकार ने हिंदुओं के ख़िलाफ़ अपने शत्रुतापूर्ण रवैये की बात चुनाव के समय ही साफ़ कर दी थी। उनका एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो मुसलमानों की एक सभा में भाषण दे रहे हैं। वहाँ पर कमलनाथ ने कहा था कि “आप लोग आरएसएस वालों से सतर्क रहें चुनाव में अपने 90 फ़ीसदी वोट कांग्रेस के पक्ष में दीजिए, उसके बाद हम हिंदुओं को देख लेंगे”। एमपी में सरकार बनने के बाद से ही ईसाई मिशनरियों को धर्मांतरण की खुली छूट मिल चुकी है। राज्य में कई जगहों पर बीजेपी और हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों को फ़र्ज़ी मामलों में फँसाए जाने और मंदिरों और दूसरी धार्मिक गतिविधियों पर रोकटोक की शिकायतें सामने आ रही हैं। नीचे आप वो वीडियो देख सकते हैं जिसमें मंदिर के पुजारी ने स्पीकर के इस्तेमाल को बंद करने की चेतावनी की जानकारी दी है। यह भी पढ़ें: हिंदू धर्म के ख़ात्मे के लिए सोनिया गांधी का गेमप्लान

बाक़ी मंदिरों पर भी पाबंदी की कोशिश

उज्जैन के महाकाल मंदिर ही नहीं, मध्य प्रदेश के बाक़ी हिस्सों में मंदिरों और हिंदुओं की धार्मिक गतिविधियों पर भी रोकटोक की कोशिश चल रही है। मध्य प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने 9 जनवरी को एक आदेश निकाला है जिसके मुताबिक़ रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक स्पीकर के इस्तेमाल पर सख़्त पाबंदी है और इस नियम को तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाए। इस चिट्ठी में हाई कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया है। ख़ास बात यह है कि मस्जिदों में भी सुबह 5 बजे लाउडस्पीकर पर अजान होती है लेकिन मस्जिदों पर ऐसी कोई रोकटोक नहीं लगाई गई है। यह भी पढ़ें: हिंदुओं को तोड़कर नया धर्म बनवाना चाहती है कांग्रेस

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