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केजरीवाल के लिए गले की हड्डी बन गया है शाहीन बाग़ का धरना

दिल्ली के शाहीन बाग़ धरने पर अब तक चुप्पी साधे बैठे अरविंद केजरीवाल अचानक हरकत में आ गए हैं। उन्होंने एक ट्वीट करके बीजेपी नेताओं से अपील की है कि वो शाहीन बाग़ जाकर प्रदर्शनकारियों से बात करें और जाम खुलवाएं। लेकिन अंदरखाने से जो ख़बर आ रही है वो कुछ और ही है। पता चला है कि अरविंद केजरीवाल ख़ुद ही प्रदर्शनकारियों पर दबाव बना रहे हैं कि वो सड़क से हट जाएं। सूत्रों के मुताबिक़ इस काम के लिए उन्होंने अपने विधायक अमानतुल्ला खान और सांसद संजय सिंह को काम पर लगाया है। दरअसल पिछले दो दिन में बीजेपी ने शाहीन बाग़ को लेकर केजरीवाल सरकार पर जिस तरह से हमले बोले हैं केजरीवाल को लगने लगा है कि विधानसभा चुनाव की बाज़ी फिसल सकती है। इस धरने के कारण दिल्ली के बड़े इलाक़े में लोगों को दिक़्क़त हो रही है। लगातार एक महीने से भी ज़्यादा लंबा खिंचने के कारण लोगों में बेचैनी है। आम तौर पर हर कोई मानकर चल रहा है कि इस सारे धरने-प्रदर्शन के पीछे आम आदमी पार्टी का हाथ है। लिहाज़ा लोगों का ग़ुस्सा चुनाव में सामने आने का डर है। यह भी पढ़ें: अपने ही जाल में फंस चुके हैं शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी

केजरीवाल की घबराहट आई सामने

जिस तरह से केजरीवाल ने अचानक शाहीन बाग़ को लेकर ट्वीट किया है उसे राजनीतिक विश्लेषक उनकी घबराहट का नतीजा मान रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले 2-3 दिन अपनी रैलियों में इस मुद्दे पर केजरीवाल को घेरते हुए चुनौती दी कि वो ख़ुद शाहीन बाग़ क्यों नहीं जा रहे हैं? क्योंकि उनके ही डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने एक टीवी इंटरव्यू में खुलकर बोल दिया कि आम आदमी पार्टी प्रदर्शनकारियों के साथ है। इसके बाद से ही बीजेपी हमलावर है। वास्तविकता यही है कि दिल्ली के आम लोगों को न तो नागरिकता क़ानून से कोई लेना-देना है और न ही उन्हें एनआरसी को लेकर कोई चिंता है। ऐसे में एक महीने से सड़क का बंद होना केजरीवाल और उनकी पार्टी को बेहद महँगा पड़ सकता है। केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि “बीजेपी इस मामले पर डर्टी पॉलिटिक्स कर रही है।” ज़ाहिर है यह बात इशारा है कि केजरीवाल शाहीन बाग़ के जाम में बीजेपी को लपेटना चाहते हैं लेकिन जिस तरह से लोगों ने वहाँ देशद्रोही नारे लगते देखा है साफ़ तौर पर यह पूरा जमावड़ा आम आदमी पार्टी के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव की तारीख़ जैसे-जैसे क़रीब आ रही है केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की ये घबराहट बढ़ती जा रही है। यह भी पढ़ें: विवादित पत्रकार आरफा खानम के ये किस्से आपको नहीं पता होंगे!

शाहीन बाग़ में भेजे अपने संदेशवाहक

हमारे सूत्रों ने बताया कि अमानतुल्ला खान और संजय सिंह की जोड़ी पिछले 2-3 दिन में प्रदर्शनकारियों को यह समझाने में जुटी है कि उनके जाम से बीजेपी को फ़ायदा हो सकता है। लेकिन प्रदर्शनकारियों के बीच में ही एक बेहद कट्टरपंथी गुट है जो किसी भी हालत में पीछे हटने को तैयार नहीं है। उन्हें लग रहा है कि यहाँ से वापस जाना उनकी हार के तौर पर देखा जाएगा। केजरीवाल को वैसे भी आंदोलन के असली मक़सद से ज़्यादा चुनाव में अपने फ़ायदे-नुकसान की चिंता है। केजरीवाल के लिए ये दोधारी तलवार की तरह है, क्योंकि शाहीन बाग़, जामिया से लगे इस इलाक़े के आसपास सरिता विहार, बदरपुर, मौजपुर, महारानीबाग समेत दक्षिणी दिल्ली के कई हिंदू बहुल इलाक़े भी हैं, जहां पर लोगों में ग़ुस्सा बढ़ रहा है। ज़ाहिर सी बात है इन इलाक़ों में धरने के कारण केजरीवाल को नुक़सान होना तय है। ऐसे में अब वो किसी भी तरह गले की हड्डी बन चुके शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश में हैं। देखना होगा कि इसमें उन्हें कामयाबी मिलती है या नहीं। यह भी पढ़ें: केजरीवाल के हाथों ठगे गए एक डॉक्टर का संघर्ष

शाहीन बाग़ के जाम ही नहीं, असम को भारत से तोड़ने की बात कहने वाले शरजील इमाम के मुद्दे पर भी केजरीवाल बुरी तरह से फँसे हुए हैं। यह बात सामने आ चुकी है कि शरजील आम आदमी पार्टी का करीबी था। लिहाज़ा डैमेज कंट्रोल के लिए उन्होंने एक ट्वीट करके उसकी गिरफ़्तारी की माँग शुरू कर दी। वो भी यह बात जानते हुए कि वो फ़रार है और यूपी पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी शुरू कर चुकी है। शरजील इमाम ही नहीं, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन के भी आम आदमी पार्टी से लिंक पाए गए हैं। फैजुल हसन का भी एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो भारत को बर्बाद करने की धमकी दे रहा है।

इस तस्वीर में शरजील इमाम और फैजुल हसन आम आदमी पार्टी के कट्टरपंथी विधायक अमानतुल्ला खान के साथ देखे जा सकते हैं।

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