Home » Loose Top » जानते हैं देश के हर शहर में किसने बसाए हैं ‘मिनी पाकिस्तान’
Loose Top

जानते हैं देश के हर शहर में किसने बसाए हैं ‘मिनी पाकिस्तान’

प्रतिनिधि चित्र

क्या आपने कभी सोचा है कि भारत के तमाम शहरों में मुस्लिम आबादी वाले इलाक़े अलग क्यों हैं? हर शहर में आपको ऐसे मोहल्ले मिलेंगे जहां सिर्फ़ मुस्लिम आबादी रहती है और हिंदू वहाँ जाने से भी डरते हैं। हिंदू ही क्या पुलिस के लिए भी ये इलाक़े जोखिम भरे होते हैं। अक्सर लोग बोलचाल की भाषा में इन इलाक़ों को पाकिस्तान कह देते हैं, क्योंकि इन इलाक़ों से क्रिकेट में भारत की हार पर आतिशबाजी की आवाज़ें सुनने को मिलती रहती हैं। इन इलाक़ों में अक्सर ऐसी गतिविधियाँ होती रहती हैं जिन्हें देशद्रोही कहा जा सकता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ये देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की ही देन है। वो नेहरू ही थे जिनको बँटवारे के वक़्त देश के शहरों में मुस्लिम मोहल्ले बसाने का आइडिया आया था। देश की आज़ादी के समय अगर तब के गृह मंत्री बल्लभभाई पटेल की मर्ज़ी चलती तो मुसलमान आबादी वाले ये मोहल्ले नहीं बसते और हर शहर में बने ये नासूर भी नहीं होते। यह भी पढ़ें: नेहरू को मौलाना क्यों बोलते थे सरदार पटेल

नेहरू की अदूरदर्शिता का नतीजा

दरअसल आज़ादी के फ़ौरन बाद नवंबर 1947 में दिल्ली में जबरदस्त दंगे भड़क उठे थे। बड़ी संख्या में आम लोगों को इनमें जान से हाथ धोना पड़ा था। पुलिस और सरकार में इतनी ताक़त नहीं थी कि वो इन दंगों से सख़्ती के साथ निपट सके। इसी दौरान प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 21 नवंबर 1947 को गृह मंत्री सरदार पटेल को एक पत्र लिखा। नेहरू ने दिल्ली में मुसलमानों को सुरक्षा देने के मकसद से सरदार पटेल को ये सुझाव दिया कि मुस्लिम बस्तियों से जो लोग पाकिस्तान चले गए हैं उनके खाली घर पाकिस्तान से भागकर आए हिंदू शरणार्थियों को नहीं दिए जाएं, बल्कि इन घरों में उन मेव मुसलमानों को बसाया जाए जो अलवर और उसके आसपास के इलाकों से भागकर दिल्ली आ गए हैं। नेहरू का मानना था कि मुस्लिम बस्तियों में सिर्फ मुस्लिम रहेंगे तो वो खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। नेहरू ने इस पत्र में सरदार को लिखा कि- “आज जो हालात हैं उनमें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा। अगर हमें अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना है तो मुस्लिम मोहल्लों में मुस्लिम लोगों के खाली पड़े मकान हिंदू शरणार्थियों को नहीं दिए जाएं।” यह भी पढ़ें: आज़ाद भारत का पहला नरसंहार, जब कांग्रेस ने मरवाए थे 5000 ब्राह्मण

मिलीजुली आबादी चाहते थे पटेल

शरणार्थियों को बसाने के बारे में प्रधानमंत्री नेहरू का ये पत्र उस दौर की मीडिया में भी सुर्खियों में रहा था। नेहरू की राय से उन लोगों में भारी ग़ुस्सा था जो पाकिस्तान से अपना सबकुछ छोड़कर भारत आए थे। दूसरी बात यह कि मुस्लिम मोहल्लों के ख़ाली मकानों में सिर्फ़ मुसलमानों को ही बसाने के नतीजों को सरदार पटेल तभी भांप गए। पटेल ने नेहरू को 22 नवंबर 1947 को एक जवाबी चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने जो कुछ लिखा वो आज के हालात में बिल्कुल सही साबित होता है। पटेल नेहरू को लिखते हैं – “मैं वास्तव में महसूस करता हूं कि दिल्ली में मुस्लिम पॉकेट (क्षेत्र) बनाना हमारी नीतियों खिलाफ है। दिल्ली में मुस्लिम क्षेत्र बनाने से हालात नहीं सुधरेंगे, बल्कि आगे चलकर टकराव और बढ़ जाएगा। ऐसे मामलों का समाधान यही है कि अवांछित तत्वों को हटाकर पर्याप्त व्यवस्था की जाए। ऐसा होने पर इन इलाकों में मिलीजुली (हिंदू-मुस्लिम) आबादी बढ़ेगी। हमें ये नकारना होगा कि मुस्लिम केवल मुस्लिम इलाकों में ही सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। किसी भी स्थिति में बाहर से आए मुस्लिम लोगों (मेव मुस्लिम) को दिल्ली के मुस्लिम मोहल्लों में न बसाया जाए।”

आज जब हम दिल्ली के शाहीनबाग और सीलमपुर जैसे इलाक़ों में हिंसा होते देखते हैं तो हमें याद रखना चाहिए कि पटेल ने उसी समय यह समझ लिया था कि आबादी को बसाने का ये तरीक़ा बेहद ख़तरनाक साबित होने वाला है। यह देश का दुर्भाग्य था कि नेहरू ने अपनी मर्ज़ी चलाई और मुस्लिम इलाक़ों में हिंदुओं को नहीं बसने दिया गया। यह भी पढ़ें: चीन पर नेहरू की ये करतूत जानकर आपका खून खौल उठेगा

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

 Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!