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विधानसभा टिकट बेच रहे हैं केजरीवाल!, तय है इतनी क़ीमत

विनय मिश्रा, रामसिंह नेताजी समेत कांग्रेस से गए 5 नेताओं को सदस्यता दिलाने के मौक़े की तस्वीर।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पर्चे भरने का काम शुरू हो गया है। इस बीच, ये ख़बर तेज़ी से फैली हुई है कि आम आदमी पार्टी के टिकटों की ‘सेल’ चल रही है। पार्टी के ही एक सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक़ दिल्ली विधानसभा की 70 में से क़रीब 60 सीटों को उन उम्मीदवारों के लिए रखा गया है जो मोटी क़ीमत चुका सकते हों। यानी ज़्यादातर मौजूदा विधायकों का टिकट कटना लगभग तय है। सिर्फ़ वो ही विधायक बच सकेंगे जो ऊँची दर चुकाकर टिकट हासिल कर सकें। इससे पहले पंजाब और गोवा के विधानसभा चुनावों और राज्यसभा सीट बेचने का आरोप भी अरविंद केजरीवाल पर लग चुका है। पंजाब में तो सार्वजनिक रूप से ये आरोप पार्टी के ही सांसद ने लगाया था। लोकसभा चुनाव में भी यह ख़बर आई थी कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 3 सीटें 6-6 करोड़ रुपये में बेची हैं। पश्चिमी दिल्ली सीट पर जिस उम्मीदवार बलबीर सिंह जाखड़ को टिकट मिली थी, उसी के बेटे ने यह जानकारी सार्वजनिक कर दी थी क्योंकि उसके फ़ीस के पैसे से टिकट ख़रीदी गई थी। यह भी पढ़ें: केजरीवाल को क्यों सता रहा है हार का डर, जानिए 5 बड़े कारण

क्या हैं दिल्ली विधानसभा चुनाव के रेट्स?

हमारे सूत्र के मुताबिक़ केजरीवाल ने इस बार टिकट बिक्री का काम सीधे तौर पर अपनी देखरेख में रखा है। ताकि पिछली बार की तरह किसी विवाद की कोई गुंजाइश न रहे। 10 सीट छोड़कर बाक़ी क़रीब 60 सीटों पर ऐसे उम्मीदवारों की तलाश है जो पैसे चुका सकें। बचाई गई 10 सीटों पर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन जैसे क्लोज़ ग्रुप के लोग खड़े होंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि आम आदमी पार्टी ज़्यादातर नए उम्मीदवार उतारेगी। 2015 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने काफ़ी पहले से टिकटों का एलान कर दिया था। लेकिन इस बार वो अभी तक इंतज़ार कर रही है। उसे डर है कि टिकट बेचने से पार्टी कैडर में बग़ावत हो सकती है। फिलहाल टारगेट रखा गया है कि औसतन हर सीट पर 3 से 5 करोड़ रुपये मिल जाए। टिकट की क़ीमत उम्मीदवार की हैसियत और इलाक़े में पार्टी की मज़बूत पकड़ के आधार पर तय किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के कैडर में इन ख़बरों के कारण खलबली है। कई समर्पित कार्यकर्ता पिछले बार से ही टिकट के इंतज़ार में बैठे थे, लेकिन इस बार भी उन्हें झटका लग सकता है।

5-5 करोड़ रुपये में हाईप्रोफ़ाइल सीटें

कांग्रेस के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा 13 जनवरी को ही आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। ऐसी ख़बरें हैं कि उन्हें द्वारका सीट से टिकट दिया जा सकता है। पार्टी की लोकल यूनिट में इस बात की चर्चा गर्म है कि उन्होंने 5 करोड़ रुपये देकर यह टिकट ख़रीदा है। यह स्थिति तब है जब कांग्रेस से आए विनय मिश्रा 2013 में चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने पालम सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और ज़मानत भी नहीं बचा पाए थे। कुछ ऐसी ही कहानी बदरपुर सीट की है, जिस पर चुनाव लड़ने के लिए राम सिंह नेताजी ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता हासिल की। उन पर भी 5 करोड़ रुपये में टिकट ख़रीदने का आरोप है। ये आरोप इस सीट से मौजूदा विधायक एनडी शर्मा ने लगाया है। उनके समर्थकों ने खुलकर कहा है कि केजरीवाल और सिसोदिया ने इस सीट पर टिकट भूमाफ़िया को बेच दिया। कुछ इसी तरह बिजवासन सीट पर टिकट बिकने की ख़बरें हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक शोएब इक़बाल भी आम आदमी पार्टी में जा चुके हैं, उनके बेटे को भी मटिया महल या किसी अन्य सीट से टिकट मिलने के आसार हैं।

यह जानना भी दिलचस्प है कि जिन विनय मिश्रा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दी गई है उनके पिता महाबल मिश्र का नाम अन्ना आंदोलन के समय भ्रष्ट नेताओं की लिस्ट में केजरीवाल ने डाला था। इसी तरह शोएब इक़बाल अक्सर केजरीवाल के लिए गाली-गलौज का इस्तेमाल करते रहे हैं। ख़बरें हैं कि अगले कुछ दिनों में कांग्रेस से कई नेता इसी तरह टिकट लेकर आम आदमी पार्टी में जा सकते हैं।

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