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बंगाल के बाद अब मध्य प्रदेश में दुर्गा पूजा पर रोक-टोक!

प्रतिनिधि चित्र

मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने राज्य में दुर्गा पूजा के पंडालों को लेकर तरह-तरह की पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं। इस बारे में स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी आदेश दिए जा चुके हैं। कमलनाथ सरकार ने नशाखोरी और चंदावसूली को दुर्गापूजा पर पाबंदियां थोपने का बहाना बनाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग शहरों में दु्र्गा पूजा पंडालों पर तरह-तरह के नियम थोप दिए गए हैं, जिन पर अमल करना बेहद मुश्किल है। पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि वो दुर्गा पूजा पंडाल की आड़ में नशाखोरी और जुआ खेलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। समझा जा सकता है कि इस आदेश से पुलिस को खुली छूट मिल गई है कि वो पूजा समिति के लोगों को झूठे आरोपों में फंसाकर उनसे वसूली कर सकती है। कई जगहों पर बाजार में लगने वाले पंडालों को यह कहते हुए हटाने को कहा गया है वो सड़क के बीच में आ रहे हैं। जबकि ऐसे कई पंडाल कई सालों से लग रहे थे। यह भी पढ़ें: हमेशा से हिंदू विरोधी रही है कांग्रेस, जानें 10 सबूत

जानबूझकर दुर्गा पूजा में अड़ंगेबाजी

नवरात्र से ठीक पहले मध्य प्रदेश सरकार ने एक शासनादेश के जरिए दुर्गा प्रतिमाओं की ऊंचाई छह फीट से ज्यादा होने पर पाबंदी लगा दी। बताया जा रहा है कि यह आदेश भी जानबूझकर देरी से जारी किया गया। इस समय तक ज्यादातर दुर्गा प्रतिमाएं तैयार हो चुकी होती हैं। माना जा रहा है कि कमनलाथ सरकार ने सोच-समझकर ये देरी की ताकि इस बहाने ज्यादातर पंडालों पर पाबंदी लगाई जा सके। इसी तरह आदेश जारी हुआ कि पंडालों में रात 10 बजे से सुबह 10 बजे तक कोई लाउडस्पीकर नहीं बजना चाहिए। जबकि नवरात्र में गरबा रात में ही होता है। यह हमेशा से चलता आया है और इस पर कभी किसी सरकार ने रोकटोक की कोशिश नहीं की। भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने इस आदेश का विरोध करते हुए कहा कि अगर इसे फौरन वापस नहीं लिया गया तो वो इसके खिलाफ आंदोलन के लिए मजबूर होंगी। इसके बाद भी भोपाल और दूसरे शहरों में दुर्गा पूजा को लेकर तरह-तरह की बंदिशें लगाने का काम जारी है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार ने बढ़ते विरोध के बाद इस विवादित शासनादेश को वापस ले लिया है। यह भी पढ़ें: जब हिंदू बनने के चक्कर में रंगे हाथ पकड़ी गईं प्रियंका वाड्रा

दुर्गा पूजा के खिलाफ दुष्प्रचार जारी

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा प्रायोजित कई अखबारों और दूसरे मीडिया माध्यमों से दुर्गा पूजा को लेकर प्रोपोगेंडा की कोशिश भी जोरों पर है। कुछ स्थानीय अखबारों ने दुर्गा पूजा के आयोजन और समितियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक भाषा में खबरें छापी हैं। ऐसे ज्यादातर अखबारों को मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से लाखों रुपये के विज्ञापन मिलते हैं। माना जा रहा है कि दुर्गा पूजा के खिलाफ ये सारी खबरें कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं की तरफ से छपवाई जा रही हैं। जबलपुर से छपने वाले ऐसे ही एक अखबार में वहां के एडिशनल एसपी राजेश त्रिपाठी के हवाले से कहा गया है कि “दुर्गा पंडालों पर हमारी बराबर नज़र है। किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल समिति के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी।” इस खबर में दावा किया गया है कि हजारों पंडालों में एक को भी दुर्गा चालीसा याद नहीं है। सवाल उठता है कि क्या दुर्गा चालीसा याद होने पर ही उसे दुर्गा पूजा में शामिल होने का अधिकार मिलेगा? ऐसी खबरों में दुर्गा पूजा और पूरे हिंदू समाज को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। हमारे सूत्रों ने बताया कि ऐसी खबरें मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार की तरफ से प्रायोजित की गई हैं। यह भी पढ़ें: राजस्थान में जो अकबर न कर सका, वो कांग्रेस सरकार ने कर दिखाया

कांग्रेस आते ही हिंदुओं का दमन शुरू

मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद से ही हिंदू विरोधी नीतियां जोरों पर हैं। कुछ जगहों पर हिंदू लड़कों को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोपों में उठाया गया है, जबकि उनके खिलाफ सरकार कोर्ट में कोई खास सबूत भी पेश नहीं कर पाई है। इसी तरह पिछले कई साल से जेल में बंद इस्लामी कट्टरपंथी संगठन सिमी के आतंकवादियों को बारी-बारी जमानत पर छोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि दुर्गा पूजा के बाद दिवाली पर भी इसी तरह की बंदिशों की तैयारी चल रही है। जबकि मोहर्रम, बकरीद जैसे त्यौहारों पर कमलनाथ सरकार ने ऐसी कोई सख्ती नहीं की। नीचे आप ऐसे ही एक स्थानीय अखबार का पेज देख सकते हैं। हमें इसकी यह तस्वीर एक स्थानीय सूत्र से प्राप्त हुई है।

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