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पीएम मोदी खोल सकते हैं प्राचीन मूर्तियों की चोरी का केस

देश के प्राचीन मंदिरों से मूर्तियों और कलाकृतियों की चोरी की जांच शुरू हो सकती है। सरकार के सूत्रों के मुताबिक इस मामले से जुड़े सारे तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और जरूरत पड़ी तो औपचारिक तौर पर जांच के आदेश भी दिए जा सकते हैं। बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी आरोप लगाते रहे हैं कि सोनिया गांधी ने देश के मंदिरों से करोड़ों रुपये की प्राचीन मूर्तियां, शिल्प और कलाकृतियां तस्करी करवाकर विदेश भिजवाया है। सुब्रह्मण्यम स्वामी दावा करते हैं कि चोरी का यह काम 1973 से ही शुरू हो चुका था और कई साल बाद तक चलता रहा था। 2003 में इसका भंडाफोड़ भी हुआ था। तब सीबीआई जांच के आदेश होने ही वाले थे कि उससे पहले ही सोनिया ने वाजपेयी सरकार में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके रुकवा दिया। स्वामी का आरोप है कि “इटली में सोनिया गांधी की बहन अलेक्जेंड्रिया भारतीय प्राचीन कलाकृतियों की दुकान चलाती है। जिसमें ज्यादातर भारत से तस्करी के जरिए पहुंचाया गया सामान बेचा जाता है। इनकी यूरोप और अमेरिका के बाजारों में महंगी कीमत पर नीलामी होती है।” यह उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस मामले की सीबीआई जांच करवा सकती है ताकि पता चल सके कि स्वामी के दावों में कितना तथ्य है। कांग्रेस पार्टी ने स्वामी के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि निजी बातचीत में उसके नेता इन आरोपों को निराधार बताते हैं।

स्वामी के सोनिया पर आरोप

2011 में सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अमेरिका में दिए एक भाषण में प्राचीन कलाकृतियों की तस्करी का मामला उठाया था। स्वामी ने कहा था कि “इटली में सोनिया की बहन अलेक्जेंड्रिया की कुल दो दुकानें हैं। अलेक्जेंड्रिया का एक और नाम अनुष्का है, जो कि रूसी में है। उसकी एक दुकान का नाम ‘एथनिका’ और दूसरी का नाम ‘गणपति’ है। इन दुकानों में लोगों ने बड़ी संख्या में भारतीय मंदिरों से चुराई गई कलाकृतियों को देखा है।” स्वामी का आरोप है कि “काफी सामान तमिल आतंकी संगठन लिट्टे की मदद से पहुंचाया जाता था। सोनिया का बेहद करीबी हथियारों का दलाल क्वात्रोकी लिट्टे को हथियार बेचा करता था।” स्वामी काफी समय से अपने भाषणों में इस बात का जिक्र करते रहे हैं। यह आरोप भी हैं कि सोनिया गांधी ने इस पूरे काम में मध्य प्रदेश के तब के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह, आर्ट एक्सपर्ट मार्तंड सिंह और एक पाकिस्तानी दंपति मुनीर और फरीदा अताउल्ला की भी मदद ली। 2014 में मोदी सरकार आने के बाद जिस तरह से विदेशों में बेची जा चुकी कलाकृतियों को जब्त करके वापस लाया गया है। उससे उम्मीद जगी है कि यह मामला बहुत जल्द ही खुल सकता है, ताकि तस्करी के पीछे जिन लोगों का हाथ था उन्हें पकड़ा जा सके।

प्राचीन शहरों में सक्रिय तस्कर

इसी साल तिरुपति मंदिर में प्राचीन कलाकृतियों और आभूषणों की चोरी का मामला सामने आया था। जिसमें पुलिस ने मंदिर के ही कुछ पुजारियों पर शक जताया था। उस मामले में जांच अभी जारी है। तिरुपति ही नहीं, दक्षिण से उत्तर तक प्राचीन शहरों में तमाम मंदिर तस्करों के निशाने पर रहे हैं। इन तस्करी के इन गिरोहों का मास्टरमाइंड आजतक नहीं पकड़ा गया है। जानकारी के मुताबिक वाराणसी मूर्ति चोरी के गिरोहों का सबसे बड़ा सेंटर है। यहां सैकड़ों प्राचीन मंदिर हैं जिनमें बेशकीमती कलाकृतियां और मूर्तियां धूल खा रही हैं। मूर्ति तस्कर इन्हें चुराने के बाद ट्रेन से कोलकाता भेज देते हैं। जहां इन्हें विदेश पहुंचा दिया जाता है। 29 नवंबर 2004 को यहां मूर्ति चोरी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ भी हुआ था। इसमें पुलिस ने अष्टधातु की जगन्नाथ, सुभद्रा और रेवती की मूर्तियों के साथ सवा करोड़ रुपये भी बरामद किए थे। वाराणसी में इससे पहले गुरुधाम मंदिर से अष्टधातु की राधा, कृष्ण, बलराम की मूर्तियां चोरी हो चुकी थीं। इसी तरह रामनगर किले से गंगामूर्ति, केदार मंदिर से कुछ मूर्तियां, सारनाथ से सोने की गौतम बुद्ध की मूर्तियां भी चोरी हुई थीं। ये सारी मूर्तियां 2001 से 2005 के बीच चुराई गईं।

फरवरी 2018 में कर्नाटक के मेंगलुरु में कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई के एक नेता और उसके 5 साथियों को प्राचीन जैन मूर्तियों के साथ पकड़ा गया था। ये सभी ईसाई थे। उस मामले में भी यह बात सामने आई थी कि तस्करी के जरिए ये सारी प्राचीन कलाकृतियां यूरोप भेजी जाने वाली थीं। इस केस की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की थी कि एक बड़ी राजनेता के रिश्तेदारों का तस्करी के इस मामले में हाथ होने का शक है।

सुब्रह्मण्यम स्वामी का ट्वीट, जिसमें उन्होंने बताया है कि कैसे 2003 में वाजपेयी सरकार के समय उन्होंने जनहित याचिका के जरिए मामले की जांच की कोशिश की थी, लेकिन मामला दब गया था।

सुब्रह्मण्यम स्वामी के अंग्रेजी में दिए इस भाषण को 26वें मिनट के बाद सुनिए, जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी के खिलाफ चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। इनका हिंदी अनुवाद हमने अपने लेख में किया है।

नीचे आप सोनिया गांधी की बहन की दुकान की तस्वीर और उनका बिजनेस कार्ड देख सकते हैं। यह तस्वीर एक ट्विटर यूजर ने पोस्ट की है। हम इसकी सच्चाई और स्रोत के बारे में पुष्टि नहीं करते।

संदर्भ:

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  1. https://www.telegraphindia.com/india/sonia-antiques-case/cid/833598
  2. https://gwashingtoncom.blogspot.com/2014/04/sonia-gandhi-and-antique-idols-theft.html?m=1
  3. http://timesofindia.indiatimes.com/city/kochi/Cops-unravel-New-York-link-to-Sringeri-idol-theft/articleshow/13057098.cms
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