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बड़ा खुलासा, लंदन में वोटर भी रह चुके हैं ‘राहुल गांधी’!

दायीं तस्वीर ब्रिटिश वोटर लिस्ट की वेबसाइट की है। इसे आप नीचे भी देख सकते हैं। वेबसाइट पर ये लिस्ट अब हटाई जा चुकी है।

राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर छिड़े विवाद के बीच एक अहम जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक राहुल गांधी ने न सिर्फ ब्रिटिश नागरिकता हासिल की थी, बल्कि उनका नाम वहां की वोटर लिस्ट में भी था। यह आरोप लगता रहा है कि 2003 से 2009 के बीच राहुल गांधी ने ब्रिटेन में बैकॉप्स लिमिटेड नाम से एक कंपनी बनाई थी। इस कंपनी में वो डायरेक्टर थे। सबसे पहले बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने 2015 में यह खुलासा किया था कि बैकॉप्स लिमिटेड कंपनी के जो दस्तावेज हैं उनमें राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया है। स्वामी ने बताया था कि उन्होंने राहुल गांधी की इस कंपनी के दस्तावेज ब्रिटिश सरकार के कंपनी कानून विभाग से हासिल किए हैं। इनके मुताबिक 21 अगस्त 2003 को बैकॉप्स लिमिटेड कंपनी को ब्रिटेन में रजिस्टर कराया गया था। राहुल गांधी इस कंपनी में 65 फीसदी के हिस्सेदार थे। कंपनी के कागजात में डायरेक्टर के तौर पर राहुल गांधी का जन्मदिन भी दर्ज है। ये जन्मदिन वही है जो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का है। इस पूरे दस्तावेज में राहुल गांधी अपना स्थायी पता लंदन का ही बताया है।

ब्रिटिश वोटर लिस्ट में राहुल गांधी!

बैकॉप्स लिमिटेड के डायरेक्टर के तौर पर राहुल गांधी ने ब्रिटेन में इनकम टैक्स रिटर्न भी भरे। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अपनी बात को साबित करने के लिए 2006 में भरे गए इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी भी पेश की है। इसके बाद 2009 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कंपनी को बंद करने की अर्जी दे दी गई। खास बात है कि 2006 और 2009 के इन दोनों दस्तावेजों में राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया है। इसी दौरान उनका नाम लंदन की वोटर लिस्ट में भी था। वहां के चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अलग-अलग सालों में राहुल गांधी का नाम देखा जा सकता है। इसमें राहुल गांधी का पता लंदन में 2 फ्रोगनल वे लिखा गया है। ध्यान देने वाली बात है कि राहुल गांधी 2004 में ही भारतीय संसद के सदस्य बन चुके थे। इसका मतलब यह हुआ कि 2004 से 2009 तक पूरे पांच साल उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता के बावजूद सांसद का पद संभाला। इस दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और उन दिनों मीडिया कांग्रेस के इशारों पर नाचा करती थी। अगर ब्रिटिश वोटर लिस्ट का यह नाम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नहीं है तो इस स्थिति में उन्हें देश के लोगों को स्पष्टीकरण तो जरूर देना चाहिए। यह भी पढ़ें: सबसे पहले सुब्रह्मण्यम स्वामी ने खोली थी राहुल की नागरिकता की पोल

बीजेपी सांसद में की थी शिकायत

सुब्रह्मण्यम स्वामी के जुटाए तमाम दस्तावेजों के आधार पर दिल्ली से बीजेपी सांसद महेश गिरी ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को औपचारिक शिकायत भी भेजी थी, जिसे स्पीकर ने संसद की आचार समिति (एथिक्स कमेटी) के पास विचार के लिए भेज दिया। आचार समिति ने राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया। लेकिन बाद में इस मसले पर कमेटी की एक बार भी बैठक नहीं हुई। एथिक्स कमेटी के चेयरमैन लालकृष्ण आडवाणी थे। उन्होंने इस शिकायत पर विचार के लिए एक बार भी बैठक नहीं बुलाई। स्वामी ने कई स्तरों पर राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता का सवाल उठाया, लेकिन शायद राजनीतिक कारणों से किसी ने इस पर बोलना उचित नहीं समझा। मीडिया में भी यह मुद्दा कुछ खास तूल नहीं पकड़ सका। हालांकि वो ट्वीट करके लगातार इस बारे में लोगों को बताते रहे। स्वामी ने एक ट्वीट तब भी किया था जब महेश गिरी ने उनके दस्तावेजों के आधार पर लोकसभा स्पीकर को शिकायत की थी। वो ट्वीट आप नीचे देख सकते हैं। यह भी पढ़ें: किससे मिलने बार-बार विदेश जाते हैं राहुल गांधी?

(SS)

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