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चुनाव लड़तीं तो बुरी तरह फंस जातीं प्रियंका वाड्रा, जानिए वजह

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव न लड़ना लोगों के बीच बहस का मुद्दा बना हुआ है। कई लोग इस बात से नाराज हैं कि खुद चुनाव लड़ने का इशारा करके पीछे हट जाने से कार्यकर्ताओं के मनोबल पर बहुत बुरा असर पड़ा है। लेकिन इस पूरे मामले का असली कारण अब सामने आया है। यह कारण ऐसा है कि जानकर आप हैरान रह जाएंगे। समाजवादी पार्टी के सूत्रों ने साफ कर दिया है कि वो प्रियंका वाड्रा के चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार थे। अगर प्रियंका पीएम मोदी के खिलाफ पर्चा भरतीं तो समाजवादी पार्टी अपना उम्मीदवार नहीं उतारती। जब कांग्रेस खुद ही इससे पीछे हट गई तो फिर समाजवादी पार्टी को आनन-फानन में शालिनी यादव के नाम का एलान करना पड़ा। लेकिन प्रियंका को चुनाव लड़ाने से कांग्रेस क्यों पीछे हटी, इसका जवाब बेहद दिलचस्प है। वाराणसी में जिला कांग्रेस के नेताओं को करीब हफ्ते भर पहले बता दिया गया था कि वो वीवीआईपी उम्मीदवार की तैयारी में जुट जाएं। मतलब साफ था कि प्रियंका वाड्रा यहां से अपना नामांकन भरेंगी। इसके लिए कागजी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई। यह भी पढ़ें: जब हिंदू बनने के चक्कर में रंगे हाथ पकड़ी गईं प्रियंका वाड्रा

प्रियंका की जायदाद से फंस गया पेच!

प्रियंका वाड्रा ने कहा था कि राहुल गांधी चाहेंगे तो वो चुनाव लड़ेंगी। हमारे सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी इसके लिए पूरी तरह से सहमत थे। राहुल गांधी के ही दफ्तर की तरफ से समाजवादी पार्टी और बीएसपी को बताया गया था कि प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी। एसपी-बीएसपी की डील के तहत ये सीट समाजवादी पार्टी के पास है। कांग्रेस का संदेश मिलने के बाद उसने यहां से अपने उम्मीदवार का फैसला टाल दिया। उधर, वाराणसी में कांग्रेस पार्टी ने नामांकन के लिए हलफनामा तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जब प्रियंका के बैंक बैलेंस और दूसरी चल-अचल संपत्तियों का हिसाब लगाया गया तो पता चला कि अगर ये सब सार्वजनिक हो गया तो कांग्रेस के लिए बचाव करना मुश्किल हो जाएगा। प्रियंका वाड्रा कभी किसी कमाई वाले पद पर नहीं रहीं। उन्होंने कभी कोई कारोबार या नौकरी नहीं की। इसके बावजूद वो अरबों-खरबों की संपत्ति की मालकिन हैं। इसके अलावा उनके पति रॉबर्ट वाड्रा की भी संपत्ति है। जिसकी घोषणा उन्हें हलफनामे में करनी पड़ती। सूत्रों ने बताया कि प्रियंका वाड्रा के पास दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल जैसे राज्यों में प्रॉपर्टी है। उनके पास भारी मात्रा में सोना और दूसरे तरह की संपत्तियां भी हैं। पति की काली कमाई का कानूनी हिसाब-किताब अभी चल ही रहा है। लंदन में उनके बंगले की जानकारी काफी हद तक सामने आ चुकी है। ये सब कुछ उन्हें शपथपत्र देकर बताना पड़ता। ये सब देखकर गांधी परिवार के करीबियों के हाथ-पांव फूल गए। लिहाजा आखिरी पलों में यह फैसला हुआ कि प्रियंका चुनाव नहीं लड़ेंगी। यह भी पढ़ें: केरल में एक अपशकुन से डर गईं प्रियंका वाड्रा

बड़े-बड़े धनकुबेरों से भी अधिक अमीर

प्रियंका वाड्रा, उनके पति रॉबर्ट वाड्रा, बेटे रेहान और बेटी मिराया की घोषित संपत्ति लगभग 33 करोड़ रुपये बताई जाती है। उनके पास कई लग्जरी कारें, बाइक्स, फार्म हाउस भी हैं। एक अनुमान के मुताबिक कुल मिलाकर ये संपत्ति 500 करोड़ के भी ऊपर बैठेगी। असली आंकड़ा इससे भी कहीं ज्यादा पहुंच सकता है। मिसाल के तौर पर प्रियंका ने शिमला के पास एक पहाड़ खरीदकर उस पर अपना विशाल महलनुमा बंगला बनवाया है। ये बंगला कई बार तोड़ा गया और दोबारा बनाया गया क्योंकि प्रियंका को उसकी डिजाइन पसंद नहीं आया करती थी। 2015 में एक आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रियंका के बंगले पर चुकाई गई स्टैंप ड्यूटी की जानकारी हासिल करनी चाही तो प्रियंका के वकीलों ने ये कहते हुए इसका विरोध किया कि इससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। एक अनुमान के मुताबिक अकेले इस बंगले पर 85 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। प्रियंका से शादी से पहले रॉबर्ट वाड्रा की कुल संपत्ति 55 लाख हुआ करती थी। आज वो अरबपति हैं। हलफनामा दाखिल करने की स्थिति में यह साफ करना पड़ता कि वो कौन सा कारोबार था जिसके कारण संपत्ति में इतना भारी बढ़ोतरी हुई। बीजेपी यह दावा करती है कि प्रियंका वाड्रा भ्रष्टाचार के मामले में अपने परिवार के दूसरे सदस्यों से बढ़कर हैं। कुछ दिन पहले ही यह बात सामने आई थी कि उनके नाम से दिल्ली के महरौली में एक फार्महाउस है, जिसे उन्होंने शेयर घोटाले के आरोपी नीलेश शाह को किराये पर दिया था। जबकि फार्महाउस का कब्जा उन्हीं के पास बना रहा। यह भी पढ़ें: एक बंगले में एक साथ क्यों नहीं रहता गांधी परिवार

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